छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: अनुकंपा नियुक्ति पर सख्त टिप्पणी, सास की देखभाल जरूरी शर्त

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: अनुकंपा नियुक्ति पर सख्त टिप्पणी, सास की देखभाल जरूरी शर्त

Chhattisgarh High Courts Major Verdict

Chhattisgarh High Court's Major Verdict

नई दिल्ली। Chhattisgarh High Court's Major Verdict, छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने अनुकंपा नियुक्ति और पारिवारिक जिम्मेदारियों पर महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया। जस्टिस एके प्रसाद ने कहा कि अनुकंपा नियुक्ति किसी व्यक्तिगत उपहार या विरासत में मिली संपत्ति नहीं है, बल्कि यह परिवार को आर्थिक संकट से उबारने के लिए सरकार द्वारा दी जाने वाली सहायता है।

कोर्ट ने अनुकंपा नियुक्ति प्राप्त बहू को चेतावनी दी कि यदि वह अपनी सास के भरण-पोषण का ध्यान नहीं रखती है, तो उसकी नौकरी रद कर दी जाएगी।

बता दें कि अंबिकापुर निवासी ज्ञांती तिवारी के पति घनश्याम तिवारी पुलिस विभाग में कांस्टेबल थे, जिनका निधन वर्ष 2001 में हुआ। उनके बेटे अविनाश तिवारी को बाल आरक्षक के रूप में अनुकंपा नियुक्ति मिली लेकिन दिसंबर 2021 में उनका भी निधन हो गया।

इसके बाद बहू नेहा तिवारी को आठ मार्च 2022 को इस शर्त पर अनुकंपा नियुक्ति दी गई कि वह अपनी सास का ख्याल रखेगी। ज्ञांती देवी ने आरोप लगाया कि नौकरी मिलने के बाद बहू ने दु‌र्व्यवहार करते हुए उसे बेसहारा छोड़ दिया।

उन्होंने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर बहू की अनुकंपा नियुक्ति रद करने और अविवाहित पोती को नियुक्ति देने की मांग की थी।