Encroachment Removed from Public Land: सार्वजनिक भूमि से सीएचबी ने हटाये अतिक्रमण, ध्वस्त किये सात अवैध निर्माण
Encroachment Removed from Public Land

Encroachment Removed from Public Land: सार्वजनिक भूमि से सीएचबी ने हटाये अतिक्रमण, ध्वस्त किये सात अ

Encroachment Removed from Public Land: सार्वजनिक भूमि से सीएचबी ने हटाये अतिक्रमण, ध्वस्त किये सात अवैध निर्माण

चंडीगढ़, 17 अगस्त (साजन शर्मा) Encroachment Removed from Public Land: चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड ने बुधवार को मौलीजागरां में सात आवासीय इकाइयों में सार्वजनिक भूमि पर नए अनधिकृत निर्माण और अतिक्रमण को गिरा दिया। इनमें दो आवासीय इकाइयों में अतिरिक्त निर्माणों को तोड़ा गया जबकि पांच सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण व अनाधिकृत निर्माण हटाया गया। फिलहाल सीएचबी अतिक्रमण गिराये जाने की लागत की गणना कर रहा है जिसे आवंटियों से वसूल किया जाएगा और भुगतान न करने की स्थिति में उनका आवंटन रद्द किया जा सकता है। नए अवैध व अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए, सीएचबी जीरो टॉलरेंस नीति अपना रहा है। उल्लेखनीय है कि चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड का प्रवर्तन दस्ता सभी क्षेत्रों में नए उल्लंघनों विकल्पों की पहचान करने के लिए दैनिक निरीक्षण कर रहा है और ऐसे प्रत्येक मामले में प्रभावी कार्रवाई की जाती है।

मौके पर ही चालान जारी

प्रवर्तन दस्ते द्वारा मौके पर ही चालान जारी किया जा रहा है। दस्ते द्वारा मौके पर ही  निर्देश दिया जाता है कि आगे के निर्माण को तुरंत रोक दिया जाए और उसे हटा दिया जाए। चालान जारी करने के बाद, बार-बार निरीक्षण किया जाता है कि क्या आगे के निर्माण को रोक दिया गया है। नए निर्माणों की तस्वीरें भी ली जा रही हैं। यदि आगे निर्माण बंद कर दिया जाता है और आवंटी उल्लंघन को हटाना शुरू कर देता है, तो सीएचबी विध्वंस कार्य शुरू करने से पहले तीन दिन प्रतीक्षा करता है। यदि आगे के निर्माण को नहीं रोका जाता है, तो एक दिन भी प्रतीक्षा किए बिना तत्काल विध्वंस किया जा सकता है। सीएचबी अगर कार्रवाई करता है तो तुरंत या तीन दिनों के बाद विध्वंस के मामले में, विध्वंस की सभी लागत आवंटी से वसूल की जाएगी।

 

विध्वंस के दौरान आवश्यक पूर्व-सावधानी बरती

सीएचबी के सीईओ यशपाल गर्ग के मुताबिक विध्वंस के दौरान आवश्यक पूर्व-सावधानी बरती जाती है, लेकिन संभावना है कि आस-पास के ढांचे क्षतिग्रस्त हो सकते हैं और ऐसी स्थिति में आबंटिती अपने या आस-पास की इकाइयों को इस तरह के अतिरिक्त नुकसान के लिए जिम्मेदार होगा। उन्होंने कहा कि आवश्यक दस्तावेज जमा किए बिना और सीएचबी से अनुमति प्राप्त किए बिना अनुमति आवश्यकता आधारित परिवर्तन शुरू नहीं किया जा सकता है। सभी आवंटियों को, जिन्हें नए निर्माणों के खिलाफ चालान तोडफ़ोड़ नोटिस जारी किए गए हैं, से अनुरोध किया गया है कि चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड द्वारा विध्वंस से बचने के लिए इन उल्लंघनों को तुरंत दूर किया जाए। सभी आवंटियों से पुन: अनुरोध किया गया है कि वे किसी भी नए भवन का उल्लंघन न करें अन्यथा उन्हें उनके जोखिम और लागत पर ध्वस्त किया जा सकता है। चूंकि इन उल्लंघनों से न केवल आवासीय इकाइयों के लिए बल्कि विशेष इकाई के लिए और साथ ही आसपास की इकाई के लिए भी संरचना सुरक्षा मुद्दों का कारण बन सकता है। इसके अलावा सरकारी/सार्वजनिक भूमि पर सभी अतिक्रमणों को सीएचबी से बिना किसी नोटिस के तुरंत हटाया जाना चाहिए।