वेंडरों को तय वेंडिंग जोन में भेजे प्रशासन, फुटपाथ और बरामदों से हटाए कब्जे: मलकीत सिंह

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चंडीगढ़। administration-should-move-vendors, चंडीगढ़ में रेहड़ी-फड़ी विक्रेताओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने वाले मलकीत सिंह ने कहा कि शहर में अवैध रूप से बैठे वेंडरों के कारण चंडीगढ़ की सुंदरता और यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है। उन्होंने प्रशासन से सभी वेंडरों को केवल घोषित वेंडिंग जोन में ही स्थानांतरित करने की मांग की है।


मलकीत सिंह ने कहा कि शहर के कई इलाकों में वेंडरों ने शोरूमों के सामने बने बरामदों, पार्किंग स्थलों और फुटपाथों पर कब्जा कर रखा है। इससे आम लोगों, विशेषकर मनीमाजरा में स्कूली बच्चों और अस्पताल जाने वाले मरीजों को फुटपाथ छोड़कर सड़क पर चलने के लिए मजबूर होना पड़ता है, जिससे हादसों का खतरा बना रहता है।


उन्होंने कहा कि प्रशासन पहले ही रेहड़ी मार्केट और वेंडिंग जोन विकसित कर चुका है। मनीमाजरा में पांच वेंडिंग जोन होने के बावजूद अधिकांश वेंडर वहां नहीं जाते और शोरूमों के सामने ही कारोबार करते हैं। उनका आरोप है कि कुछ शोरूम संचालक भी प्रतिदिन पैसे लेकर वेंडरों को अपने प्रतिष्ठानों के सामने बैठने की अनुमति देते हैं।


मलकीत सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि नगर निगम बड़ी संख्या में नए वेंडरों को लाइसेंस जारी कर रहा है, लेकिन उन्हें निर्धारित वेंडिंग जोन में भेजने के नियमों का पालन नहीं कराया जा रहा। उन्होंने कहा कि इस संबंध में नगर निगम आयुक्त सहित कई अधिकारियों के समक्ष शिकायतें की गईं, लेकिन कार्रवाई के बजाय केवल लीपापोती होती रही।


उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने मामले की गंभीरता को समझते हुए महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अब प्रशासन को चाहिए कि सभी वेंडरों को घोषित वेंडिंग जोन में शिफ्ट कर सार्वजनिक स्थानों को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए, ताकि शहर की सुंदरता और यातायात व्यवस्था दोनों बनी रह सकें।


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