CBI निदेशक प्रवीण सूद को मिला एक साल का सेवा विस्तार: अब 2027 तक संभालेंगे कमान

CBI निदेशक प्रवीण सूद को मिला एक साल का सेवा विस्तार: अब 2027 तक संभालेंगे कमान

CBI Director Praveen Sood Granted

CBI Director Praveen Sood Granted

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो CBI के निदेशक प्रवीण सूद का कार्यकाल एक वर्ष के लिए बढ़ा दिया है। उनका मौजूदा कार्यकाल 24 मई 2026 को समाप्त हो रहा था, जिसे अब बढ़ाकर 24 मई 2027 तक कर दिया गया है। कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने इस संबंध में आदेश जारी किया।

रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली चयन समिति की बैठक में नए CBI निदेशक के नाम पर सहमति नहीं बन सकी। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहु गांधी ने प्रस्तावित नामों पर सहमति नहीं दी, जिसके बाद सरकार ने प्रवीण सूद को ही सेवा विस्तार देने का निर्णय लिया।

कौन हैं प्रवीण सूद?

प्रवीण सूद 1986 बैच के IPS अधिकारी हैं और कर्नाटक कैडर से आते हैं। उनका जन्म वर्ष 1964 में हुआ था। उन्होंने आईआईटी दिल्ली से स्नातक की पढ़ाई पूरी की और इसके बाद भारतीय पुलिस सेवा में शामिल हुए।

वे मई 2023 में CBI निदेशक नियुक्त किए गए थे। इससे पहले वे कर्नाटक के पुलिस महानिदेशक DGP के पद पर कार्यरत थे।

शिक्षा और अंतरराष्ट्रीय अनुभव

प्रवीण सूद ने IIM बैंगलोर और मैक्सवेल स्कूल ऑफ सिटिजनशिप एंड पब्लिक अफेयर्स से पब्लिक पॉलिसी और मैनेजमेंट में उच्च शिक्षा प्राप्त की।

1999 से 2002 के बीच वे मॉरीशस सरकार के पुलिस सलाहकार के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। इस दौरान उन्हें यूरोपीय और अमेरिकी पुलिस तंत्र के साथ काम करने का अनुभव मिला।

कर्नाटक पुलिस में लंबा अनुभव

प्रवीण सूद ने अपने करियर की शुरुआत 1989 में मैसूर में सहायक पुलिस अधीक्षक के रूप में की थी। इसके बाद उन्होंने बेल्लारी, रायचूर, बेंगलुरु और मैसूर जैसे महत्वपूर्ण जिलों में कई जिम्मेदार पद संभाले।

बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस में रहते हुए उन्होंने तकनीक आधारित ट्रैफिक प्रबंधन प्रणाली विकसित करने में अहम भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व में शहर में अत्याधुनिक ट्रैफिक मैनेजमेंट सेंटर स्थापित किया गया।

'नम्मा 100' और साइबर अपराध नियंत्रण की पहल

बेंगलुरु पुलिस आयुक्त के रूप में उन्होंने ‘Namma 100’ इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम शुरू किया, जिसने पुलिस प्रतिक्रिया समय को काफी कम किया।

इसके अलावा, उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा के लिए ‘Suraksha App’ और ‘Pink Hoyasala’ जैसी पहलें भी शुरू कीं। साइबर अपराध जांच और प्रशिक्षण के लिए उन्होंने इन्फोसिस फाउंडेशन के सहयोग से आधुनिक सेंटर स्थापित कराया।

कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित

प्रवीण सूद को उत्कृष्ट सेवा के लिए कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिल चुके हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • मुख्यमंत्री स्वर्ण पदक (1996)
  • मेरिटोरियस सर्विस के लिए पुलिस पदक (2002)
  • विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक (2011)
  • प्रिंस माइकल इंटरनेशनल रोड सेफ्टी अवार्ड
  • राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस गोल्ड मेडल

क्यों चर्चा में हैं?

प्रवीण सूद का कार्यकाल ऐसे समय बढ़ाया गया है जब नए CBI निदेशक के चयन पर सहमति नहीं बन पाई। CBI देश की सबसे महत्वपूर्ण जांच एजेंसियों में से एक है और इसके निदेशक की नियुक्ति प्रधानमंत्री, भारत के मुख्य न्यायाधीश (या उनके प्रतिनिधि) और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष की समिति द्वारा की जाती है।

सरकार के इस फैसले के बाद प्रवीण सूद अब अगले एक साल तक देश की प्रमुख जांच एजेंसी का नेतृत्व करते रहेंगे।