छत्तीसगढ़ में सियासी गरमाहट: विवादों के साए में भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो, जानिए सेना के कमांडो से माननीय बनने तक का पूरा सफर

छत्तीसगढ़ में सियासी गरमाहट: विवादों के साए में भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो, जानिए सेना के कमांडो से माननीय बनने तक का पूरा सफर

BJP MLA Ramkumar Toppo Under the Shadow of Controversy

BJP MLA Ramkumar Toppo Under the Shadow of Controversy

नई दिल्ली। BJP MLA Ramkumar Toppo Under the Shadow of Controversy, छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले की सीतापुर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो इन दिनों सुर्खियों में हैं। उन पर एक नायब तहसीलदार के साथ कथित मारपीट का आरोप लगा है, जिसके बाद यह मामला राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।

पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। बताया जा रहा है कि 29 मई को रामकुमार टोप्पो सरेंडर करने जा रहे थे, लेकिन रास्ते में उनके समर्थकों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-43 पर चक्काजाम कर दिया। समर्थक उनकी गाड़ी के आगे लेट गए और उन्हें वापस लौटने के लिए मजबूर कर दिया।

विधायक टोप्पो ने समर्थकों के इस कदम को जनता का सम्मान बताया है। वहीं, घटना के विरोध में कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संगठन और संबंधित नायब तहसीलदार ने पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) को ज्ञापन सौंपकर विधायक की गिरफ्तारी की मांग की है।

कैसा है रामकुमार टोप्पो का राजनीतिक सफर?

रामकुमार टोप्पो सरगुजा जिले की सीतापुर (अनुसूचित जनजाति आरक्षित) सीट से भाजपा विधायक हैं। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और तत्कालीन मंत्री अमरजीत भगत को करीब 17,160 वोटों से हराकर बड़ी जीत दर्ज की थी।

यह उनका पहला विधानसभा चुनाव था और इसी जीत के साथ वह पहली बार विधायक बने। वर्तमान में उन्हें भाजपा के उभरते आदिवासी नेताओं में गिना जाता है। सीतापुर क्षेत्र में उनकी पहचान एक युवा जनजातीय चेहरे के रूप में बनी है।

उनके राजनीति में आने की कहानी भी काफी चर्चित रही है। बताया जाता है कि क्षेत्र की 5000 से अधिक महिलाओं ने खून से पत्र लिखकर उन्हें चुनाव लड़ने की अपील की थी। इसके बाद उन्होंने राजनीति में आने का फैसला किया और भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़कर जीत हासिल की।

सेना और सुरक्षा सेवा का अनुभव

रामकुमार टोप्पो का जन्म वर्ष 1992 में सरगुजा जिले के सीतापुर क्षेत्र में हुआ था। उनके पिता का नाम गणेश राम है। उन्होंने रायपुर स्थित मात्स यूनिवर्सिटी से स्नातक (बीए) की पढ़ाई की है। राजनीति में आने से पहले वह सुरक्षा बलों में सेवाएं दे चुके हैं।

विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने सीआरपीएफ की वैली क्विक एक्शन टीम में कमांडो के रूप में काम किया था। सेवा के दौरान उन्हें बहादुरी के लिए सम्मानित भी किया गया। इसके अलावा, रामकुमार टोप्पो केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सुरक्षा व्यवस्था में भी तैनात रह चुके हैं। सेना और सुरक्षा सेवाओं के अनुभव के बाद उन्होंने राजनीति का रास्ता चुना और आज भाजपा के सक्रिय जनप्रतिनिधियों में शामिल हैं।