Nitish Kumar Rajya Sabha: नीतीश कुमार छोड़ रहे बिहार की कमान; CM पद से हटकर राज्यसभा के लिए भरेंगे नामांकन

नीतीश कुमार छोड़ रहे बिहार की कमान; CM पद से हटकर राज्यसभा के लिए भरेंगे नामांकन, बेटे निशांत को डिप्टी CM बनाए जाने की चर्चा

Bihar Politics Nitish Kumar Rajya Sabha Nomination Breaking News

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Nitish Kumar Rajya Sabha: बिहार में बड़ा सियासी उलटफेर होने जा रहा है। बिहार के 'सुशासन बाबू' कह जाने वाले CM नीतीश कुमार बिहार की कमान छोड़ रहे हैं। 20 साल से अधिक समय तक बिहार की राजनीति और सत्ता की धुरी बने रहे नीतीश कुमार ने अब संसद के उच्च सदन राज्यसभा में जाने की तैयारी कर ली है। बताया जा रहा है कि नीतीश कुमार आज 5 मार्च को राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन का पर्चा भरेंगे। नामांकन का आज आखिरी दिन है। नीतीश के नामांकन भरने के दौरान गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहेंगे।

मैं राज्यसभा का सदस्य बनना चाह रहा हूं

एक दिन पहले तक तो नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने को लेकर सिर्फ अटकलें ही लगती रहीं लेकिन आज बुधवार सुबह नीतीश कुमार ने खुद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए आधिकारिक तौर से यह जानकारी दी है कि वह राज्यसभा का सदस्य बनना चाह रहे हैं। इसके साथ ही नीतीश कुमार ने बिहार में बनने वाली नई सरकार को लेकर कहा कि जो नई सरकार बनेगी उसको उनका पूरा सहयोग एवं मार्गदर्शन रहेगा। साथ ही नीतीश ने बिहार के लोगों का आभार भी व्यक्त किया, जिन्होंने उन्हें इतने लंबे समय तक बिहार की जिम्मेदारी दी।  

दरअसल नीतीश कुमार ने लिखा, ''पिछले दो दशक से भी अधिक समय से आपने अपना विश्वास एवं समर्थन मेरे साथ लगातार बनाए रखा है, तथा उसी के बल पर हमने बिहार की और आप सब लोगों की पूरी निष्ठा से सेवा की है। आपके विश्वास और समर्थन की ही ताकत थी कि बिहार आज विकास और सम्मान का नया आयाम प्रस्तुत कर रहा है। इसके लिए पूर्व में भी मैंने आपके प्रति कई बार आभार व्यक्त किया है।''

नीतीश ने आगे लिखा, ''संसदीय जीवन शुरू करने के समय से ही मेरे मन में एक इच्छा थी कि मैं बिहार विधान मंडल के दोनों सदनों के साथ संसद के भी दोनों सदनों का सदस्य बनूँ। इसी क्रम में इस बार हो रहे चुनाव में राज्यसभा का सदस्य बनना चाह रहा हूँ। मैं आपको पूरी ईमानदारी से विश्वास दिलाना चाहता हूँ कि आपके साथ मेरा यह संबंध भविष्य में भी बना रहेगा एवं आपके साथ मिलकर एक विकसित बिहार बनाने का संकल्प पूर्ववत कायम रहेगा। जो नई सरकार बनेगी उसको मेरा पूरा सहयोग एवं मार्गदर्शन रहेगा।''

Nitish Kumar Nomination

JDU कार्यकर्ताओं का विरोध

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के विरोध में JDU कार्यकर्ता मुख्यमंत्री आवास के बाहर एकत्रित हो रहे हैं और वह इसका विरोध कर रहे हैं। नीतीश कुमार के समर्थन में नारे लगाए जा रहे हैं। नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने को लेकर एक जदयू कार्यकर्ता ने कहा, "ये दुखद है। जो नीतीश कुमार छात्र आंदोलन से लेकर आज तक बिहार की जनता की सेवा करते रहे। बिहार की जनता उन्हें अपना परिवार मानती है। नीतीश कुमार के अलावा दूसरा कोई यहां मुख्यमंत्री नहीं हो सकता है। हम चाहते हैं कि नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री बने रहें।"

इधर मुख्यमंत्री आवास के बाहर जुटे JDU नेता राजीव रंजन पटेल ने कहा, पता चला है कि नीतीश कुमार राज्यसभा में जाएंगे,इसलिए किसी जदयू नेता ने होली नहीं मनाई है। हम लोगों की होली खराब कर दी गई है। हम लोग हर हाल में बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर नीतीश कुमार को ही देखना चाहते हैं। बिहार की जनता ने, कार्यकर्ताओं ने नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाने के लिए खून-पसीना एक करके अपना बहुमत दिया है, न कि बीच में उनका कार्यकाल छोड़ने के लिए। हम नहीं चाहते हैं कि बिहार की बागडोर किसी दूसरे के  हाथों में जाए।

हम लोग रोएं नहीं तो क्या करें?

पटेल ने कहा, "हम लोग रोएं नहीं तो क्या करें?... लाठी खाकर, लात खाकर हम लोगों ने नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाया, 2025 में हमने नीतीश कुमार के नाम पर घर-घर जाकर वोट मांगें। आज नीतीश कुमार मुख्यमंत्री नहीं रहे तो बिहार के लोग कहां जाएंगे? आज ही आप चुनाव करवा लें और जिसे मुख्यमंत्री बनाना है बना लें। कार्यकर्ताओं की यही मांग है कि नीतीश कुमार के बेटे निशांत को राज्यसभा भेजें। यदि किसी को मुख्यमंत्री बदलने की इच्छा है और उन्हें लगता है कि उनमें नेतृत्व बदलने की ताकत है तो वे चुनाव करवा लें और बहुमत ले लें हम कुछ नहीं कहेंगे। हम लोग यहां पर रहेंगे और नीतीश कुमार को नामांकन भरने के लिए नहीं जाने देंगे। निशांत कुमार का नामांकन होगा, नीतीश कुमार को हम जाने नहीं देंगे।"

नीतीश कुमार कब-कब बने बिहार के CM?

नीतीश कुमार सबसे पहले मार्च 2000 में हुए चुनाव के बाद करीब 7 दिन के लिए बिहार के सीएम बने थे। उस वक्त नीतीश कुमार की सरकार बहुमत हासिल न कर पाने के कारण गिर गई। फिर नवम्बर 2005 में चुनाव के बाद नीतीश कुमार दूसरी बार बिहार के सीएम बने। इस दौरान नीतीश कुमार ने 5 साल का कार्यकाल पूरा किया। वहीं नवम्बर 2010 में चुनाव के बाद नीतीश कुमार ने तीसरी बार सीएम पद की शपथ ली और लगभग 3.5 साल के लिए बिहार के सीएम रहे। इसके बाद बिहार में राष्ट्रपति शासन लगा।

वहीं फरवरी 2015 में नीतीश कुमार ने मांझी को हटाकर चौथी बार सीएम पद की शपथ ली और करीब 9 महीना बिहार के सीएम रहे। जबकि नवम्बर 2015 में हुए चुनाव बाद पाँचवीं बार नीतीश कुमार ने सीएम पद की शपथ ली और 1.8 साल तक बिहार के सीएम रहे। वहीं जुलाई 2017 में फिर से नीतीश कुमार पलटे और छठी बार सीएम पद की शपथ ली और इस दौरान 3.4 साल के लिए बिहार के सीएम रहे। इसके बाद आगे भी नीतीश के सीएम बनने का सिलसिला जारी रहा.

नवम्बर 2020 में हुए चुनाव के बाद नीतीश कुमार ने 7वीं बार सीएम पद की शपथ ली और लगभग 19 महीने बिहार के सीएम रहे। क्योंकि अगस्त 2022 में बीजेपी का साथ छोड़ने और RJD के साथ जाने के बाद नीतीश कुमार ने 8वीं बार सीएम पद की शपथ ली और करीब 1.5 महीना बिहार के सीएम रहे। इसके बाद जनवरी 2024 में फिर से बीजेपी के साथ आकर 9वीं बार नीतीश कुमार बिहार के सीएम बने। वहीं 2025 विधानसभा चुनाव के बाद नीतीश ने 20 नवंबर को 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी.

केंद्र में मंत्री रहे नीतीश कुमार

ज्ञात रहे कि जेडीयू सुप्रीमो नीतीश कुमार केंद्र सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। नीतीश ने मार्च 1998 से अगस्त 1999 और फिर मार्च 2001 से मई 2004 तक पूर्व अटल बिहारी बाजपाई की सरकार में रेल मंत्रालय संभाला और बतौर रेल मंत्री रेलवे व्यवस्था में कई अहम बदलाव किए। रेल मंत्री रहने के अलावा नीतीश केंद्रीय परिवहन मंत्री, केंद्रीय कृषि मंत्री और केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भी रहे। नीतीश कुमार की गिनती देश के ऐसे नेताओं में की जाती रही है जो पक्ष और विपक्ष दोनों के लिए मजबूरी रहे हैं। यानि चाहें सत्ता पक्ष हो या विपक्ष, दोनों खेमों ने नीतीश कुमार को अपने पाले में रखने की कोशिश की है। इसीलिए नीतीश कुमार के बारे में एक स्लोगन भी खूब चर्चा में रहता है कि ''नीतीश सबके हैं''