बंगाल में कौन-कौन बना मंत्री; BJP की पहली सरकार में इन विधायकों को जगह, CM पद की रेस में रहे ये 2 बड़े चेहरे भी शामिल
Bengal New BJP Ministers Oath With Suvendu Adhikari in Kolkata
Bengal New Ministers Oath: पश्चिम बंगाल में प्रचंड एतिहासिक जीत के बाद अब बीजेपी ने अपनी सरकार बना ली है। आज शनिवार (9 मई) को सुवेंदु अधिकारी (55 साल) ने बंगाल के CM पद की शपथ ग्रहण की। कोलकाता (Kolkata) के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में राज्यपाल आर. एन. रवि ने सुवेंदु अधिकारी को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। सुवेंदु अधिकारी इस पद पर पहुंचने वाले बंगाल में बीजेपी के पहले नेता हैं। बंगाल में बीजेपी के पहले CM के रूप में उनके नाम ये नया रिकॉर्ड जुड़ गया है।
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बंगाल की नई सरकार में कौन-कौन बना मंत्री?
बंगाल की नई सरकार में कौन-कौन मंत्री बना है? आइये यह भी जान लेते हैं। बता दें कि CM सुवेंदु अधिकारी के साथ 5 बीजेपी विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली है। ये बंगाल में BJP की पहली सरकार में जगह लेंगे। इनमें CM पद की रेस में शामिल रहे 2 चेहरे भी शामिल हैं। दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, खुदीराम टुडु और निशीथ प्रमाणिक ने मंत्री पद की शपथ ग्रहण की है। बीजेपी ने मंत्रियों के चुनाव में सामाजिक समीकरणों का बखूबी ध्यान रखा और सरकार में अलग-अलग समुदायों को प्रतिनिधित्व दिया गया। ज्ञात रहे अग्निमित्रा पॉल और दिलीप घोष का नाम सीएम बनने की चर्चा में भी शामिल था।
कौन हैं सुवेंदु अधिकारी? जो 2020 में TMC छोड़ कर आए और BJP ने CM बना दिया
कौन हैं दिलीप घोष?
2026 के विधानसभा चुनाव में दिलीप घोष (61 साल) खड़गपुर सदर विधानसभा सीट से जीतकर आए हैं। वह बंगाल की राजनीति में बीजेपी का एक बड़ा चेहरा माने जाते हैं और दिल्ली तक अपनी मजबूत पकड़ रखते हैं। यानि पीएम मोदी और अमित शाह के भी करीबी हैं। वह इससे पहले भी 2016 से 2019 तक पश्चिम बंगाल विधानसभा में खड़गपुर सीट से विधायक रहे हैं। इसके अलावा घोष मेदिनीपुर लोकसभा सीट से सांसद रह चुके हैं और 2019 से जून 2024 तक लोकसभा सदस्य के रूप में कार्य किया। संसद में रहते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण समितियों में जिम्मेदारी भी निभाई।
वहीं दिलीप घोष ने बंगाल में संगठन स्तर पर भी बीजेपी में कई अहम जिम्मेदारियां संभालीं। वे 2020 से 2023 तक पश्चिम बंगाल बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रहे। इससे पहले 2015 से 2020 तक और फिर 2014 से 2015 तक वे पार्टी के प्रदेश महासचिव रहे। साल 2021 से 2023 तक उन्होंने बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के रूप में भी काम किया। राजनीति में सक्रिय होने से पहले दिलीप घोष राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े रहे। वर्ष 1999 से 2007 तक वे अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में आरएसएस के प्रभारी रहे।

कौन हैं अग्निमित्रा पॉल?
2026 के बंगाल विधानसभा चुनाव में अग्निमित्रा पॉल (51 साल) आसनसोल दक्षिण सीट से विधायक चुनी गई हैं। अग्निमित्रा फैशन डिजानिंग का करियर छोड़ राजनीति में आईं। राजनीति में आने से पहले वह कोलकाता की जानी-मानी फैशन डिजाइनर थीं। 23 मार्च 2019 को वह बीजेपी में शामिल हुईं। अग्निमित्रा पॉल पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की प्रमुख नेताओं में गिनी जाती हैं और बंगाल में बीजेपी का एक मुखर चेहरा हैं। उन्होंने 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में आसनसोल से तृणमूल कांग्रेस की उम्मीदवार सायोनी घोष को हराकर जीत हासिल की थी।
अग्निमित्रा पॉल ने बंगाल के बीजेपी संगठन में भी अहम भूमिका निभाई। पॉल ने बीजेपी महिला मोर्चा पश्चिम बंगाल की प्रदेश अध्यक्ष के रूप में भी काम किया। दिसंबर 2021 में उन्हें पश्चिम बंगाल बीजेपी का महासचिव बनाया गया। बाद में 7 जनवरी 2026 को उन्हें पश्चिम बंगाल बीजेपी का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया। अग्निमित्रा पॉल ने 2022 के आसनसोल लोकसभा उपचुनाव में भी चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें अभिनेता और राजनेता शत्रुघ्न सिन्हा से हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में मेदिनीपुर सीट से चुनाव लड़ा, जहां उन्हें अभिनेत्री और नेता जून मालिया ने हराया।

अशोक कीर्तनिया मंत्री पद की शपथ लेते हुए (पश्चिम बंगाल के बांगांव उत्तर विधानसभा क्षेत्र से विधायक बने हैं)

खुदीराम टुडु मंत्री पद की शपथ लेते हुए (पश्चिम बंगाल के रानीबांध (एसटी) विधानसभा क्षेत्र से विधायक बने हैं)
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निशीथ प्रमाणिक मंत्री पद की शपथ लेते हुए (माथाभांगा सीट से विधायक चुने गए, उत्तर बंगाल क्षेत्र में बीजेपी को मजबूत करने में अहम भूमिका)

बंगाल में 207 सीटों पर बीजेपी की बड़ी जीत
बंगाल में बीजेपी की सिर्फ जीत नहीं हुई है बल्कि सुनामी आई है। बीजेपी ने 294 विधानसभा सीटों वाले बंगाल में 207 सीटें जीतकर इतिहास रच दिया है। ममता बनर्जी के हाथों से 15 साल की सत्ता खिसक गई है। TMC को 80 सीटों पर सिमटकर संतोष करना पड़ा। सरकार बनाने के लिए पश्चिम बंगाल में बहुमत के लिए 148 सीटों की जरूरत होती है। इस बार बंगाल में दो चरणों में विधानसभा चुनाव संपन्न कराया गया था। दोनों ही चरणों में बंगाल के इतिहास के में रिकॉर्ड 90% से ज्यादा वोटिंग हुई। इस बंपर वोटिंग को देख बीजेपी अपने लिए फायदा पहुंचने की उम्मीद कर रही थी और इसमें अपनी जीत देख रही थी।
2021 के चुनाव में BJP को 77 सीटें मिलीं
गौरतलब है कि 2021 के बंगाल विधानसभा चुनाव में TMC ने तीसरी बार सत्ता हासिल की थी। यानि बंगाल में 2011 से 2021, तीसरी बार लगातार ममता की सरकार बनी थी। वहीं इस चुनाव में बीजेपी ने 77 सीटें जीतकर एक नया रिकॉर्ड भी बनाया था। बीजेपी ने एक लंबी छलांग मारी थी। क्योंकि इससे पहले 2016 के चुनाव में बीजेपी बंगाल में 3 सीटें जीत पाई थी। जबकि इससे पहले 2011 में बीजेपी 0 थी। आपको यह भी बता दें कि पश्चिम बंगाल के चुनावी इतिहास में विपक्ष के लिए 100 सीटों का आंकड़ा पार करना हमेशा से एक बड़ी चुनौती रहा है। ये सिलसिला अबकी फिर से बरकरार रहा। अब विपक्ष में TMC है।