"नक्सलवाद के 'लाल आतंक' से मुक्त हुआ बस्तर" — लोकसभा में अमित शाह का बड़ा एलान

"नक्सलवाद के 'लाल आतंक' से मुक्त हुआ बस्तर" — लोकसभा में अमित शाह का बड़ा एलान

"Bastar Liberated from the 'Red Terror' of Naxalism"

नई दिल्ली/रायपुर: "Bastar Liberated from the 'Red Terror' of Naxalism", केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को लोकसभा में कहा कि बस्तर लगभग अब मुक्त हो चुका है। शाह ‘नक्सल मुक्त भारत’ के मुद्दे पर देश को वामपंथी उग्रवाद से मुक्त करने के प्रयासों पर चल रही चर्चा के दौरान सदन को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि वामपंथी विचारधारा के कारण ये नक्सलवाद फैला है। इससे साथ ही उन्होंने नक्सलवाद के खात्मे का श्रेय सुरक्षाबल के जवान और बस्तर के आदिवासियों को दिया।


अमित शाह ने किसे दिया श्रेय
अमित शाह ने सदन में कहा कि नक्सलवाद को खत्म करने का श्रेय CAPF खासकर कोबरा, छत्तीसगढ़ पुलिस, सीआरपीएफ के जवान और वहां के आदिवासी बाशिंदों को जाता है। जहां पर वामपंथी उग्रवाद समाप्त होने जा रहा है। अमित शाह ने यह बातें केंद्र सरकार की डेडलाइन खत्म होने के एक दिन पहले कही है। केंद्र सरकार ने नक्सलवाद के खात्मे के लिए 31 मार्च 2026 की डेडलाइन घोषित की थी।

अमित शाह ने बताई तीन तारीखें
सदन को संबोधित करते हुए अमित शाह ने तीन तारीखों का भी जिक्र किया। अमित शाह ने कहा कि 20 अगस्त 2019, 24 अगस्त 2024 और 31 मार्च 2026, तीन तारीख बताना चाहता हूं। 20 अगस्त 2019 को गृह मंत्रालय में एक मीटिंग हुई। पूर्व नक्सलियों को खुफिया इनपुट में लेने का काम इस मीटिंग में डिजाइन किया गया। अमित शाह ने कहा कि इस मिशन में देरी क्यों हुई इसका कारण था छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार थी। छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने नक्सलवादियों को बचाकर रखा।


अमित शाह ने कहा कि मुझे किसी व्यक्ति के सामने नहीं करना है। भूपेश बघेल को पूछो प्रूफ दूं क्या यहां पर। हां बोलें तो बोलो, वरना फंस जाओगे। 2023 में छत्तीसगढ़ में सरकार बदली और दूसरे ही महीने वहां गया था। जिसके बाद नक्सलवाद के खात्मे की स्क्रिप्ट लिखी गई।


अमित शाह ने बताया क्यों फैली नक्सलवाद की विचारधारा
लोकसभा में नियम 193 के तहत वामपंथी उग्रवाद के खात्मे से जुड़ी चर्चा का जवाब देते हुए गृह मंत्री ने कहा कि अब नक्सलवाद से मुक्त भारत की रचना भी नरेंद्र मोदी के शासन के अंदर हो रही है। ये 12 साल, एक प्रकार से, देश के लिए बहुत शुभ साबित हुए हैं। नक्सलवाद की जड़ विकास की मांग नहीं है। यह एक विचारधारा है, वह विचारधारा जिसे इंदिरा गांधी ने 1970 में राष्ट्रपति चुनाव जीतने के लिए अपनाया था। नक्सलवाद ठीक इसी वामपंथी विचारधारा के कारण फैला है।

अमित शाह के भाषण की मुख्य बातें

  • अमित शाह ने सदन में कहा- बस्तर से नक्सलवाद पूरी तरह से खत्म।
  • बस्तर के लोग इसलिए पीछे रह गए, क्योंकि यहां 'लाल आतंक' का साया था।
  • 4,800 से अधिक नक्सलियों ने सरकार के पुनर्वास कार्यक्रम के तहत सरेंडर किया।
  • अमित शाह ने कहा कि देश में अब केवल दो ही जिले नक्सल प्रभावित बचे हैं।


बस्तर नक्सलवाद से मुक्त
अमित शाह ने कहा कि बस्तर से नक्सलवाद लगभग पूरी तरह खत्म हो चुका है। गांव में स्कूल खोलने के लिए अभियान चल रहा है। हर गांव में सरकार की योजना पहुंच रही है। राशन की दुकान, हर तहसील और पंचायत में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित हो रहे हैं। लोगों को यहां अनाज मिल रहा है।