बिहार टेंडर घोटाला: ठेकेदार रिशु श्री की गिरफ्तारी से हड़कंप, करोड़ों की संपत्ति का खुलासा

बिहार टेंडर घोटाला: ठेकेदार रिशु श्री की गिरफ्तारी से हड़कंप, करोड़ों की संपत्ति का खुलासा

Bihar Tender Scam: Contractor Rishu Shri Arrest Sparks Uproar

Assets Worth Crores Uncovered

Bihar News: Assets Worth Crores Uncovered, बिहार में टेंडर घोटाले को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है, जहां हाईप्रोफाइल ठेकेदार रिशु श्री की गिरफ्तारी के बाद प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। SVU की छापेमारी में करोड़ों की संपत्ति, सोने-हीरे के आभूषण और जमीन से जुड़े कई अहम दस्तावेज मिलने के बाद जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, पटना में टेंडर घोटाले के मामले में विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने चर्चित ठेकेदार रिशु श्री को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों का दावा है कि वह सरकारी टेंडरों में गड़बड़ी कर अधिकारियों तक कमीशन पहुंचाने और अवैध तरीके से करोड़ों की संपत्ति जुटाने में शामिल था। इस कार्रवाई के बाद बिहार के प्रशासनिक तंत्र में हलचल तेज हो गई है।

क्या-क्या मिला छापेमारी के दौरान?

पटना में बुधवार को हुई छापेमारी के दौरान जांच एजेंसियों ने रिशु श्री के ठिकानों से करीब दो करोड़ रुपये मूल्य के सोने और हीरे के आभूषण, भारी मात्रा में नकदी तथा 61 सेल डीड से जुड़े दस्तावेज बरामद किए। अधिकारियों के मुताबिक अब उसकी लगभग 68 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। जांच में यह भी सामने आया है कि वह सरकारी टेंडर सेट कराने के बदले करीब 9 प्रतिशत तक कमीशन वसूलता था।

कई वरिष्ठ IAS अधिकारियों और इंजीनियरों के नाम

जांच एजेंसियों की पड़ताल में कई वरिष्ठ IAS अधिकारियों और इंजीनियरों के नाम भी सामने आने की बात कही जा रही है। आरोप है कि रिशु श्री ने विभागीय अफसरों के साथ मिलकर टेंडर की शर्तों को इस तरह तैयार कराया, जिससे चुनिंदा कंपनियों को लाभ मिल सके। इसके बदले करोड़ों रुपये के अवैध लेनदेन की आशंका जताई जा रही है। ईडी और SVU की जांच के दायरे में जल संसाधन, नगर विकास और भवन निर्माण विभाग के कई अधिकारी बताए जा रहे हैं।रिशु श्री से पूछताछ जारी

सूत्रों के मुताबिक रिशु श्री से रिमांड पर लेकर आगे पूछताछ की जा सकती है ताकि पूरे टेंडर नेटवर्क और कथित IAS लॉबी के कनेक्शन का खुलासा हो सके। विपक्ष ने भी मामले की सीबीआई जांच की मांग तेज कर दी है। बिहार में यह मामला अब बड़े राजनीतिक और प्रशासनिक घोटाले के रूप में देखा जा रहा है।