पंचाग्नि तपस्या के साथ लगता है कष्ट हर दरबार

पंचाग्नि तपस्या के साथ लगता है कष्ट हर दरबार

Amidst the penance of the Five Fires

Amidst the penance of the Five Fires

मोहित पौलस्त्य द्वारा
पिहोवा।21 मई। Amidst the penance of the Five Fires: 
आकाश से बरसती आग भयंकर गर्मी और उसी के साथ ही पांचो दिशाओं में जलते आग की लपटे। इन सबके बीच बैठकर जन कल्याण के लिए हो रही है तपस्या ।गांव बिजडपुर में ॐ जग ज्योति धाम में महंत राजेंद्र पुरी जी 41 दिन के लिए पंच अग्नि तपस्या कर रहे हैं। इतनी भयंकर गर्मी में इस तपस्या के बारे बात करते हुए महंत राजेंद्र पुरी  जी ने बताया कि जनकल्याण व सुख समृद्धि के लिए वह हर वर्ष जेठ माह की तपती दोपहर में पंच अग्नि में तपस्या करते हैं ।उन्होंने बताया कि वह पिछले 12 वर्षों से पंच अगनी तपस्या कर रहे हैं। उनके परिवार की तीन पीढियां से मामू मौला बख्श की आराधना हो रही है ।बचपन में 12 वर्ष की आयु में ही उन पर पीर  मामू मौला बख्श की कृपा हो गई थी तथा वह भी तभी से उनकी आराधना कर रहे हैं। वर्ष 2011में पुलिस विभाग से उन्होंने सेवा निवृत्ति ले ली थी। तभी से वह देव आराधना में लग गए थे ।उन्होंने ॐ जग ज्योति दरबार  को बनाया तथा यहां पर दरबार लगना शुरू कर दिया। दरबार में वह लोगों के कष्ट दूर करने लगे । ॐ जग ज्योति दरबार की व्याख्या करते हुए उन्होंने कहा कि पूरे जग में ॐ नाम की ज्योति जगती रहे। इसी के लिए उन्होंने ॐ जग ज्योति दरबार नाम रखा। पिछले 12 वर्षों से चल रही प्रत्येक वर्ष की पंचअगनी तपस्या और मामू भगवान की आराधना इन दोनों से ही उन्हें शक्ति मिल रही है। तथा वह लोगों के कष्ट दूर करने का प्रयास करते हैं ।वह दरबार में कष्ट हरने के लिए फरियाद करते हैं तथा लोगों के समस्याओं का निवारण भी हो रहा है ।हजारों की संख्या में लोग यहां पर हर महीने आते रहते हैं। महंत राजेंद्र पुरी जी ने बताया कि पूरे श्रावण मास दरबार में शिव मंदिर में  भगवान शिव कि    षोडशोपचार पूजा लक्ष बेलपत्र पूजा शिव गायत्री  सेआराधना की जाती है। जिसमें सैकड़ो की संख्या में लोग भाग लेते हैं ।उन्होंने बताया कि उनका एकमात्र कार्य धर्म का प्रचार व लोगों में आपसी प्रेम स्नेह व् आस्था की भावना पैदा करना है।