झारखंड कांग्रेस में 'अल्फाबेटिकल' घमासान: मान-सम्मान की लड़ाई और इस्तीफों की झड़ी
'Alphabetical' Turmoil in Jharkhand Congress
रांची। 'Alphabetical' Turmoil in Jharkhand Congress, विभिन्न प्रकार की कमेटियों के गठन में झारखंड कांग्रेस में अंदर ही अंदर कुछ सीनियर नेताओं को अपमानित करने का खेल चला है।
यही कारण है कि इस्तीफा देने का सिलसिला रुक नहीं रहा है। दोबारा सचिव बनाए गए जगदीश साहू ने अपना इस्तीफा अध्यक्ष को भेज दिया है। हालांकि, इस्तीफा उन्होंने मंगलवार की रात ही दे दिया था, लेकिन यह बुधवार को सार्वजनिक हुआ।
लगातार तीन टर्म सचिव बनाए जाने से नाराज होकर उन्होंने अपमानित करने आरोप लगाते हुए इस्तीफा भेजा है। दरअसल, नई टीम में कई नेता अपमानित महसूस कर रहे हैं। इसका कारण बना है प्रदेश कमेटी में वर्णानुक्रम (अल्फाबेटिकल ऑर्डर) तरीके से नाम प्रकाशित करना।
इस प्रक्रिया में पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय समेत तमाम सीनियर्स का नाम नीचे चला गया है। इसी प्रकार पार्टी की ओर से जारी उपाध्यक्षों की सूची में सांसद कालीचरण मुंडा का नाम सूची में नीचे है तो विधायक कुमार जयमंगल, नमन विक्सल कोंगाड़ी, राजेश कच्छप, सुरेश बैठा आदि का नाम सातवें नंबर से लेकर 16वें नंबर तक है।
दूसरी ओर, इस सूची में सबसे ऊपर अभिलाष साहू का नाम है। यह विवाद नहीं उठता अगर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी का नाम भी इसी फार्मूले से सूची में दर्ज होती। राजनीतिक मामलों की कमेटी में सबसे पहला नाम प्रदेश प्रभारी के. राजू का है, जबकि वर्णानुक्रम सिस्टम में उनका नाम नीचे होना चाहिए था।
दूसरा नाम केशव महतो कमलेश का तो तीसरे में आलमगीर आलम हैं। इसी सूची में विधायक दल के नेता प्रदीप यादव का नाम बहुत नीचे 21वें नंबर पर है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार और डा.रामेश्वर उरांव का नाम नीचे है।
आश्चर्यजनक रूप से अजय कुमार के बाद रामेश्वर उरांव का नाम दर्ज कर दिया गया है। दूसरी ओर, कोडरमा के जिला अध्यक्ष भगीरथ पासवान और पूर्व जिला अध्यक्ष मुन्ना पासवान को कमेटी में जगह नहीं दी गई है, जबकि कई पूर्व जिला अध्यक्षों को महासचिव बनाया गया है तो कुछ को सचिव बना दिया गया है।
अनूप ने नाम लिए बगैर राधाकृष्ण किशोर पर निशाना साधा
कांग्रेस विधायक कुमार जयमंगल उर्फ अनूप सिंह ने नाम लिए बगैर वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर पर निशाना साधा है। उन्होंने अपने फेस वाल पर लिखा है- कोई कांग्रस पार्टी के अंदर है और किसी के अंदर कांग्रेस पार्टी है।
माना जा रहा है कि उनका इशारा हंगामा मचा रहे वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर की ओर है जो पिछले चुनाव में ही कांग्रेस में शामिल हुए थे।