आज का पंचांग (Aaj Ka Panchang) 24 मार्च 2026 : आज चैत्र नवरात्रि के छठा दिन, जानें मां कात्यायनी की पूजा का मुहूर्त

आज का पंचांग (Aaj Ka Panchang) 24 मार्च 2026 : आज चैत्र नवरात्रि के छठा दिन, जानें मां कात्यायनी की पूजा का मुहूर्त

Aaj Ka Panchang 24 March 2026

Aaj Ka Panchang 24 March 2026

Aaj Ka Panchang 24 March 2026: आज यानी 24 मार्च को चैत्र नवरात्र का छठा (Chaitra Navratri Day 6) दिन है। इस दिन मां कात्यायनी की पूजा-अर्चना करने का विधान है। साथ ही आज यमुना छठ भी मनाई जा रही है। यह पावन दिन माता यमुना के पृथ्वी पर अवतरण का प्रतीक के रूप में मनाया जाता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां कात्यायनी की साधना करने से विवाह संबंधी समस्याओं से मुक्ति मिलती है और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। चैत्र नवरात्र के छठे दिन कई योग भी बन रहे हैं।
आइए एस्ट्रोलॉजर आनंद सागर पाठक से जानते हैं आज की तिथि, शुभ-अशुभ योग, सूर्योदय, सूर्यास्त और राहुकाल (Aaj ka Panchang 24 March 2026) का समय समेत आदि जानकारी।

तिथि: शुक्ल षष्ठी
मास: चैत्र
दिन: मंगलवार
संवत्: 2083

तिथि: शुक्ल षष्ठी – सायं 04 बजकर 07 मिनट तक, तत्पश्चात सप्तमी
योग: प्रीति – प्रातः 09 बजकर 07 मिनट तक
योग: आयुष्मान – प्रातः 06 बजकर 02 मिनट (25 मार्च) तक
करण: तैतिल – सायं 04 बजकर 07 मिनट तक
करण: गरज – प्रातः 02 बजकर 57 मिनट (25 मार्च) तक

सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
सूर्योदय का समय: प्रातः 06 बजकर 21 मिनट पर
सूर्यास्त का समय: सायं 06 बजकर 34 मिनट पर
चंद्रोदय का समय: प्रातः 09 बजकर 53 मिनट पर
चंद्रास्त का समय: रात्रि 12 बजकर 33 मिनट (25 मार्च)

सूर्य और चंद्रमा की राशियां
सूर्य देव: मीन राशि में स्थित हैं
चन्द्र देव: वृषभ राशि में (25 मार्च प्रातः 06:17 बजे तक)

आज के शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12 बजकर 03 मिनट से दोपहर 12 बजकर 52 मिनट तक
अमृत काल: सायं 04 बजकर 06 मिनट से सायं 05 बजकर 35 मिनट तक

आज के अशुभ समय
राहुकाल: सायं 03 बजकर 31 मिनट से सायं 05 बजकर 03 मिनट तक
गुलिकाल: दोपहर 12 बजकर 28 मिनट से दोपहर 01 बजकर 59 मिनट तक
यमगण्ड: प्रातः 09 बजकर 24 मिनट से प्रातः 10 बजकर 56 मिनट तक

आज का नक्षत्र
आज चंद्रदेव रोहिणी नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।
रोहिणी नक्षत्र: सायं 07 बजकर 04 मिनट तक
स्थान: 10°00’ वृषभ राशि से 23°20’ वृषभ राशि तक
नक्षत्र स्वामी: चंद्रदेव
राशि स्वामी: शुक्रदेव
देवता: ब्रह्मा या प्रजापति
प्रतीक: बैलगाड़ी का पहिया
सामान्य विशेषताएं: कलात्मक, रचनात्मक, रोमांटिक, कुशल व्यापारी, विलासी, जिद्दी, व्यावहारिक, जमीन से जुड़े, प्रभावशाली आंखें, ईमानदार, सत्यवादी, दानी, बातचीत में माहिर, एकाग्र और शांत मन।
आज यमुना छठ है

यमुना छठ (यमुना जयंती) 2026

षष्ठी तिथि प्रारंभ: 23 मार्च, 2026 को शाम 06 बजकर 38 मिनट
षष्ठी तिथि समाप्त: 24 मार्च, 2026 को शाम 04 बजकर 07 मिनट


चैत्र मास की शुक्ल पक्ष षष्ठी को यमुना छठ के रूप में मनाया जाता है। यह पावन दिन माता यमुना के पृथ्वी पर अवतरण का प्रतीक है, इसलिए इसे यमुना जयंती भी कहा जाता है। यह उत्सव मुख्य रूप से ब्रज क्षेत्र, विशेषकर मथुरा और वृंदावन में अत्यंत हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। क्योंकि यमुना जी को भगवान श्री कृष्ण की पटरानी माना जाता है, इसलिए ब्रजवासियों के हृदय में उनके प्रति अटूट श्रद्धा है।
यह पर्व चैत्र नवरात्रि के दौरान आता है, जो इसकी धार्मिक महत्ता को और बढ़ा देता है। भक्त इस दिन पवित्र यमुना नदी में स्नान करते हैं और मां यमुना की आरती व पूजन पूरी सहजता से संपन्न करते हैं। मान्यता है कि इस दिन यमुना जी की शरण में जाने से सभी मानसिक कष्ट दूर होते हैं और जीवन में शांति का संचार होता है।