आज का पंचांग (Aaj Ka Panchang) 17 मार्च 2026 : आज त्रयोदशी तिथि उपरांत चतुर्दशी तिथि, जानें शुभ मुहूर्त कब से कब तक
BREAKING
शिमला में कांग्रेस का प्रदर्शन, CM सुक्खू बोले- छात्रों की आवाज दबा रही केंद्र सरकार, राहुल-प्रियंका की हिरासत का किया विरोध राहुल गांधी और प्रियंका की हिरासत पर कांग्रेस का हमला, कुलदीप राठौर बोले- छात्रों की आवाज दबा रही केंद्र सरकार हिमाचल में बादल फटने से भारी तबाही, कांगड़ा के शाहपुर में छह मकान बहे, कई परिवारों ने भागकर बचाई जान कश्मीर में लगातार बारिश से बिगड़े हालात, सुखनाग नदी उफान पर, कई इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन से भारी नुकसान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. अर्चना गुप्ता ने मुरथल शक्ति केंद्र पर कार्यकर्ताओं के साथ किया सहभोज, सरल पोर्टल, बूथ सशक्तिकरण पर दिया जोर

आज का पंचांग (Aaj Ka Panchang) 17 मार्च 2026 : आज त्रयोदशी तिथि उपरांत चतुर्दशी तिथि, जानें शुभ मुहूर्त कब से कब तक

Aaj Ka Panchang 17 March 2026

Aaj Ka Panchang 17 March 2026

Aaj Ka Panchang 17 March 2026: पंचांग के अनुसार, आज यानी 17 मार्च को कई शुभ योग बन रहे हैं। इस दिन हनुमान जी की पूजा होती है। इस दिन पूजा-पाठ व व्रत करने से साधक के जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं। साथ ही जीवन में सुख-शांति आती है। ऐसे में आइए जानते हैं आज का पंचांग (Aaj ka Panchang 17 March 2026) के बारे में।

तिथि: कृष्ण त्रयोदशी
मास पूर्णिमांत: चैत्र
दिन: मंगलवार
संवत्: 2082

तिथि: कृष्ण त्रयोदशी – सुबह 09:23 बजे तक, फिर चतुर्दशी
योग: सिद्ध – सुबह 08:15 बजे तक
योग: साध्य – 18 मार्च सुबह 06:22 बजे तक
करण: वणिज – सुबह 09:23 बजे तक
करण: विष्टि – रात 08:59 बजे तक

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति

सूर्योदय का समय: सुबह 06:29 बजे
सूर्यास्त का समय: शाम 06:30 बजे
चंद्रोदय का समय: सुबह 05:57 बजे (18 मार्च)
चंद्रास्त का समय: शाम 04:50 बजे

सूर्य और चंद्रमा की राशियां

सूर्य देव: मीन राशि में स्थित हैं।
चन्द्र देव: कुंभ राशि में स्थित हैं।

आज के शुभ मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:06 बजे से दोपहर 12:54 बजे तक
अमृत काल: रात 11:01 बजे से रात 12:36 बजे तक (18 मार्च)

आज के अशुभ समय

राहुकाल: दोपहर 03:30 बजे से शाम 05:00 बजे तक
गुलिकाल: दोपहर 12:30 बजे से दोपहर 02:00 बजे तक
यमगण्ड: सुबह 09:29 बजे से सुबह 10:59 बजे तक

आज का नक्षत्र

आज चंद्रदेव शतभिषा नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।

शतभिषा नक्षत्र: 18 मार्च सुबह 06:09 बजे तक
स्थान: 6°40’ कुंभ राशि से 20°00’ कुंभ राशि तक
नक्षत्र स्वामी: राहु
राशि स्वामी: शनिदेव
देवता: वरुणदेव (जल के देवता)
प्रतीक: खाली वृत्त (शून्य)
सामान्य विशेषताएं: कुशाग्र बुद्धि, सदाचारी, सत्यवादी, स्वतंत्र विचार, धैर्यवान, आरामपसंद, नेतृत्व करने वाले, रचनात्मक, खोजी, महत्वाकांक्षी, जिज्ञासु, समस्याओं को सुलझाने वाले, थोड़े रहस्यमयी और अंतर्मुखी।