आज का पंचांग (Aaj Ka Panchang) 16 मार्च 2026 : आज सोम प्रदोष व्रत, जानें पूजा के लिए मुहूर्त
Aaj ka Panchang 16 March 2026
Aaj ka Panchang 16 March 2026: प्रदोष व्रत हर महीने की दोनों त्रयोदशी तिथियों को रखा जाता है। जब त्रयोदशी सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में आती है, तब यह व्रत किया जाता है। सोमवार को होने के कारण इसे सोम प्रदोष कहते हैं, जो भगवान शिव के प्रिय व्रतों में से एक है।
यह उपवास मानसिक शांति, वैवाहिक सुख और पारिवारिक समृद्धि के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है। चलिए पढ़ते हैं आज का पंचांग (Aaj ka Panchang 16 March 2026) और जानते हैं राहुकाल का समय।
आज का पंचांग (Panchang 16 March 2026)
संवत - 2082
चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि समाप्त - सुबह 9 बजकर 40 मिनट तक, फिर त्रयोदशी
शिव - सुबह 9 बजकर 37 मिनट तक
करण -
तैतिल – सुबह 9 बजकर 40 मिनट तक
गरज – रात 9 बजकर 37 मिनट तक
वार - सोमवार
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
सूर्योदय - सुबह 6 बजकर 30 मिनट से
सूर्यास्त - शाम 6 बजकर 30 मिनट पर
चंद्रोदय का समय - प्रातः 5 बजकर 25 मिनट से (17 मार्च)
चन्द्रास्त का समय - दोपहर 3 बजकर 49 मिनट पर
आज के शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 12 बजकर 6 मिनट से दोपहर 12 बजकर 54 मिनट तक
अमृत काल - शाम 7 बजकर 47 मिनट से रात 9 बजकर 24 मिनट तक
आज के अशुभ समय
राहुकाल - सुबह 8 बजे से सुबह 9 बजकर 30 मिनट तक
गुलिकाल - दोपहर 2 बजे से दोपहर 3 बजकर 30 मिनट तक
यमगण्ड - सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजकर 30 मिनट तक
आज का नक्षत्र
आज चंद्रदेव धनिष्ठा नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।
धनिष्ठा नक्षत्र - प्रातः 6 बजकर 22 बजे तक (17 मार्च)
स्थान - 23°20’ मकर राशि से 6°40’ कुंभ राशि तक
नक्षत्र स्वामी: मंगलदेव
राशि स्वामी: शनिदेव
देवता: अष्ट वसु (भौतिक सुख-समृद्धि के देवता)
प्रतीक: ढोलक या बांसुरी
सामान्य विशेषताएं: मजबूत इच्छाशक्ति, आत्मविश्वासी, बाधाओं से लड़ने वाले, साहसी, धैर्यवान, मेहनती, अच्छी मैनेजमेंट शक्ति, प्रसिद्ध, सुंदर, धनवान, कला प्रेमी, संगीत के शौकीन और निडर।
आज सोम प्रदोष व्रत है
प्रदोष पूजा मुहूर्त: शाम 6 बजकर 30 से रात 8 बजकर 54 मिनट तक
अवधि: 2 घंटे 24 मिनट
त्रयोदशी तिथि प्रारंभ: 16 मार्च, 2026 को सुबह 9 बजकर 40 मिनट तक
त्रयोदशी तिथि समाप्त: 17 मार्च, 2026 को सुबह 9 बजकर 23 मिनट तक
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कुंडली में चंद्रमा से जुड़े अशुभ दोषों को दूर करने के लिए प्रदोष व्रत बहुत प्रभावी है। विधिवत पूजन करने से महादेव की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में प्रेम व सामंजस्य बढ़ता है। सोम प्रदोष का व्रत विशेष रूप से उन लोगों के लिए श्रेष्ठ है जो तनाव या मानसिक परेशानियों से मुक्ति चाहते हैं। भक्त पूरी श्रद्धा और सहजता से इस दिन शिव आराधना करते हैं।