छत्तीसगढ़ में आधुनिक पुलिसिंग का नया आगाज़: CM विष्णु देव साय ने 859 जांबाजों को सौंपी सुरक्षा की कमान

छत्तीसगढ़ में आधुनिक पुलिसिंग का नया आगाज़: CM विष्णु देव साय ने 859 जांबाजों को सौंपी सुरक्षा की कमान

A New Dawn of Modern Policing in Chhattisgarh

A New Dawn of Modern Policing in Chhattisgarh

रायपुर: A New Dawn of Modern Policing in Chhattisgarh, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि भविष्य की पुलिस केवल कानून लागू करने वाली संस्था नहीं होगी, बल्कि एक सक्रिय सेवा प्रदाता के रूप में कार्य करेगी। इसके लिए पुलिस को प्रतिक्रियात्मक से सक्रियात्मक एजेंसी में रूपांतरित होना होगा। मुख्यमंत्री चंदखुरी स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी में आयोजित पासिंग आउट परेड समारोह में शामिल होने पहुंचे थे।


पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दिन प्रशिक्षुओं के जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव है, जहां से वे राष्ट्र और प्रदेश की सेवा के लिए संकल्पित होकर आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कठोर प्रशिक्षण के बाद मिली यह उपलब्धि न केवल प्रशिक्षुओं, बल्कि उनके परिवारों और पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। पुलिस सेवा को प्रतिष्ठित और जिम्मेदारीपूर्ण बताते हुए कहा कि किसी भी सेवा की नींव सत्यनिष्ठा होती है।

परेड में शामिल हुए सीएम

  • पासिंग परेड में शामिल हुए सीएम विष्णुदेव साय
  • राज्य में पुलिसिंग के क्षेत्र में कई सुधार किए गए हैं
  • 859 प्रशिक्षुओं ने प्रशिक्षण पूरा किया
  • सीएम ने कहा- भविष्य की पुलिसिंग होगी तैयार

उन्होंने प्रशिक्षुओं से नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और जनता का विश्वास बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वर्दी केवल अधिकार का प्रतीक नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और जनता की सुरक्षा का संकल्प है और इसे हर परिस्थिति में बनाए रखना आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कठिन प्रशिक्षण की तरह ही सेवा में भी निरंतर प्रयास और समर्पण से सफलता प्राप्त होती है।

पारदर्शी होगी पुलिसिंग
सीएम साय ने बताया कि राज्य में पुलिसिंग के क्षेत्र में कई सुधार किए गए हैं। भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और त्वरित बनाया गया है, आधुनिक तकनीक और उपकरणों को शामिल किया गया है तथा साइबर अपराधों से निपटने के लिए विशेष इकाइयां स्थापित की गई हैं। उन्होंने कहा कि देश में औपनिवेशिक कानूनों की जगह नए कानून-भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम लागू किए गए हैं। यह पहला बैच है, जिसने इन नयी संहिताओं के तहत प्रशिक्षण प्राप्त किया है।

अधिकारियों ने बताया कि इस सत्र में कुल 859 प्रशिक्षुओं ने प्रशिक्षण पूरा किया, जिनमें 54 सूबेदार, 528 उप निरीक्षक, दो उपनिरीक्षक, एक उपनिरीक्षक (रेडियो), एक उपनिरीक्षक (फिंगर प्रिंट), 68 उपनिरीक्षक (एसबी) और 205 प्लाटून कमांडर शामिल हैं।