झारखंड में नियुक्तियों की झड़ी: 2 लाख से अधिक को मिला रोजगार, CM हेमंत सोरेन ने 333 युवाओं को सौंपे नियुक्ति पत्र
A flurry of appointments in Jharkhand
रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि उनकी सरकार में बहालियां लगातार जारी हैं। यह अनवरत जारी भी रहेगी। दो से चार माह में हजारों की संख्या में बहालियां होनी हैं, जिसकी तैयारी चल रही है।
उनके विगत कार्यकाल से लेकर अबतक नियमित और अनुबंध दोनों को मिला दें तो दो लाख से अधिक नियुक्ति हुई है। मुख्यमंत्री सोमवार को प्रोजेक्ट भवन में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में नियुक्त अभ्यर्थियों को संबोधित कर रहे थे।
इस अवसर पर उन्होंने 316 सहायक आचार्यों तथा 17 महिला पर्यवेक्षिकाओं को नियुक्ति पत्र सौंपा। सहायक आचार्यों में 160 इंटर प्रशिक्षित सहायक आचार्य (कक्षा एक से पांच) तथा 156 स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्य (कक्षा छह से आठ) सम्मिलित हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त शिक्षकों से कम से कम दो लोगों को अपने जैसा शिक्षित और स्वावलंबी बनाने का आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि उन्हें शिकायतें मिलती हैं कि शिक्षक सुदूर क्षेत्रों के स्कूलों में जाने से कतराते हैं।
उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसा है तो कैसे काम चलेगा? ऐसी सोच के साथ राज्य का समग्र विकास संभव नहीं है। यदि हम अपनी जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से कंधों पर लें, तभी बदलाव आएगा।
मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय जैसी पहल इसीलिए की गई है, ताकि वर्षों से हमारी शिक्षा व्यवस्था पर लगे कलंक को मिटाया जा सके और बच्चों को बेहतर भविष्य दिया जा सके।
उन्होंने कहा, यह केवल वेतन के लिए नौकरी नहीं बल्कि समाज और राज्य के विकास की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। सरकार आपके माध्यम से अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहती है। उन्होंने नवनियुक्त पर्यवेक्षिकाओं से राज्य को कुपोषण के अभिशाप से मुक्त कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की अपील की।
राेजगार उपलब्ध कराने के लिए सरकार प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां देश के विभिन्न हिस्सों में पेपर लीक जैसी घटनाओं से नियुक्तियां बाधित हो रही हैं, वहीं झारखंड सरकार ने पिछले चार महीनों में शिक्षा विभाग में ही नौ हजार से अधिक और विगत दो वर्षों में 16 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार प्रदान किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को पारदर्शी एवं निष्पक्ष तरीके से रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
मंइयां सम्मान योजना का लाभ लेकर एक गरीब बेटी डिप्टी कलक्टर बन गई
उन्होंने मंइयां सम्मान योजना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस योजना का लाभ लेकर एक गरीब बेटी डिप्टी कलक्टर बन गई। वर्तमान में राज्य की लगभग 60 लाख महिलाओं को इस योजना के तहत प्रतिमाह ढ़ाई हजार रुपये वित्तीय सहायता देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसा हो सकता है कि इस योजना का पांच से दस प्रतिशत लोग गलत तरीक़े से लाभ ले रहें हों, लेकिन ऐसे लोगों को रोकने के लिए 90 प्रतिशत महिलाओं को योजना से वंचित नहीं किया जा सकता।
दुर्गम क्षेत्रों के बच्चों को तराशना महत्वपूर्ण जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त अभ्यर्थियों से कहा कि उन्हें दुर्गम क्षेत्रों में जाना होगा और ऐसे बच्चों के साथ काम करना होगा, जिनकी परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण होंगी।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि बच्चे उनके हाथों में कच्ची मिट्टी की तरह होंगे। उन्हें तराशने, आकार देने और उनके भविष्य को संवारने की पूरी जिम्मेदारी शिक्षकों के पास होगी।
आपके संकल्प से ही राज्य होगा मजबूत
मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से कहा कि वे युवा हैं और ऊर्जा से भरपूर हैं। पूरी निष्ठा, समर्पण और संकल्प के साथ यदि अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे, तो न केवल उनका भविष्य उज्ज्वल होगा, बल्कि उनका परिवार, समाज और पूरा झारखंड मजबूत होगा। उनके संकल्प से ही राज्य मजबूत होगा।
सत्ता सुख के लिए राज्य का गठन नहीं : वित्त मंत्री
इस अवसर पर वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि सत्ता सुख के लिए झारखंड का गठन नहीं हुआ है। वर्तमान सकरार पूरी ईमानदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रही है।
इस सरकार ने जितने युवाओं को रोजगार दिया, उतना पिछली सरकारों में कभी नहीं मिला। कार्यक्रम को श्रम, नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग के मंत्री संजय प्रसाद यादव ने भी संबोधित किया।
मौके पर मुख्य सचिव अविनाश कुमार, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव उमाशंकर सिंह, निदेशक, प्राथमिक शिक्षा मनोज कुमार रंजन सहित अन्य वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।