T20WC 2022 के लिए चुनी टीम में भारत ने की है कौन सी सबसे बड़ी गलती, मिचेल जॉनसन ने बताया
T20WC 2022 के लिए चुनी टीम में भारत ने की है कौन सी सबसे बड़ी गलती

T20WC 2022 के लिए चुनी टीम में भारत ने की है कौन सी सबसे बड़ी गलती, मिचेल जॉनसन ने बताया

T20WC 2022 के लिए चुनी टीम में भारत ने की है कौन सी सबसे बड़ी गलती, मिचेल जॉनसन ने बताया

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज मिशेल जॉनसन का मानना है कि टी20 विश्व कप के लिए भारत का संयोजन थोड़ा जोखिम भरा है, क्योंकि टीम ने उछाल भरी पिचों के लिए कम तेज गेंदबाजों का चयन किया है. अनुभवी मोहम्मद शमी को स्टैंडबाय में रखने के कदम से कुछ विशेषज्ञों आश्चर्यचकित हैं. भारतीय चयनकर्ताओं ने भुवनेश्वर कुमार, हर्षल पटेल और अर्शदीप सिंह के साथ जसप्रीत बुमराह की अगुआई वाली चौकड़ी पर भरोसा जताया है.

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज तेज गेंदबाज मिचेल जॉनसन ने लीजेंड्स् लीग क्रिकेट के इतर न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा से बातचीत में कहा, "अगर आपने टीम में एक ऑलराउंडर (तेज गेंदबाजी), दो स्पिनर और चार तेज गेंदबाज को रखा है तो यह थोड़ा जोखिम भरा है. लेकिन भारत प्लेइंग इलेवन में दो तेज गेंदबाजों और एक ऑलराउंडर (हार्दिक पांड्या) और दो स्पिनरों को खेलने पर विचार कर रहा है."

बायें हाथ के इस पूर्व तेज गेंदबाज ने कहा, "ऑस्ट्रेलिया में आपको तीन तेज गेंदबाजों को टीम में रखना ही होगा. पर्थ की परिस्थितियों में चार तेज गेंदबाज रखने पड़ेंगे. मुझे लगता है उन्होंने योजना बनाकर टीम चुनी है, लेकिन सिर्फ चार तेज गेंदबाजों के साथ जोखिम भरा हो सकता है." 

जॉनसन ने इस मौके पर किसी युवा को वनडे फॉर्मेट में ऑस्ट्रेलिया का कप्तान बनाने की मांग की. आरोन फिंच के वनडे से संन्यास के बाद टीम की कप्तानी को लेकर बहस छिड़ी है. गेंद से छेड़छाड़ के कारण प्रतिबंध झेल चुके स्टीव स्मिथ और डेविड वार्नर ने टीम का नेतृत्व करने की इच्छा जतायी है, लेकिन जॉनसन ने कहा कि दोनों खिलाड़ी अपने करियर के आखिरी पड़ाव पर हैं, ऐसे में किसी युवा खिलाड़ी को टीम की कमान दी जानी चाहिये. 

उन्होंने कहा, "पैट कमिंस (टेस्ट कप्तान) को सभी प्रारूपों की जिम्मेदारी देने से उनके काम का बोझ काफी बढ़ जायेगा. चयनकर्ताओं के मन में ग्लेन मैक्सवेल का नाम हो सकता है. अगर आप भविष्य को देखें तो कैमरून ग्रीन भी एक अच्छा विकल्प होगा."

उन्होंने आगे कहा, "वॉर्नर और स्मिथ दोनों को कप्तान नहीं होना चाहिए. वह पहले की तरह अब भी टीम का मार्गदर्शन करना जारी रख सकते हैं. उनके कप्तान बनने से फिर से पुरानी चीजें ( गेंद से छेड़छाड़ मुद्दा) पर चर्चा शुरू हो जायेगी."