नाबालिग बहनों से रेप, 2 सगे भाइयों को 20 साल जेल; पंचकूला की 'फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट' का बड़ा फैसला, जुर्माना भी लगाया
Panchkula Minor Girls Rape Case Two Brothers Gets 20 Years in Prison
Panchkula Girls Rape Case: लोग हवस की आग में दरिंदगी पर उतारू हैं। लेकिन बाद में परिणाम जब सजा में बदलता है तो दिमाग ठिकाने आ जाता है। पंचकूला में दो सगी नाबालिग बहनों को शादी का झांसा देकर उनके साथ दुष्कर्म करने के जुर्म में पॉक्सो एक्ट के दो सगे भाइयों को 20-20 साल जेल की सजा सुनाई गई है। पंचकूला की 'फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट' ने दोनों भाइयों को दोषी करार दिया और सजा का ऐलान किया। नाबालिग बहनों से रेप का यह मामला करीब पांच साल पुराना है। कोर्ट ने दोषी भाइयों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है, जिसे अदा न करने पर उन्हें अतिरिक्त सजा भी भुगतनी होगी।
बहला-फुसलाकर दोनों बहनों को ले गए
दरअसल यह मामला जुलाई 2021 का है, जब पिंजौर थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति ने पुलिस को शिकायत दी थी और बताया था कि पंचकूला में ही रह रहे एक परिवार के दो सगे भाइयों (जिनकी उम्र उस समय 20 और 19 वर्ष थी) ने उनकी 16 और 14 वर्षीय बेटियों को बहला-फुसलाकर अगवा कर लिया है। पीड़ित शिकायतकर्ता को सुनते हुए पुलिस ने 24 जुलाई को भारतीय दंड संहिता की धारा 363 और 366 के तहत मामला दर्ज किया और तुरंत कार्रवाई शुरू की और लड़कियों और उन्हें ले जाने वाले दोनों भाइयों की तलाश की गई।
बिहार ले जाकर किया रेप
कार्रवाई के क्रम में इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सब इंस्पेक्टर पूजा के नेतृत्व में जांच टीम गठित की गई थी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 30 जुलाई 2021 को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था और दोनों लड़कियों को भी बरामद कर लिया गया था। इसके बाद मामले में गहन जांच और मेडिकल परीक्षण के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि आरोपी, दोनों बहनों को शादी का झांसा देकर बिहार ले गए थे, जहां उनके साथ दुष्कर्म किया गया। जिसके बाद पुलिस ने पुख्ता सबूतों के आधार पर मामले में पॉक्सो एक्ट की धारा 6 जोड़ी थी।
यह फैसला एक कड़ा सबक
डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता ने 'फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट' के इस फैसले को नारी सुरक्षा और महिला विरुद्ध अपराधों पर कड़ा प्रहार बताया है और इस फैसले पर संतोष व्यक्त करते हुए पुलिस की प्रभावी पैरवी और न्यायपालिका के निर्णय की सराहना की है। DCP ने कहा कि यह फैसला समाज के उन असामाजिक तत्वों के लिए एक कड़ा सबक है जो महिलाओं और मासूम बच्चों को निशाना बनाते हैं। चूंकि यह मामला महिला विरुद्ध जघन्य अपराध से जुड़ा था, इसलिए हमारी प्राथमिकता वैज्ञानिक साक्ष्य और पुख्ता गवाह जुटाने की थी। जांच अधिकारी ने अदालत के समक्ष सभी तथ्य मजबूती से रखे, जिसकी बदौलत आज आरोपियों को उनके किए की कड़ी सजा मिली है।"
DCP पंचकूला की सख्त चेतावनी
इधर डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता ने महिला सुरक्षा को सर्वोपरि बताया है और ऐसी घिनौनी मंशा रखने वाले तत्वों को सख्त चेतावनी जारी की है। DCP ने साफ तौर पर कहा है कि पंचकूला पुलिस द्वारा जिले में महिलाओं के विरुद्ध किसी भी प्रकार का अपराध बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस न केवल आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजने के लिए प्रतिबद्ध है, बल्कि यह सुनिश्चित करेगी कि आने वाले समय में भी ऐसे अपराधियों को कानून के तहत अधिकतम और कड़ी से कड़ी सजा मिले ताकि एक सुरक्षित समाज का निर्माण हो सके।
