नाबालिग बहनों से दुष्कर्म करने वाले 2 सगे भाइयों को फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने सुनाई 20-20 साल की सजा

Sentenced Two Real Brothers

Sentenced Two Real Brothers

2021 में पिंजौर थाना में दर्ज  हुआ था मामला, शादी का झांसा देकर किया था अगवा

अर्थ प्रकाश संवाददाता
पंचकूला। Sentenced Two Real Brothers: 
हवस में अंधे हुए लोग मान मर्यादा और रिश्तों को तार तार करने में जरा भी गुरेज नहीं करते। पंचकूला में दो सगे भाइयों ने 5 साल पहले कुछ ऐसी ही वारदात को अंजाम दिया था। अब फास्ट ट्रैक कोर्ट ने कथित दोषियों को 20 साल सजा की चपत लगा कर उन्हें सबक सिखाया है। नारी सुरक्षा और महिला विरुद्ध अपराधों पर कड़ा प्रहार करते हुए पंचकूला की 'फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट' ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। एडिशनल सेशन जज मनीष दुआ की अदालत ने दो सगी नाबालिग बहनों को शादी का झांसा देकर उनके साथ दुष्कर्म करने के जुर्म में दो सगे भाइयों को दोषी करार देते हुए 20-20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषियों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है, जिसे अदा न करने पर उन्हें अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। 

क्या था पूरा मामला

यह संवेदनशील मामला वर्ष 2021 का है, जब पिंजौर थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति ने पुलिस को शिकायत दी थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, 23 जुलाई 2021 को पंचकूला में ही रह रहे एक परिवार के दो सगे भाइयों (जिनकी उम्र उस समय 20 और 19 वर्ष थी) ने उनकी 16 और 14 वर्षीय बेटियों को बहला-फुसलाकर अगवा कर लिया था। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 24 जुलाई को भारतीय दंड संहिता  की धारा 363 और 366 के तहत मामला दर्ज किया।

पुलिस जांच में हुआ खुलासा

मामले की गंभीरता को देखते हुए सब इंस्पेक्टर पूजा के नेतृत्व में जांच टीम गठित की गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 30 जुलाई 2021 को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गहन जांच और मेडिकल परीक्षण के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि आरोपी दोनों बहनों को शादी का झांसा देकर बिहार ले गए थे, जहाँ उनके साथ दुष्कर्म किया गया। पुख्ता सबूतों के आधार पर मामले में पॉक्सो एक्ट  की धारा 6 जोड़ी गई।

महिला सुरक्षा सर्वोपरि

इस फैसले पर संतोष व्यक्त करते हुए डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता ने पुलिस की प्रभावी पैरवी और न्यायपालिका के निर्णय की सराहना की। उन्होंने कहा यह फैसला समाज के उन असामाजिक तत्वों के लिए एक कड़ा सबक है जो महिलाओं और मासूम बच्चों को निशाना बनाते हैं। पंचकूला पुलिस का संदेश बिल्कुल साफ है जिले में महिलाओं के विरुद्ध किसी भी प्रकार का अपराध बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।