हरियाणे की डायरी: विज की लोक प्रियता का जादू

हरियाणे की डायरी: विज की लोक प्रियता का जादू

Haryana Diary

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हरियाणे की डायरी
सचित्र/संपादकीय पृष्ठ हेतु
प्रस्तुति:चन्द्र शेखर धरणी
वरिष्ठ, स्वतंत्र पत्रकार

विज की लोक प्रियता का जादू

Haryana Diary: हरियाणा भाजपा सरकार में ऊर्जा,परिवहन व श्रम मंत्री अनिल विज की लोक प्रियता का जादू पूरे हरियाणा में लोगों के सिर चढ़ कर बोलता है, शुक्रवार को सिरसा में जिला शिकायत निवारण समिति की बैठक के खत्म होते ही सैंकड़ों लोग उन्हें अपनी अपनी शिकायत देने पहुंचे।लोगों को अनिल विज की कार्यप्रणाली से हमेशा उम्मीद रहती है कि उन्हें अगर शिकायत देंगे तो कार्यवाही अवश्य होगी।गौर तलब है कि अनिल विज इस बात के लिए लोगों में जाने जाते हैं कि उनकी सुनवाई विज ही करेंगे।भले ही अनिल विज ने अंबाला में जनता दरबार लगाना बंद कर दिया है,मगर वह कही भी चले जाएं वहीं जनता दरबार जैसा माहौल बन जाता है।विज की कार्यप्रणाली लोगों को सुहाती व भाती है।जनता का जो विश्वाश उनके प्रति कायम है,उसके पीछे उनका समर्पण व त्याग भी प्रमुख कारण है।देर रात तक अंबाला में जनता दरबार में जनता की देर रात तक सुनवाई की कार्य शैली किसी से छुपी नहीं है।अब सुना है कि अनिल विज की इसी लोकप्रियता को लुभाने के लिए पंजाब चुनावों से पहले उन्हें प्रमुख क्षेत्रों में जाने के लिए भी कहा गया है।
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पंजाब के युवाओं से हरियाणा के बड़े साहब का 'नायब' संवाद

हरियाणा सरकार के बड़े साहब यानि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पिछले काफी समय से पंजाब में कमल खिलाने के लिए मिशन 2027 में जुटे हैं। ऐसे में जहां हरियाणा सरकार के बड़े साहब पंजाब में कईं रैलियां कर चुके हैं। वहीं, वह कईं दिग्गज नेताओं को भी अपने दल में शामिल करवा चुके हैं। अब हरियाणा सरकार के बड़े साहब यानि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब के व्यापारियों के साथ ही युवाओं के साथ भी संवाद का सिलसिला शुरू किया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की पंजाब में लगातार बढ़ रही सक्रियता को लेकर आजकल हरियाणा की राजनीतिक चौपालों पर खूब चर्चा हो रही है। कुछ दिन पहले ही जहां सैनी साहब ने पंजाब के उद्योगपतियों से मुलाकात कर उन्हें हरियाणा में उद्योगों को दी जाने वाली सुविधाओं पर चर्चा की थी। इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने अब पंजाब के युवाओं से चंडीगढ़ में अपने सरकारी आवास पर संवाद किया। इस दौरान शासन, नीति और रोजगार से जुड़े अवसरों पर चर्चा हुई। सुशासन और मेरिट आधारित माडल को विकास का आधार बताते हुए मुख्यमंत्री ने पारदर्शी रोजगार नीति पर जोर दिया, ताकि योग्य युवाओं को निष्पक्ष अवसर मिल सकें। मुख्यमंत्री ने कौशल विकास को भविष्य की जरूरत बताते हुए कहा कि प्रशिक्षण, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देकर युवा शक्ति को आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। हरियाणा और पंजाब केवल पड़ोसी राज्य नहीं, बल्कि एक ही संस्कृति, परंपरा और विरासत की दो सशक्त धाराएं हैं। पंजाब में बढ़ रहे नशे को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार ने जिन थाना क्षेत्रों में नशे की गतिविधियां अधिक पाई जाती हैं, वहां संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। नशे के अवैध कारोबार में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करते हुए उनकी संपत्तियां भी अटैच की जा रही हैं। हरियाणा में विदेश सहयोग विभाग की स्थापना कर युवाओं को सुरक्षित, पारदर्शी और सम्मानजनक तरीके से विदेश में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। साथ ही वैध माध्यमों से युवाओं को विदेश भेजने की व्यवस्था भी सरकार द्वारा की जा रही है। उन्होंने विदेश जाने के नाम पर युवाओं के साथ होने वाली धोखाधड़ी और ‘डंकी रूट’ जैसी गलत प्रवृत्तियों पर चिंता व्यक्त की। राजनीतिक चौपाल पर चर्चा है कि नायब सैनी को पंजाब के राजनीतिक रण में उतारकर जहां भाजपा इस बार वहां कमल खिलाने की तैयारी में जुटी है। वहीं, इसका लाभ हरियाणा की जनता को भी सीधे तौर पर मिलेगा, क्योंकि मुख्यमंत्री वहां पर हरियाणा में अपनी सरकार की ओर से किए गए कार्यों का जमकर उल्लेख करते हैं। साफ है कि आने वाले दिनों में हरियाणा सरकार प्रदेश के लोगों को कईं और योजनाओं का भी लाभ दे सकती है, जिससे पंजाब चुनाव के दौरान वह उनका जिक्र अधिक से अधिक कर सके।

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इब बिना टेंशन के पढ़ेंगे म्हारे लाल !

खेल का मैदान हो या फिर देश रक्षा की बात, हर मैदान में हरियाणा के लाल सबसे आगे रहते हैं। इसी को लेकर हरियाणा सरकार की ओर से भी लगातार युवाओं को लेकर अनेक प्रकार की योजनाएं बनाई जाती है, जिससे उनका विकास हो सके। इसी कड़ी में अब हरियाणा सरकार ने प्रदेश के बच्चों की पढ़ाई को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है। हरियाणा में अब अधिकतम आठ लाख रुपये तक वार्षिक कमाई वाले परिवारों के बच्चे भी निजी स्कूलों में मुफ्त पढ़ाई कर सकेंगे। शिक्षा विभाग ने मुख्यमंत्री हरियाणा समान शिक्षा राहत, सहायता एवं अनुदान (चिराग) योजना के तहत शैक्षणिक सत्र 2026-27 हेतु दाखिले की प्रकिया शुरू करने के लिए मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों से 15 फरवरी तक आवेदन मांगे हैं। संबंधित स्कूलों को एक से 15 अप्रैल के बीच दाखिला प्रक्रिया पूरी करनी होगी। गरीब बच्चों की फीस की प्रतिपूर्ति सरकार करेगी। मौलिक शिक्षा निदेशालय की ओर से नए शैक्षणिक सत्र में चिराग योजना के तहत दाखिलों को लेकर सभी जिला शिक्षा अधिकारी एवं जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया गया है। छठी से बारहवीं में दाखिले करने के लिए मान्यता प्राप्त निजी विद्यालय अपनी सहमति विभाग की वेबसाइट पर दर्ज करवा सकते हैं। इन विद्यालयों की कक्षा अनुसार घोषित सीटों का विवरण विभाग द्वारा विभागीय वेबसाइट और पोर्टल पर दर्शाया जाएगा। संबंधित विद्यालय रिक्त सीटें 10 मार्च से नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित करेगा। अभिभावक और छात्र दाखिले के लिए 13 मार्च से 30 मार्च तक आवेदन कर सकते हैं। जिन विद्यालयों में सीटों से ज्यादा आवेदन प्राप्त होंगे, एक से पांच अप्रैल के बीच ड्रा निकाले जाएंगे। अभिभावकों की उपस्थिति में ड्रा निकाला जाएगा। सभी विद्यालय एक से 15 अप्रैल तक दाखिले की प्रकिया संपन्न कर सफल छात्रों की सूची विद्यालय के नोटिस बोर्ड पर दर्शाएंगे। फिर रिक्त बची सीटों पर प्रतीक्षा सूची के छात्रों के दाखिले 16 से 30 अप्रैल तक किए जाएंगे। चिराग योजना के तहत केवल वही छात्र निजी स्कूल में दाखिले के पात्र होंगे, जिन्होंने वार्षिक परीक्षा सरकारी विद्यालयों से उत्तीर्ण की हो।

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इब म्हारे किसान की फसल की मार्केटिंग करेगी सरकार

पारंपरिक रूप से गेंहू, चावल, बाजरा, गन्ना, सरसों, चना और कपास आदि उगाने वाले हरियाणा के किसान अब खेती में बड़ा प्रयोग करने जा रहे हैं और वह दिन दूर नहीं जब अन्न भंडार के नाम से मशहूर इस राज्य को हर्बल हब या औषधियों के गढ़ के रूप में पहचाना जा सकता है। आयुर्वेद के बढ़ते प्रभाव के कारण औषधीय उत्पादों की मांग पूरी दुनिया में हो रही है। आने वाले सालों में हर्बल उत्पादों का बाजार और भी बड़ा होने वाला है। ऐसे में इसे देखते हुए हरियाणा के किसानों को तैयार किया जा रहा है। सरकार ने कहा है कि किसानों के लिए मार्केटिंग का सिस्टम तैयार किया जा रहा है, ताकि बड़ी-बड़ी कंपनियां और खरीदार सीधे किसानों से फसलें खरीद सकें और बिचौलियों का मुनाफा किसानों को मिले। राज्य की नायाब सिंह सैनी सरकार ने अधिकारियों को इस संबंध में ठोस योजना बनाने के आदेश दिए हैं साथ ही स्पष्ट किया है कि पूरे राज्य में जड़ी बूटियों यानी हर्बल फार्मिंग को एक बड़े उद्योग के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे गेंहू-धान से मिलने वाले मुनाफे से 3 गुना फायदा किसानों को मिल सके। इतना ही नहीं राज्य सरकार इन किसानों से सिर्फ हर्बल खेती ही नहीं कराएगी बल्कि उगी हुई फसल को बिकवाएगी भी, ताकि किसानों को उनकी आय और मुनाफा मिल सके। मार्केर्टिंग के लिए राज्य सरकार किसानों का सपोर्ट करेगी और इन उत्पादों को दुनियाभर में पहुंचाने में मदद करेगी। इसके लिए हरियाणा सरकार के बड़े साहब यानि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को श्रेत्र के अनुसार मैपिंग करने का निर्देश दिया है, जिससे मिट्टी की जांच की जाएगी और उसके बाद उसमें उसी मिट्टी के अनुरूप औषधीय पौधे उगाने का फैसला किया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा पैदावार हो। यानि राज्य में एक जैसी फसल अब नहीं उगेगी। सैनी ने कहा कि अधिकारी ये पता करें कि किस जिले की मिट्टी में कौन सा औषधीय पौधा सबसे अच्छा उग सकता है। जैसे रेतीली जमीन पर एलोवेरा और उपजाऊ जमीन पर हल्दी। फिर उन किसानों का समूह बनाकर खेती कराई जाए।

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बहू-बेटियों के नाम से होगी घरों की पहचान

एक ओर जहां हरियाणा सरकार बेटियों और प्रदेश की महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। वहीं, सरकार के इस प्रयास में प्रदेश की कईं पंचायतें भी अपने स्तर पर बढ़-चढ़ कर भाग ले रही है। इसी का नतीजा है कि अब हरियाणा में एक एक गांव महिला सशक्तिकरण का एक अनोखा मॉडल बनकर उभरा है। यहां गांव की पंचायत ने घरों के मुख्य दरवाजों पर बेटियों और बहुओं के नाम वाली नेमप्लेट लगाकर एक अनोखी पहल की है, जिसमें उनकी पढ़ाई-लिखाई की जानकारी भी दी गई है। हरियाणा के अंबाला जिले का घनी खेड़ा  गांव महिला सशक्तिकरण और लड़कियों की शिक्षा का एक अनोखा मिसाल बन गया है। गांव की पंचायत ने घरों के मुख्य दरवाजों पर शिक्षित बेटियों और बहुओं के नाम वाली नेमप्लेट लगाने का सराहनीय फैसला लिया है। इन प्लेटों पर उनके नाम के साथ-साथ उनकी शैक्षणिक योग्यता भी दिखाई जाएगी। यह कदम पारंपरिक सोच को चुनौती देता है, जहां आमतौर पर नेमप्लेट पर सिर्फ घर के पुरुष मुखिया का नाम होता है। सरपंच प्रवीण धीमान ने बताया कि यह विचार गांव की महिला ग्राम सभा से आया। पांच सदस्यों वाली महिला समिति ने गांव की शिक्षित महिलाओं का सर्वे करने का सुझाव दिया। सर्वे के लिए ग्रेजुएशन की डिग्री को न्यूनतम मानदंड रखा गया। पंचायत सदस्यों के सहयोग से, सर्वे में 30 बेटियों और बहुओं की पहचान की गई जिन्होंने कम से कम ग्रेजुएशन पूरा किया था। इसी आधार पर उनके घरों के बाहर नेमप्लेट लगाने का फैसला लिया गया। ग्राम पंचायत के इस कदम से ना केवल लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि समाज में उनकी पहचान भी मजबूत होगी। खास बात यह है कि घनी खेड़ा में लड़कियों की संख्या लड़कों से ज्यादा है और वे पढ़ाई में भी आगे हैं। सरपंच ने बताया कि पहले कई लड़कियां 12वीं के बाद स्कूल छोड़ देती थीं, लेकिन अब नेमप्लेट से प्रेरित होकर वे ग्रेजुएशन करने के लिए प्रेरित हो रही हैं। घनी खेड़ा अब न सिर्फ अंबाला बल्कि पूरे हरियाणा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गया है। इसके बारे में खबरें मीडिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रही हैं। प्रदेश के जी चौपालों में भी इस गांव जमकर चर्चा हो रही है। इस गांव का यह प्रयास साफ दिखाता है कि जहां इच्छाशक्ति होती है, वहां परंपराओं को तोड़कर नए रास्ते बनाए जा सकते हैं।

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हरियाणा के चौधर की प्रतीक के साथ सेल्फी !

हरियाणा की आन-बान और शान के साथ चौधर का प्रतीक माने जाने वाली पगड़ी अब सूबे के लोगों के अलावा देश के अलग-अलग राज्यों के साथ विदेशी लोगों के आकर्षण का भी केंद्र बन चुकी है। 35वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले के अपना घर में पगड़ी की प्रदर्शनी विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। आजादी के अमृत महोत्सव के नाम आयोजित मेले की इस प्रदर्शनी में विविध प्रदेशों व विविध व्यक्तित्व से जुड़ी पगड़ियां उपलब्ध हैं, इनमें भगत सिंह पगड़ी, राजस्थानी पगड़ी, अकबर की पगड़ी, रानी लक्ष्मी बाई की पगड़ी, पंजाबी पगड़ी, मराठी, पठानी , शिवाजी, पृथ्वीराज चौहान, बाल गंगाधर तिलक, हिमाचली, मुल्लादीन, शेख पगड़ी, बीरबल, मुनीम, मेवात, खादर, बागड़ क्षेत्र की पगड़ी विशेष रूप से पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। यहां प्रदेश की अनेक पुरातन वस्तुओं की प्रदर्शनी भी लगाई गई है। प्रदर्शनी में ग्रामीण संस्कृति की झलक देखने को मिल रही है। मेले में हरियाणा के इस अपना घर में आने पर हर किसी का मन खिल उठेता है! यहां आते ही देशभक्ति के भाव भी जागृत होने के साथ ही ग्रामीण परिवेश का भी अहसास होता है, क्योंकि अपने देश की पगड़ी परंपरा का अपना इतिहास है। इसी इतिहास के बारे में पर्यटकों को जानकारी दी जा रही है। यहां मेले को यादगार बनाने के लिए लोग पगड़ी बंधवाकर सेल्फी भी ले सकते हैं। विरासत हेरिटेज, कुरुक्षेत्र की ओर से इसकी व्यवस्था की गई है।

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मोदी की गारंटी पर पूरे होंगे 217 वादे !

देश में कोई भी चुनाव हो, हर जगह पर फुल वाले दल की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी गारंटियों को ही प्रमुखता से उठाया जाता है। ऐसे में पड़ोसी राज्य पंजाब की चुनावी जंग में उतरे हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करना नहीं भूलते। एक मीडिया चैनल के कार्यक्रम में पहुंचे हरियाणा सरकार के मुखिया नायब सैनी ने कहा कि प्रति व्यक्ति आय में हरियाणा नंबर वन है। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में हमने संकल्प पत्र बनाया था और उसी पर हम चुनाव लड़े थे। लोग देख रहे हैं कि मोदी जी जो बोलते हैं वो पूरा करते हैं। हमने पिछले संकल्प पत्र भी पूरे किए। ऐसा नहीं है कि कांग्रेस ने वादे करते हुए सब्जबाग दिखाए। इन्होंने लोगों को भ्रमित किया। आम आदमी पार्टी ने भी पंजाब में यही किया और संकल्प पत्र को डस्टबिन में डाल दिया। पंजाब में सीएम भगवंत मान बोल रहे हैं कि 20 हजार एकड़ मुआवजा देंगे। आम आदमी के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने तो गुजरात में जाकर झूठ बोला और सीएम ने हरियाणा में कहा कि केजरीवाल बड़ा घणा झूठ बोलते हैं। सीएम सैनी ने कहा कि पांच साल बाद आप हमारे संकल्प पत्र पर अंगुली रखना और बताना कि कोई वादा छूट तो नहीं गया है। इतिहास में पहला मौका है जब तीसरी बार हरियाणा में भाजपा सरकार हैं। हमारे खिलाफ कुछ झूठ फैलाए गए, लेकिन में बताना चाहता हूं और मोदी जी की नीतियों पर हम काम कर रहे हैं। मोदी जी नियत पर पूरा देश विश्वास करता है। संकल्प पत्र में शामिल वादों को सीएम नायब सैनी ने कहा कि ये मोदी की गारंटी है और हमने 217 वादे किए थे और उन्हें पूरा करेंगे। कांग्रेस के लोग दुष्प्रचार करते हैं। हमने पहले बजट में ही लाडो लक्ष्मी योजना के लिए पांच हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया था। दुष्प्रचार करने वालों को मैंने पहले ही कहा कि हिमाचल में कांग्रेस की सरकार है और वहां पर देख आओ कि महिलाओं से किया वादा पूरा किया है। महिलाएं देख रही हैं कि कब वादा पूरा होगा।

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…मेरे चमन, ये तो बता तेरा माली कौन ?

हरियाणा में सत्ता का नेतृत्व परिवर्तन होने के बाद प्रदेश की सरकार में ‘नायाब’ युग की शुरूआत के साथ ही फुल वाले दल के कईं नेताओं के साथ ही विपक्षी दलों की ओर भी अनेक सवाल उठाए गए थे। हालांकि समय के साथ फुल वाले दल के नेता तो इस मामले में शांत हो गए, लेकिन विपक्षी दलों की ओर से अब भी लगातार इसे लेकर कईं प्रकार के सवाल उठाए जाते रहते हैं। कुछ समय पहले तक हरियाणा सरकार के बड़े साहब को प्रदेश के एक पूर्व में बड़े साहब रहे नेता ने डमी सीएम तक कह दिया था। हालांकि इसे लेकर फुल वाले दल के मौजूदा और पूर्व के बड़े साहब की ओर से जवाब भी दिया गया था, लेकिन अब हाल ही में पंजे वाले दल के माननीयों के नेता ने शायराना अंदाज में एक बार फिर से इसे लेकर सवाल उठाए हैं। दअरसल, नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा ने एक कार्यक्रम के दौरान शायराना अंदाज में सीएम नायब सैनी पर तंज कसते हुए कहा, 'पत्ता-पत्ता जख्म, डाल डाल दर्द, हे मेरे चमन, ये तो बता तेरा माली कौन है। तेरा माली दिल्ली में है या चंडीगढ़ में है। या एक फूल दो माली है, बिन खाद बिन पानी है।'हुड्डा ने कहा कि हरियाणा में किसकी सरकार चल रही है, इसका नहीं पता। विधानसभा में भी पता नहीं चलता। प्रशासनिक अधिकारी भी सीएम की बजाय दिल्ली में बैठे नेताओं की बात सुनते हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि हरियाणा में किसकी सरकार चल रही है। उन्होंने कहा कि प्री बजट बैठक को लेकर कहा कि पहले जब भी सुझाव दिए है, विधानसभा में उन पर सरकार कोई बात नहीं करती। इसलिए सरकार की मीटिंग में कोई भी कांग्रेस विधायक नहीं जाएगा। विफलताओं को छुपाने के लिए सरकार मीटिंग बुलाती है।

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इब हरियाणा में लोन खातर नहीं काटने पड़ेंगे दफ्तर के चक्कर !

हरियाणा के किसानों के लिए कृषि लोन लेना अब पहले जैसा मुश्किल नहीं रहेगा। सरकार ने कागजी कार्रवाई और बैंकों की लंबी लाइनों से राहत देने का बड़ा ऐलान किया है। नई व्यवस्था से लोन प्रक्रिया तेज और सरल होने वाली है। हरियाणा में कृषि ऋण में लंबे समय से चली आ रही प्रशासनिक दिक्कतों को दूर करने के मकसद से एक बड़े सुधार होने जा रहा है। हरियाणा सरकार एक पारदर्शी, टेक्नोलॉजी पर आधारित ग्रामीण क्रेडिट सिस्टम शुरू करने जा रही है, जिससे किसानों को लोन से जुड़े दस्तावेजीकरण (डॉक्यूमेंटेशन) के लिए बैंकों और राजस्व कार्यालयों के चक्कर लगाने से छुटकारा मिलेगा। राज्य सरकार जल्द ही भारत के सबसे एडवांस्ड इंटीग्रेटेड फार्म क्रेडिट सिस्टम में से एक को विकसित करने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के साथ एक एमओयू साइन करेगी। इस फ्रेमवर्क के तहत, एग्री लोन की मंजूरी सीधे डिजिटाइज्‍ड जमीन के रिकॉर्ड से जुड़ी होगी, जिससे वित्तीय संस्थानों और राजस्व प्रशासन के बीच बिना किसी रुकावट के को-ऑर्डिनेशन पक्का होगा। इसके बाद किसानों को लोन लेने के लिए सिर्फ अपने आधार नंबर की जरूरत होगी, क्योंकि जमीन से जुड़ी सभी जानकारी राज्य के डिजिटल रिकॉर्ड से अपने आप मिल जाएगी। इतना ही नहीं इस एमओयू के बाद ‘पटवारी-तहसील-बैंक का जो पुराना सिस्टम था, जिसकी वजह से देरी होती थी, उसे खत्म कर दिया जाएगा। यह प्रोजेक्ट दो चरणों में लागू किया जाएगा। पहले चरण में किसान क्रेडिट कार्ड लोन पर ध्यान दिया जाएगा, जो हरियाणा में खेती के लिए सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला क्रेडिट साधन है। आधार प्रमाणीकरण के बाद, जमीन का विवरण अपने आप मिल जाएगा, लोन से जुड़ी एंट्रीज अपने आप जमीन के रिकॉर्ड में दर्ज हो जाएंगी और भुगतान करने पर गिरवी की एंट्रीज तुरंत हटा दी जाएंगी। यह पूरी प्रक्रिया बिना किसी मानवीय दखल के काम करेगी, जिससे ज्यादा से ज्यादा पारदर्शिता आएगी। वहीं, दूसरे चरण में, इस सिस्टम को बढ़ाकर सभी तरह के कृषि और ग्रामीण लोन को शामिल किया जाएगा, जिससे पूरे राज्य में एक यूनिफाइड डिजिटल क्रेडिट इकोसिस्टम बनेगा। इस पहल से सभी स्टेकहोल्डर्स को काफी फायदे होंगे। किसानों का समय बचेगा, उन्हें तेजी से क्रेडिट मिलेगा और लोन स्टेटस और जमीन के रिकॉर्ड की रियल-टाइम ट्रैकिंग से पूरी पारदर्शिता मिलेगी। बैंकों और फाइनेंशियल संस्थानों को रियल टाइम में वेरिफाइड जमीन का डेटा मिलेगा, जिससे धोखाधड़ी वाले आवेदनों से जुड़े जोखिम कम होंगे और परिचालन क्षमता (ऑपरेशनल एफिशिएंसी) बेहतर होगी। राजस्व प्रशासन को खुद-ब-खुद अपडेट होने वाले रिकॉर्ड, कम गलतियों और जमीन के रिकॉर्ड की बेहतर विश्वसनीयता से फायदा होगा।

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पंजा दल के ‘युवराज’ पर ‘गब्बर’ का शब्दबाण

हरियाणा में कहीं पर भी राजनीतिक चर्चा हो और वहां पर ‘गब्बर’ या फिर ‘बाबा’ कहे जाने वाले हरियाणा के दबंग मंत्री अनिल विज और उनके काम और नाम की चर्चा ना हो, ऐसा तो हो ही नहीं सकता। प्रदेश की कईं चौपाल पर भ्रमण करने के बाद एक चौपाल पर हमें भी गब्बर या कहें कि अनिल विज की चर्चा होती सुनाई दी तो हम भी कान लगाकर सुनने लगे कि आखिर क्या चर्चा हो रही है, क्योंकि जहां भी विज का नाम आता है, वहां कुछ ना कुछ खास जरूर होता है। ऐसा ही हुआ चौपाल की चर्चा में। चौपाल में पंजे वाले दल के ‘युवराज’ यानि राहुल गांधी और अनिल विज की चर्चा हो रही थी। चौपाल पर मौजूद लोग चर्चा कर रहे थे कि अनिल विज ने राहुल गांधी को करारा जवाब दिया है। अब हमारे मन में भी उत्सुकता होने लगी कि विज ने राहुल गांधी के किस बयान का करारा जवाब दिया है। इसी बीच हमें पता चला कि हाल ही में राहुल गांधी ने कहा था कि जैसे मुगल और अंग्रेज चले गए, वैसे ही भाजपा भी चली जाएगी। अब बारी थी राहुल गांधी के इस बयान पर विज की ओर से दिए गए जवाब को सुनने की। इसी बीच एक व्यक्ति ने कहा कि विज ने जवाब दिया है कि मुगल और अंग्रेज विदेशी थे, जबकि भाजपा देसी पार्टी है। हमारा जन्म इसी देश में हुआ है और भारतीय जनता पार्टी का जन्म भी इसी देश में हुआ है। भाजपा देश की संस्कृति और राष्ट्रीय भावना को आगे बढ़ाने का काम कर रही है। कांग्रेस तो स्वयं विदेशी मूल की पार्टी है। अगर राहुल गांधी कहते हैं कि वे बाहर चले गए, तो कांग्रेस भी बाहर चली जाएगी और देश में केवल भाजपा का ही राज रहेगा।
 
प्रस्तुति: चंद्र शेखर धरणी