'हम रहें न रहें, हमारी अंतिम बात...' प्रेमानंद महाराज ने अपने शिष्यों और श्रद्धालुओं के लिए जारी किया विशेष संदेश, भावुक हो उठे लोग
Vrindavan Sant Premanand Maharaj Video Message To All On Bhajan Marg
Premanand Maharaj Message: वृंदावन के विश्वविख्यात संत प्रेमानंद महाराज की तबीयत ठीक नहीं चल रही है। वह इन दिनों काफी अस्वस्थ हैं और इसी के चलते उनकी रात्रि पैदल यात्रा भी रोक दी गई है। इसी बीच प्रेमानंद महाराज ने अपने शिष्यों और श्रद्धालुओं के लिए विशेष संदेश जारी किया है। इस संदेश में वह कहते नजर आ रहे हैं कि वो रहें न रहें, मिलें न मिलें, उनकी चिंता बिल्कुल न की जाये। वह बिना मिले और बिना बोले हमेशा सबके दिमाग में रहेंगे। बस सभी लोग श्रीजी का आश्रय लीजिये। इधर प्रेमानंद महाराज की ये बातें सुन लोग भावुक हो उठे हैं। सोशल मीडिया पर लोगों ने वीडियो शेयर कर अपने भावुक भाव व्यक्त किए।
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बता दें कि रविवार को श्री हित राधा केली कुंज आश्रम की तरफ से प्रेमानंद महाराज का वीडियो संदेश सोशल मीडिया के भजन मार्ग प्लेटफार्म पर अपलोड किया गया। साथ में कैप्शन दिया गया, ''प्रेमानंद महाराज का शरणागत शिष्यों के लिए विशेष संदेश''। वीडियो अपलोड होते ही तेजी से देखा जाने लगा और प्रेमानंद महाराज की चिंता में हजारों कमेंट्स होते देखे गए। अभी भी प्रेमानंद महाराज का यह वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से शेयर किया जा रहा है और वायरल हो रहा है।
वीडियो में प्रेमानंद महाराज कहते हैं, ''बिल्कुल चिंता न करो, हम मिलें न मिलें, आएं न आएं, बोलें न बोलें, हम आप सबको बहुत प्यार करते हैं और चाहते हैं कि सबको श्रीजी की कृपा प्राप्त हो और सब श्रीजी के चरणों तक पहुंचें। हमारी अंतिम बात यही है कि बिल्कुल चिंता नहीं करनी। न ये चिंता करनी है कि कैसे हमारा उत्थान होगा। बिना बोले तुम्हारे दिमाग में हम होंगे। देख लेना तुम वही करोगे, जो गुरुदेव कहेंगे। आप बिल्कुल निश्चिंत रहिएगा।''
प्रेमानंद महाराज ने आगे कहा, ''जो जहां जिस सेवा में है, उस सेवा में रहिएगा। खूब नाम जप करो। हम रहें न रहें, आएं न आएं, मिलें न मिलें। सबका मंगल होगा। तुम्हारे गुरुदेव तुम्हारे दिमाग में बैठे रहेंगे। तुम्हारा भरण-पोषण ईश्वर के द्वारा होगा, किसी व्यक्ति के द्वारा नहीं और जब लगे कि इस व्यक्ति के द्वारा हो रहा है तो छोड़ देना। आप निर्भय, निश्चिंत, निशोक होकर भजन करो। हमारा जब मन होगा, तब हम बोल देंगे।''
प्रेमानंद महाराज ने कहा, ''अब हम मौन और चुपचाप एकांतवास कर रहे हैं। वो एकांतवास आप सबके लिए है. हमारे लिए नहीं। हमारे लिए हम भजन नहीं कर रहे। हमारे लिए हमारा मौन नहीं है। हम आपको सही बताएं तो हमारा जो कुछ होना था वो हो गया। जो कुछ हो रहा है। वो सब आपके लिए हो रहा है। खूब भजन करो। नाम जप करो। श्रीजी के आश्रित रहो और सुखी रहो, प्रसन्न रहो।''
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बता दें कि 17 मई से प्रेमानंद महाराज की रात्रि पैदल यात्रा बंद है। उस समय श्री हित राधा केली कुंज आश्रम की तरफ से बताया गया था कि महाराज जी की तबीयत ठीक नहीं है। जिसके चलते यात्रा बंद की जा रही है। प्रेमानंद महाराज इस समय एकांतिक मुलाक़ात भी नहीं कर रहे हैं। गौरतलब है कि राधारानी के परम भक्त प्रेमानंद महाराज की शरण में सिर्फ आम लोगों का ही तांता नहीं लगता बल्कि कई सारे दिग्गज नामी और देश में बड़े पदों पर बैठे लोग भी महाराज जी के पास उनका आशीर्वाद लेने पहुंचते हैं। अब तक कई सारे दिग्गज नेता, सेलिब्रेटी, जस्टिस और अधिकारी उनसे मार्ग दर्शन लेने पहुंच चुके हैं। ये सिलसिला लगातार जारी है।
यात्रा बंद होने से मायूस हुए लोग
बता दें कि, प्रेमानंद जी महाराज की पद यात्रा से लाखों श्रद्धालुओं की भावनाएं जुड़ीं हैं। वो इस यात्रा में प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए व्याकुल रहते हैं और ये यात्रा ऐसी है कि जिससे सभी को आराम से प्रेमानंद महाराज के दर्शन हो जाते हैं। प्रेमानंद महाराज हर सुबह 4 बजे श्री कृष्ण शरणम् कॉलोनी से राधा केली कुंज तक जाते हैं और इस यात्रा में हजारों भक्त दर्शन के लिए इंतजार में रास्ते में खड़े रहते थे। प्रेमानंद महाराज के लिए लोगों की भारी भीड़ देखते ही बनती थी।
दरअसल प्रेमानंद महाराज वृन्दावन में जब परिकर्मा मार्ग पर पैदल निकलते थे तो इस पदयात्रा में उनके दर्शन को लालायित श्रद्धालु सड़क के दोनों छोरों पर बड़ी संख्या में खड़े रहते थे। लगभग दो-तीन किलोमीटर की लंबी लाइन लगी होती थी। इस दौरान प्रेमानंद जी महाराज रुक-रुककर कुछ श्रद्धालुओं से बात भी कर लेते थे। इससे पहले तो प्रेमानंद महाराज स्वास्थ्य समस्या के बावजूद रोज रात्रि 2 बजे परिकर्मा मार्ग पर पैदल निकला करते थे। लेकिन बाद में ये समय 4 बजे कर दिया गया था। ज्ञात रहे कि प्रेमानंद महाराज किडनी फेलियर हैं। इसके बावजूद वह खुद के कष्ट को बुलाकर लोगों के कल्याण के लिए ज़िंदगी खपा रहे हैं।
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बता दें कि पैदल यात्रा के अलावा श्री हित राधा केलि कुंज में राधा कीर्तन, सत्संग और वार्तालाप में शामिल होकर प्रेमानंद जी महाराज के दर्शन किए जा सकते हैं। लेकिन वहां दर्शन के लिए सबका नंबर नहीं आ पाता। इसीलिए प्रेमानंद महाराज रोज पैदल आते थे जिससे सार्वजनिक रूप से बड़ी से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उनके दर्शन कर सकें। लेकिन उनका स्वास्थ्य ठीक न रहने के चलते अब उनकी धीरे-धीरे बंद होती ही दिख रही है। अभी यह नहीं पता है कि श्रद्धालुओं के लिए प्रेमानंद महाराज की यात्रा अब आगे शुरू होगी भी या नहीं।
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प्रेमानंद महाराज की दोनो किडनी खराब
राधारानी के परम भक्त प्रेमानंद महाराज के बारे में लोग ताज्जुब खाते हैं। बीते 17-18 सालों से महाराज जी की दोनो किडनी खराब हैं। लेकिन फिर भी महाराज जी के जीवंत और अद्भुत स्वरूप को देखा जा सकता है। दोनो किडनी खराब होने के बाद भी उनके चेहरे का तेज देखते ही बनता है। आज घर-घर प्रेमानंद जी महाराज को सुना जा रहा है और उनके बारे में चर्चा की जा रही है। लोग यह कहने पर मजबूर हैं कि आज के समय में अगर कोई असली संत है तो वह प्रेमानंद जी महाराज हैं।
प्रेमानंद महाराज (Premananda Maharaj) सीधी और स्पष्ट बात बोलते हैं। चाहें भले ही वह लोगों को कड़वी लगे। महाराज जी के प्रवचनों ने आज पूरे देश और दुनिया में एक नई लहर सी ला दी है। क्या युवा और क्या बड़े सब प्रेमानंद जी महाराज को सुनना चाह रहे हैं, उनके दर्शन करना चाह रहे हैं। प्रेमानंद जी महाराज के मुखमंडल से निकला एक-एक शब्द लोगों को आकर्षित कर रहा है और उनमें अच्छे बदलाव की भावना को जाग्रत कर रहा है।
प्रेमानंद महाराज का पूरा नाम क्या?
प्रेमानंद जी महाराज (Premanand Ji Maharaj) का पूरा नाम प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज है। उनका जन्म कानपुर के एक गांव में हुआ था। प्रेमानंद महाराज 13 साल की उम्र में ही रात 3 बजे घर से संन्यास के रास्ते में चलने के लिए भाग आए थे। उस समय वह कक्षा 9 में पढ़ते थे। इसके बाद वह कभी घर नहीं लौटें और अपना पूरा जीवन भगवान को समर्पित कर दिया। उन्होंने शुरुवात में संन्यास के लगभग 20 साल भगवान शिव में लीन होकर काशी में बिताए। इसके बाद वह वृंदावन आ गए और राधारानी के परम भक्त हो गए।
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