कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग पर दूसरे दिन भी यातायात ठप, 35 यात्रियों ने जोखिम उठाकर पार किया भूस्खलन क्षेत्र
Traffic on the Kailash Mansarovar Yatra route remained
धारचूला (पिथौरागढ़)। Traffic on the Kailash Mansarovar Yatra route remained, कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग पर गर्बाधार के समीप भारी भूस्खलन के कारण लगातार दूसरे दिन भी यातायात पूरी तरह ठप रहा। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की तमाम कोशिशों के बावजूद मार्ग को खोला नहीं जा सका है।
इस बीच, मार्ग बंद होने से फंसे यात्रियों में से लगभग 35 लोग अपनी जान जोखिम में डालकर, पहाड़ से गिरते पत्थरों और मलबे के बीच से होते हुए धारचूला की तरफ सुरक्षित निकल आए हैं। हालांकि, महिलाओं और बच्चों समेत चार दर्जन से अधिक लोग अब भी मार्ग के दूसरी ओर फंसे हुए हैं।
मालपा, बूंदी और छंकनरे में यात्रियों ने ली शरण
शनिवार सुबह गर्बाधार से लगभग दो किलोमीटर आगे एक विशाल चट्टान के दरकने से यह मुख्य मार्ग बंद हो गया था। मार्ग बंद होने से गुंजी और अन्य उच्च हिमालयी गांवों से आ रहे लगभग 100 वाहन बीच रास्ते में ही फंस गए।
- कहां ठहरे यात्री: देर शाम तक रास्ता न खुलने पर वाहनों में सवार यात्रियों को पीछे लौटना पड़ा। कई लोगों ने शनिवार की रात मालपा, छंकनरे और बूंदी में बिताई, जबकि कुछ लोग वापस गुंजी लौट गए।
- यात्रा दल प्रभावित: धारचूला से आगे बढ़ रहा चौथा कैलास मानसरोवर यात्रा दल पांगला से वापस धारचूला लौट आया है। वहीं, यात्रा पूरी कर (परिक्रमा कर) वापस लौट रहा दल वर्तमान में बूंदी में फंसा हुआ है।
बीआरओ की मशीन पर गिरा बोल्डर
रविवार सुबह से ही बीआरओ की टीमें मार्ग खोलने के कार्य में जुटी रहीं, लेकिन लगातार हो रही भारी वर्षा और पहाड़ी की तरफ से हो रहे पथराव (पत्थर गिरने) के कारण कार्य में भारी बाधा आई।
- बड़ा हादसा टला: मार्ग सफाई के कार्य में जुटी एक लोडर मशीन पर पहाड़ी से अचानक एक विशाल बोल्डर (बड़ी चट्टान) आ गिरा। गनीमत रही कि मशीन के ऑपरेटर ने समय रहते नीचे कूद मार दी, जिससे वह बोल्डर की चपेट में आने से बाल-बाल बच गया। हालांकि, मशीन को नुकसान पहुंचा है। शाम को मौसम की स्थिति बेहद खराब होने के कारण बीआरओ ने सवा पांच बजे मार्ग खोलने का काम रोक दिया।

मलबे के ऊपर से पैदल निकले 35 लोग
काम रुकने के बाद, फंसे हुए यात्रियों में से लगभग 35 लोगों ने हिम्मत दिखाई और जान पर खेल कर मलबे के ऊपर चढ़कर गर्बाधार की तरफ निकल आए।
गर्बाधार पहुंचने के बाद यात्रियों ने धारचूला के टैक्सी चालकों से संपर्क किया। एक टैक्सी के पहुंचने पर 10 लोग देर शाम धारचूला पहुंच चुके हैं, जबकि शेष 25 लोग अभी गर्बाधार में ही रुके हुए हैं।
मार्ग खुलने की उम्मीद
क्षेत्र से वापस लौटे प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यदि सोमवार को मौसम साफ रहता है, तो दोपहर के बाद ही मार्ग खुलने की उम्मीद है। इधर, धारचूला और आसपास के क्षेत्रों में मूसलाधार वर्षा का सिलसिला जारी है।
शेड्यूल में हुआ बदलाव
तय कार्यक्रम (शेड्यूल) के अनुसार, चौथे दल के यात्रियों का रविवार को मेडिकल परीक्षण होना था और सोमवार को इस दल को नावीढांग पहुंचना था।
वहीं, वापस लौट रहे पहले दल को रविवार शाम चौकोड़ी पहुंचना था और सोमवार को अल्मोड़ा के लिए रवाना होना था। फिलहाल, यात्रा का आगे का पूरा दारोमदार सोमवार को मौसम के मिजाज पर निर्भर करेगा।

