साइबर क्राइम पुलिस ने साइबर फाइनेंशियल फ्रॉड केस का खुलासा किया

साइबर क्राइम पुलिस ने साइबर फाइनेंशियल फ्रॉड केस का खुलासा किया

Case of Cyber Financial Fraud

Case of Cyber Financial Fraud

एक शातिर आरोपी नरेला दिल्ली से काबू।

शिकायतकर्ता को एक फर्जी अकाउंट में 15 लाख रुपए ट्रांसफर करने के लिए उकसाया।धोखाधड़ी की

रंजीत शम्मी चंडीगढ़। Case of Cyber Financial Fraud: यूटी पुलिस का अहम थाना माने जाने वाले साइबर क्राइम पुलिस को फिर उस वक्त एक बड़ी कामयाबी मिली।जब पुलिस ने साइबर फाइनेंशियल फ्रॉड केस का खुलासा करते हुए एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है।पकड़े गए आरोपी की पहचान 36 वर्षीय सुल्तानपुरी दिल्ली निवासी संदीप लक्ष्मण साह के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार पता चला कि थाना साइबर क्राइम पुलिस को गुप्त सूचना और टेक्निकल तकनीक के जरिए पता चला था कि लाखों रुपए की ठगी करने वाला आरोपी दिल्ली में सक्रिय है। मामले को गंभीरता से लेते हुए और यूटी पुलिस के आला अधिकारियों के दिशा निर्देशों के चलते थाना साइबर क्राइम के डीएसपी ए वेंकटेश की सुपरवीजन में थाना साइबर क्राइम इंस्पेक्टर इरम रिजवी की टीम ने आरोपी शातिर को दिल्ली से गिरफ्तार कर मामले को सुलझा लिया। पुलिस ने हाल में बैंक खातों में रकम डलवाकर कमीशन लेने वाले 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

क्या था मामला

जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता सजीव सभरवाल ने पुलिस को शिकायत में बताया था कि जो एक मेडिकल फर्म से जुड़े हैं।और मेडिकल उपकरण खरीदने के लिए चेन्नई स्थित एक मेडिकल उपकरण कंपनी के साथ उनका बिजनेस टाई-अप था। 6 अक्तूबर 2025 को एक ठग ने ईमेल आईडी, [email protected] से एक ईमेल मिला। जिसमें झूठा दावा किया गया था कि कंपनी का बैंक खाता बदल गया है।और बकाया भुगतान को एक बैंक खाते में ट्रांसफर करने का अनुरोध किया गया था।  ईमेल को असली मानकर, शिकायतकर्ता ने ट्रांसफर की इजाज़त दे दी।और 17 अक्टूबर 2025 को, शिकायतकर्ता के एक अन्य बैंक अकाउंट से बताए गए बैंक अकाउंट में 15 लाख 38 हजार 198 रुपए की रकम ट्रांसफर कर दी गई।इसके बाद, 23। अक्तूबर 2025 को शिकायतकर्ता को असली कंपनी से पेमेंट न मिलने के बारे में एक कॉल आया। तब पता चला कि इस्तेमाल की गई ईमेल आईडी फर्जी थी और कंपनी से जुड़ी नहीं थी। जिसका ऑफिशियल ईमेल डोमेन .com पर खत्म होता है। यह साफ हो गया कि अज्ञात धोखेबाजों ने कंपनी का रूप धारण करके धोखे से शिकायतकर्ता को एक फर्जी अकाउंट में पैसे ट्रांसफर करने के लिए उकसाया और इस तरह उससे 15 लाख 38 हजार रुपए की धोखाधड़ी की।

जांच का विवरण-

पुलिस जांच के दौरान केवाईसी डिटेल्स और बैंक स्टेटमेंट पाने के लिए संबंधित बैंकों को लेटर भेजे गए। मिली जानकारी के अनुसार बैंक अकाउंट (लेयर-1) और बैंक,और सिटी बैंक (लेयर-2) में कई अन्य जुड़े हुए अकाउंट सभी एक ही व्यक्ति संदीप लक्ष्मण साह, निवासी दिल्ली के नाम पर पाए गए।सीनियर अधिकारियों से ज़रूरी इजाज़त मिलने के बाद, दिल्ली एनसीआर इलाके में छापा मारा गया। 18 जनवरी 2026 को, आरोपी, संदीप लक्ष्मण साह (36 साल) दिल्ली को, कानून के अनुसार, थाना नरेला इंडस्ट्रियल एरिया, दिल्ली के अधिकार क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान, आरोपी ने बताया कि वह एक सब्जी बेचने वाला है।और अगस्त 2025 में वह दो लोगों के संपर्क में आया।जिन्होंने उसे हर महीने 15 हजार रुपए के बदले अपने बैंक अकाउंट देने का लालच दिया।उसने उन्हें चार बैंक अकाउंट दिए और कमीशन/सैलरी के तौर पर कुल 30 हजार रुपए मिले।उसने अपने चारों बैंक अकाउंट की पासबुक, चेक बुक और एटीएम कार्ड भी उन लोगों को दे दिए। आरोपी ने आगे बताया कि वह उनके ठिकाने जानता है और उन्हें और उनके साथियों को गिरफ्तार करने में पुलिस की मदद करने को तैयार है।धोखाधड़ी में शामिल बाकी आरोपियों का पता लगाने और उन्हें गिरफ्तार करने और ठगी गई रकम बरामद करने के लिए आगे की जांच जारी है।