ड्रग एवं सोशियो इकोनॉमिक सर्वे ड्यूटी पर विवाद, शिक्षकों ने जताया विरोध; प्रशासन ने दी कार्रवाई की चेतावनी
- By Gaurav --
- Saturday, 04 Jul, 2026
Teachers Skip Survey Duty, Administration
लुधियाना: पंजाब में 'ड्रग एंड सोशियो इकोनॉमिक सेंसस' के लिए लगाई गई ड्यूटी को लेकर जिला प्रशासन और सरकारी स्कूलों के अध्यापकों के बीच विवाद गहरा गया है। प्रशासन ने ड्यूटी में अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है, जबकि अध्यापकों ने इसे गैर-शैक्षणिक कार्यों का बढ़ता बोझ और प्रशासन का तानाशाही रवैया बताया है।
जानकारी के अनुसार, जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से सर्वे की मैपिंग और प्रशिक्षण के लिए शिक्षकों को बुलाया गया था, लेकिन कई शिक्षकों ने ड्यूटी ज्वाइन नहीं की। इसके बाद विभाग ने अनुपस्थित शिक्षकों को दोबारा निर्देश जारी कर ड्यूटी पर उपस्थित होने के आदेश दिए और अनुपालन न करने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी।
दूसरी ओर, शिक्षकों ने आरोप लगाया कि उनसे लगातार बीएलओ ड्यूटी, एसआईआर कंट्रोल रूम, तीर्थ यात्रा योजना, मावां-धीयां दा सत्कार योजना, विभिन्न सर्वे, ड्रग एवं सोशियो इकोनॉमिक सेंसस और मुख्यमंत्री सेहत योजना जैसे गैर-शैक्षणिक कार्य करवाए जा रहे हैं। उनका कहना है कि गर्मी की छुट्टियों से लेकर विभिन्न परीक्षाओं और ऑनलाइन मूल्यांकन तक लगातार ड्यूटियां लगाई जा रही हैं, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
शिक्षकों का आरोप है कि यदि वे पूरे वर्ष सरकारी ड्यूटियों और सर्वेक्षणों में ही व्यस्त रहेंगे तो विद्यालयों में बच्चों को पढ़ाने के लिए समय नहीं बच पाएगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि सर्वे को स्वैच्छिक बताया जा रहा है, जबकि वास्तविकता में शिक्षकों पर इसमें शामिल होने का दबाव बनाया जा रहा है।
शिक्षकों ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ सरकारी स्कूलों के 100 से अधिक शिक्षकों को एक साथ इस कार्य के लिए लगाया गया है। उनका कहना है कि ड्यूटी पर उपस्थित न होने की स्थिति में विभागीय कार्रवाई की चेतावनी देकर मानसिक दबाव बनाया जा रहा है।
वहीं, जिला प्रशासन का कहना है कि सरकारी आदेशों का पालन सभी कर्मचारियों के लिए अनिवार्य है और निर्धारित ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।