S. Korea Danuri orbiter: चांद की तरफ दक्षिण कोर‍िया ने बढ़ाया कदम, किया पहला स्‍पेस मिशन लान्‍च, जानें- कब पहुंचेगा Lunar
S. Korea Danuri orbiter: चांद की तरफ दक्षिण कोर‍िया ने बढ़ाया कदम

S. Korea Danuri orbiter: चांद की तरफ दक्षिण कोर‍िया ने बढ़ाया कदम, किया पहला स्‍पेस मिशन लान्‍च, जान

S. Korea Danuri orbiter: चांद की तरफ दक्षिण कोर‍िया ने बढ़ाया कदम, किया पहला स्‍पेस मिशन लान्‍च, जानें- कब पहुंचेगा Lunar

सियोल. S. Korea Danuri orbiter: दक्षिण कोरिया ने गुरुवार को अपना पहला घरेलू रूप से विकसित चंद्र ऑर्बिटर लॉन्च किया. इस तरह दक्षिण कोरिया चंद्रमा पर अंतरिक्ष यान भेजने वाला सातवां देश बन गया. स्पेसएक्स (SpaceX) द्वारा लॉन्च किया गया ये उपग्रह ईंधन को बचाने के लिए एक लंबा, गोल चक्कर लगा रहा है. पहले इसका प्रक्षेपण 27 जुलाई को निर्धारित किया गया था. बहरहाल स्पेसएक्स रॉकेट के रखरखाव के मुद्दे के कारण इसमें देरी हुई. यदि मिशन सफल होता है तो अमेरिका, रूस, चीन, जापान, इज़राइल और भारत के बाद दक्षिण कोरिया दुनिया का सातवां ऐसा देश बनेगा जिसने चंद्रमा पर खोज मिशन भेजा है.

S. Korea Danuri orbiter: KARI ने नासा के साथ मिलकर अध्ययन तैयार किया

दक्षिण कोरिया की अंतरिक्ष एजेंसी कोरिया एयरोस्पेस रिसर्च इंस्टीट्यूट (KARI) ने नासा के साथ मिलकर जुलाई 2014 में एक चंद्र ऑर्बिटर अध्ययन तैयार किया था. दोनों एजेंसियों ने दिसंबर-2016 में एक समझौते पर हस्ताक्षर किया. जहां नासा को एक विज्ञान उपकरण पेलोड, दूरसंचार, नेविगेशन और मिशन डिजाइन के साथ चंद्र अभियान में सहयोग करना था. दक्षिण कोरियाई वैज्ञानिकों का कहना है कि चंद्र ऑर्बिटर 2030 तक चंद्रमा पर कदम रखने के देश के अधिक महत्वाकांक्षी लक्ष्य का मार्ग प्रशस्त करेगा.

S. Korea Danuri orbiter: ऑर्बिटर क्या करेगा ?

कोरिया पाथफाइंडर लूनर ऑर्बिटर (Korea Pathfinder Lunar Orbiter) या फिर दानुरी (Danuri) जिसका अर्थ कोरियाई भाषा में चंद्रमा का आनंद लेना है, उसे फाल्कन 9 ब्लॉक 5 लॉन्च वाहन पर लॉन्च किया गया. ऑर्बिटर को पानी के बर्फ, यूरेनियम, हीलियम-3, सिलिकॉन और एल्यूमीनियम जैसे चंद्रमा पर मौजूद संसाधनों का सर्वेक्षण करने का भी काम सौंपा जाएगा. ये भविष्य में चंद्रमा पर लैंडिंग करने की जगहों का चयन करने में मदद के लिए एक स्थलाकृतिक मानचित्र तैयार करेगा.

पहला प्रयास हुआ था विफलजून में दक्षिण कोरिया ने पहली बार अपने स्वयं के रॉकेट का उपयोग करके उपग्रहों को पृथ्वी के चारों ओर कक्षा में सफलतापूर्वक लॉन्च किया था. उसका पहला प्रयास पिछली बार विफल हो गया था. ये  प्रक्षेपण उपग्रह को कक्षा में पहुंचने में विफल रहा था.