Shashi Shekhar Vempati: भारत सरकार ने शशि शेखर वेम्पति को CBFC चेयरमैन बनाया; जानें कौन हैं?

भारत सरकार ने शशि शेखर वेम्पति को CBFC चेयरमैन बनाया; देश के सिनेमाघरों में लगने वाली फिल्मों का फैसला करेंगे, जानें कौन हैं?

Shashi Shekhar Vempati appointed new chairman of CBFC

Shashi Shekhar Vempati appointed new chairman of CBFC

Shashi Shekhar Vempati: भारत सरकार के सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने शशि शेखर वेम्पति को सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) का नया चेयरममैन नियुक्त किया है। वह अपनी ज्वाइनिंग डेट से अगले 3 सालों तक केन्द्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (Central Board of Film Certification) के चेयरमैन की जिम्मेदारी संभालेंगे। सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने आज 6 मई को इस संबंध में जानकारी दी है।

शशि शेखर वेम्पति (Shashi Shekhar Vempati) CBFC के नए चेयरमैन के तौर पर प्रसून जोशी की जगह लेने जा रहे हैं। अब तक भारतीय गीतकार और लेखक प्रसून जोशी सीबीएफसी के चेयरमैन की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। लेकिन अब देश के सिनेमाघरों में लगने वाली फिल्मों का फैसला शशि शेखर वेम्पति करेंगे। शाहरुख-सलमान और अमिताभ से लेकर बाकी सितारों की फिल्मों का फैसला अब उनके हाथ में होगा। यह नियुक्ति फिल्म इंडस्ट्री और सर्टिफिकेशन प्रक्रिया को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।

कौन हैं शशि शेखर वेम्पति?

बता दें कि शशि शेखर वेम्पति एक मशहूर मीडिया विशेषज्ञ हैं और प्रसार भारती के पूर्व सीईओ रहे हैं। वह प्रसारण और मीडिया क्षेत्र के अनुभवी व्यक्ति माने जाते हैं. उन्होंने प्रसार भारती के सीईओ के रूप में पांच साल का कार्यकाल पूरा किया, जिसमें उन्होंने सार्वजनिक प्रसारण को मजबूत बनाने के कई कदम उठाए। उनकी अगुवाई में ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन को आधुनिक बनाने पर जोर दिया गया। सूचना के क्षेत्र में उनके सराहनीय कदमों के लिए हाल ही में भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री के सम्मान से भी नवाजा है, जो उनके योगदान को दर्शाता है।

CBFC फिल्मों को प्रमाणित करने वाली प्रमुख संस्था

मालूम रहे कि सीबीएफसी, जिसे आमतौर पर सेंसर बोर्ड के रूप में जाना जाता है, यह भारत सरकार के सूचना और प्रसारण मंत्रालय के अंतर्गत भारत में फिल्मों को प्रमाणित करने वाली प्रमुख संस्था है और इसका मुख्यालय मुंबई में है, यह संस्था फिल्मों की सामाग्री को देखते हुए उम्र के हिसाब से श्रेणियां तय करती है और सामाजिक संवेदनशीलता का ध्यान रखते हुए सर्टिफिकेट जारी करती है। CBFC का काम है कि निर्माण हुई फिल्मों को सिनेमाघरों और सार्वजनिक मंचों पर प्रदर्शित करने से पहले उनकी सामग्री की जांच की जाये और ऐसे आपत्तिजनक चित्रण और डायलॉग्स पर रोक लगाई जा सके, जिनसे समाज पर बुरा असर पड़ता है या देश में माहौल खराब होता हो।