₹1.5 करोड़ की ऑनलाइन ट्रेडिंग ठगी में पंचकूला पुलिस को बड़ी सफलता, हरदोई से एक और आरोपी गिरफ्तार
- By Gaurav --
- Thursday, 09 Jul, 2026
Panchkula Police Arrest Another
पंचकूला पुलिस के साइबर क्राइम थाना टीम ने करीब 1.5 करोड़ रुपये की ऑनलाइन ट्रेडिंग धोखाधड़ी के मामले में एक और बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस टीम ने इस मामले की कड़ियों को जोड़ते हुए उत्तर प्रदेश के हरदोई जिला से एक और आरोपी को 1 जुलाई को दबोच लिया। आरोपी को 7 दिन के पुलिस रिमांड के बाद 8 जुलाई को जेल भेज दिया गया है।
साइबर थाना प्रभारी युद्धवीर सिंह के अनुसार पंचकूला के निवासी पीड़ित ने साइबर पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित ने बताया था कि नवंबर 2023 में टेलीग्राम पर एक आईडी से उन्हें मैसेज आया, जिसने खुद को बेंगलुरु की कंस्ट्रक्शन कंपनी से संबंधित बताया। उसने पीड़ित को झांसा दिया कि उसके अंकल अमेरिका में ट्रेडिंग करते हैं और वह उन्हें भारी मुनाफा कमा कर दे सकती है। आरोपियों ने पीड़ित को झांसे में लेकर एक फर्जी एप्लीकेशन डाउनलोड करवाई। शुरुआत में विश्वास जीतने के लिए आरोपियों ने पीड़ित को 4000 रुपये का मुनाफा भी दिखाया। इसके बाद मुनाफे का लालच देकर आरोपियों ने अलग-अलग किस्तों में और टैक्स क्लियरेंस के नाम पर पीड़ित से करीब 1 करोड़ 50 लाख रुपये अपने बताए गए खातों में ट्रांसफर करवा लिए। जब पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने पुलिस में शिकायत की बात कही, तो आरोपियों ने टेलीग्राम आईडी डिलीट कर दी और अपने फोन बंद कर लिए। इस सदमे के कारण पीड़ित कई महीनों तक परेशान रहा व बाद में पुलिस से संपर्क किया। शिकायत के आधार पर 10 अक्टूबर 2024 को यह मामला दर्ज किया गया था। मामले की जांच सब इंस्पेक्टर भूप सिंह द्वारा की जा रही है।
आठ आरोपी पहले से गिरफ्तार
डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह: इससे पहले पुलिस ने इस मामलें में राजेश कुमार निवासी एटा, यूपी, आकिब अली उर्फ शेरू निवासी लखीमपुर खीरी, यूपी, आकाश निवासी बिजनौर/गुड़गांव, विशाल कुमार निवासी हनुमानगढ़, राजस्थान और मोनू उर्फ मोहम्मद अशरफ लखीमपुर खीर, संदीप निवासी हरदोई, यूपी को गिरफ्तार कर चुकी है। इसके अलावा दो बैंक कर्मियों ऋषभ वैश्य, निवासी सीतापुर, यूपी और अनुपम कुमार सिंह निवासी हरदोई, यूपी को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में मोबाइल फोन, दर्जनों एटीएम/डेबिट कार्ड, चेकबुक और कई फर्जी कंपनियों/दुकानों के दस्तावेज बरामद हो चुके हैं।
डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह का कहना है कि रिमांड के दौरान आरोपी से की गई पूछताछ में अन्य आरोपियों के बारे में अहम सुराग हाथ लगे हैं, जिन्हें जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।