कुरुक्षेत्र के ओंकार सैनी बाथ शहर में बने डिप्टी मेयर, स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धि

कुरुक्षेत्र के ओंकार सैनी बाथ शहर में बने डिप्टी मेयर, स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धि

Omkar Saini from Kurukshetra becomes Deputy

Omkar Saini from Kurukshetra becomes Deputy

 कुरुक्षेत्र। Omkar Saini from Kurukshetra becomes Deputy, हरियाणा के जिला कुरुक्षेत्र के ओंकार सैनी ईंग्लैंड के बाथ शहर में डिप्टी मेयर चुने गए हैं। उनके सहपाठियों ने इसे प्रदेश और देश के लिए भी बड़ी उपलब्धि बताया है। ओंकार सैनी के माता-पिता यहां सेक्टर 13 के साथ लगते कैलाश नगर में रहते हैं।

ओंकार सैनी ने बताया कि वह वर्ष 2023 में पहली बार लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के टिकट पर यूनिट्री काउंसिल के चुनाव में प्रतिनिधि बने थे। अब उन्होंने शनिवार को ही बाथ शहर में डिप्टी मेयर की जिम्मेदारी संभाली है।

ओंकार सैनी के बचपन के मित्र एडवोकेट दीपक भारद्वाज ने बताया कि ओंकार की इस ऐतिहासिक उपलब्धि की नींव कुरुक्षेत्र की गलियों में रखी गई थी। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अग्रसेन पब्लिक स्कूल से प्राप्त की और माध्यमिक शिक्षा गीता निकेतन आवासीय विद्यालय से पूरी की थी।

कैबिनेट लीड की भूमिका भी निभा रहे

इन्हीं दोनों संस्थान से मिले संस्कारों और अनुशासन को साथ लेकर ओंकार ने यूनाइटेड किंगडम के लंदन मेट्रोपालिटन विश्वविद्यालय से अंतरराष्ट्रीय में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की और बाथ को अपना घर बनाया।

वह वर्ष 2010 में पढ़ाई के लिए वहां गया था, अब वहीं रहने लगे हैं। वह डिप्टी मेयर के दायित्वों के साथ-साथ ओंकार बाथ एंड नार्थ ईस्ट समरसेट काउंसिल में व्यापार, कौशल और डिजिटल विभाग के कैबिनेट लीड की भूमिका भी निभा रहे हैं।

इस पद पर वे आर्थिक विकास को गति देने, स्थानीय उद्यमों को सहयोग करने, निवासियों के लिए कौशल विकास के अवसर बनाने और पूरे क्षेत्र में डिजिटल पहुंच को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय रूप से कार्यरत हैं।

डिप्टी मेयर की जिम्मेदारी मिलना गहरे सम्मान की बात

इंग्लैंड के बाथ शहर में नवनियुक्त डिप्टी मेयर ओंकार सैनी ने दैनिक जागरण से मोबाइल पर बातचीत में कहा कि बाथ शहर के डिप्टी मेयर के रूप में इस शहर का प्रतिनिधित्व करना मेरे लिए गहरे सम्मान की बात है। कुरुक्षेत्र मेरे दिल में हर पल जीवित है और मैं यह उपलब्धि वह हर उस व्यक्ति को समर्पित करते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि कुरुक्षेत्र कोई साधारण स्थान नहीं है। पढ़ाई के दिनों में इसी शहर ने उन्हें कर्तव्य, सेवा और धर्म के मूल्यों का ज्ञान दिया।