Nitish Kumar resigns as CM: नीतीश कुमार का CM पद से इस्तीफा; बिहार की सत्ता को कहा अलविदा, 10 बार मुख्यमंत्री बने

नीतीश कुमार का CM पद से इस्तीफा; बिहार की सत्ता को कहा अलविदा, 10 बार मुख्यमंत्री बने, बोले- अब नई सरकार यहां का काम देखेगी

Nitish Kumar Resigns as Bihar CM New Government Formed Tomorrow

Nitish Kumar Resigns as Bihar CM New Government Formed Tomorrow

Nitish Kumar resigns as CM: बिहार की राजनीति में आज का दिन एक बहुत बड़े बदलाव का रहा। ये बदलाव है बिहार में 'नीतीश युग' का। नीतीश कुमार ने बिहार के मुख्यमंत्री पद इसे इस्तीफा दे दिया है। आज मंगलवार (14 अप्रैल) को नीतीश ने पटना के लोक भवन में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन को अपना इस्तीफा सौंप दिया। नीतीश के सीएम पद छोड़ने से सियासी गलियारों में हलचल तेज है और आम जनमानस के बीच इसकी व्यापक चर्चा है।

Nitish Kumar Resigns as Bihar CM New Government Formed Tomorrow

सीएम पद से इस्तीफा देने के साथ ही नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया पर एक बयान भी जारी किया है। जिसमें उन्होंने बिहार के अंदर अपने शाससकाल में राज्य के विकास का जिक्र किया है और लोगों के लिए किए गए कामों की बात कही। साथ ही बिहार के लोगों का आभार भी जताया।

नीतीश कुमार ने लिखा, ''24 नवंबर, 2005 को राज्य में पहली बार एनडीए सरकार बनी थी। तब से राज्य में कानून का राज है और हम लगातार विकास के काम में लगे हुए हैं। सरकार ने शुरू से ही सभी तबकों का विकास किया है चाहे हिंदू हो, मुस्लिम हो, अपर कास्ट हो, पिछड़ा हो, अति पिछड़ा हो, दलित हो, महादलित हो- सभी के लिए काम किया गया है। हर क्षेत्र में काम हुआ है चाहे शिक्षा हो, स्वास्थ्य हो, सड़क हो, बिजली हो, कृषि हो। महिलाओं एवं युवाओं के लिए भी बहुत काम किया गया है और इतने दिनों से लगातार लोगों की सेवा की है।''

नीतीश कुमार ने आगे कहा, "हमने तय किया था कि मैं अब मुख्यमंत्री का पद छोड़ दूंगा, और इसलिए, आज की कैबिनेट बैठक के बाद, मैं राज्यपाल से मिला और उन्हें अपना इस्तीफ़ा सौंप दिया। अब नई सरकार यहां का काम देखेगी। नई सरकार को मेरा पूरा सहयोग और मार्गदर्शन मिलेगा। आगे भी बहुत अच्छे काम होंगे, और बिहार बहुत आगे बढ़ेगा। बिहार के विकास में केन्द्र का भी पूरा सहयोग मिल रहा है। इसके लिए आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का नमन करते हैं। बिहार और तेजी से विकसित होगा और देश के टॉप राज्यों में शामिल हो जाएगा तथा देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देगा।''

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बिहार के सबसे लंबे समय तक CM रहे नीतीश

बिहार के सबसे लंबे समय तक और सर्वाधिक बार मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड बनाने वाले नीतीश कुमार ने जिस तरह बिहार की सत्ता को अलविदा कहा है। उस लिहाज से नीतीश कुमार का यह इस्तीफा बिहार की सियासत में एक बड़ा घटनाक्रम है। नीतीश कुमार 10 बार बिहार के मुख्यमंत्री बने। वह 20 साल से अधिक समय तक बिहार की राजनीति और सत्ता की धुरी बने रहे। अब नीतीश कुमार के सीएम पद से इस्तीफे के साथ ही बिहार से 'नीतीश युग' जा रहा है। बिहार की राजनीति की यह एक बड़ी करवट है। बिहार के 'सुशासन बाबू' कह जाने वाले CM नीतीश कुमार ने बिहार की कमान छोड़ दी है।

CM की कुर्सी से ज्यादा सांसद बनने में दिलचस्पी

नीतीश कुमार ने CM की कुर्सी से ज्यादा संसद के उच्च सदन राज्यसभा में जाने की दिलचस्पी दिखाई है। नीतीश ने इसी 10 अप्रैल को राज्यसभा मेंबर के तौर पर शपथ ली थी। जिसके बाद वह राज्यसभा के सांसद हो गए थे। मसलन अब वह दिल्ली से राष्ट्रीय राजनीति में अपनी आगे की पारी खेलेंगे। वहीं ये चर्चा भी तेज है की नीतीश युग जाते ही बिहार का पॉलिटिकल अलाइनमेंट बदलेगा। बिहार की त्रिकोणीय राजनीति अब दो धुरों पर बीजेपी बनाम आरजेडी की रह जाएगी।

निशांत कुमार को डिप्टी CM बनाने की चर्चा

नीतीश कुमार के एकलौते बेटे निशांत कुमार ने हाल ही में राजनीति में कदम रखा है। निशांत ने अपनी पिता की विरासत को आगे बढ़ाने के लिए JD(U) जॉइन कर ली है। नीतीश कुमार का राज्यसभा आना और निशांत कुमार का अचानक राजनीतिक में आना। ये केवल एक संयोग नहीं माना जा रहा है। इसके साथ ही यह चर्चा तेज है की निशांत कुमार को डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है। शायद बीजेपी को अपना सीएम बनाने देने के बदले नीतीश कुमार की यह खुद की मांग भी है।

पूरी सरकार ही बदल रही, नए मंत्री शामिल होंगे!

मुख्यमंत्री के साथ-साथ बिहार की पूरी सरकार ही बदल रही है। नए सिरे से नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह होगा। नए मंत्री शामिल होंगे। इसलिए नए सीएम के साथ मंत्रियों के नामों को लेकर भी अटकलें तेज हो गई हैं। कई मौजूदा चेहरों के ही होने की संभावनाएं जताई जा रही है उनमें से कई चेहरे वहीं हैं जो मौजूदा नीतीश मंत्रिमंडल में शामिल हैं। वहीं यह कयास लगाए जा रहे हैं कि बीजेपी अपने कोटे से कुछ 'नॉन-परफॉर्मिंग' मंत्रियों की छुट्टी कर सकती है। उनकी जगह नए चेहरों को मौका दिया जा सकता है।

नीतीश कुमार कब-कब बने बिहार के CM?

नीतीश कुमार सबसे पहले मार्च 2000 में हुए चुनाव के बाद करीब 7 दिन के लिए बिहार के सीएम बने थे। उस वक्त नीतीश कुमार की सरकार बहुमत हासिल न कर पाने के कारण गिर गई। फिर नवम्बर 2005 में चुनाव के बाद नीतीश कुमार दूसरी बार बिहार के सीएम बने। इस दौरान नीतीश कुमार ने 5 साल का कार्यकाल पूरा किया। वहीं नवम्बर 2010 में चुनाव के बाद नीतीश कुमार ने तीसरी बार सीएम पद की शपथ ली और लगभग 3.5 साल के लिए बिहार के सीएम रहे। इसके बाद बिहार में राष्ट्रपति शासन लगा।

वहीं फरवरी 2015 में नीतीश कुमार ने मांझी को हटाकर चौथी बार सीएम पद की शपथ ली और करीब 9 महीना बिहार के सीएम रहे। जबकि नवम्बर 2015 में हुए चुनाव बाद पाँचवीं बार नीतीश कुमार ने सीएम पद की शपथ ली और 1.8 साल तक बिहार के सीएम रहे। वहीं जुलाई 2017 में फिर से नीतीश कुमार पलटे और छठी बार सीएम पद की शपथ ली और इस दौरान 3.4 साल के लिए बिहार के सीएम रहे। इसके बाद आगे भी नीतीश के सीएम बनने का सिलसिला जारी रहा.

नवम्बर 2020 में हुए चुनाव के बाद नीतीश कुमार ने 7वीं बार सीएम पद की शपथ ली और लगभग 19 महीने बिहार के सीएम रहे। क्योंकि अगस्त 2022 में बीजेपी का साथ छोड़ने और RJD के साथ जाने के बाद नीतीश कुमार ने 8वीं बार सीएम पद की शपथ ली और करीब 1.5 महीना बिहार के सीएम रहे। इसके बाद जनवरी 2024 में फिर से बीजेपी के साथ आकर 9वीं बार नीतीश कुमार बिहार के सीएम बने। वहीं 2025 विधानसभा चुनाव के बाद नीतीश ने 20 नवंबर को 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी.

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केंद्र में मंत्री रहे नीतीश कुमार

ज्ञात रहे कि जेडीयू सुप्रीमो नीतीश कुमार केंद्र सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। नीतीश ने मार्च 1998 से अगस्त 1999 और फिर मार्च 2001 से मई 2004 तक पूर्व अटल बिहारी बाजपाई की सरकार में रेल मंत्रालय संभाला और बतौर रेल मंत्री रेलवे व्यवस्था में कई अहम बदलाव किए। रेल मंत्री रहने के अलावा नीतीश केंद्रीय परिवहन मंत्री, केंद्रीय कृषि मंत्री और केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भी रहे। नीतीश कुमार की गिनती देश के ऐसे नेताओं में की जाती रही है जो पक्ष और विपक्ष दोनों के लिए मजबूरी रहे हैं। यानि चाहें सत्ता पक्ष हो या विपक्ष, दोनों खेमों ने नीतीश कुमार को अपने पाले में रखने की कोशिश की है। इसीलिए नीतीश कुमार के बारे में एक स्लोगन भी खूब चर्चा में रहता है कि ''नीतीश सबके हैं''