हरियाणा 112 के साइन लैंग्वेज एक्सपर्ट की मदद से जानी आपबीती

हरियाणा 112 के साइन लैंग्वेज एक्सपर्ट की मदद से जानी आपबीती

हरियाणा 112 के साइन लैंग्वेज एक्सपर्ट की मदद से जानी आपबीती

हरियाणा 112 के साइन लैंग्वेज एक्सपर्ट की मदद से जानी आपबीती

नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता को अपराध रिपोर्ट करने में निभाई अहम भूमिका

चंडीगढ़, 13 सितंबर - हरियाणा पुलिस के राज्य आपातकालीन प्रतिक्रिया केंद्र (हरियाणा 112) टीम द्वारा प्रभावी भूमिका निभाते हुए एक नाबालिग (मूकबधिर) दुष्कर्म पीड़िता को उसके साथ हुए घिनौने कृत्य की रिपोर्ट करने में तत्परता से सहायता उपलब्ध करवाई गई।
           हरियाणा पुलिस के प्रवक्ता ने आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया कि राई पुलिस थाना से एक कॉल स्टेट इमरजेंसी रिस्पांस सेंटर पंचकूला में आई, जहां एसएचओ ने एक दुष्कर्म पीड़िता के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस नाबालिग लड़की से संवाद नहीं कर पा रही है जो बोल व सुन नही सकती।
            जैसे ही मामला संज्ञान में आया, हरियाणा 112 की टीम ने स्पेशल सीओ (साइन लैंग्वेज एक्सपर्ट) की मदद से रेप पीड़िता से उसकी सहपाठी (जो स्वयं भी मूक-बधिर) के माध्यम से सफलतापूर्वक संवाद स्थापित किया। बहुत ही कम समय में हरियाणा 112 के स्पेशल सीओ ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पीड़िता द्वारा पूरी घटना पुलिस टीम को बताने में मदद की। इस प्रकार एक मूकबधिर नाबालिग लड़की के खिलाफ हुए जघन्य अपराध का पर्दाफाश करने में हरियाणा 112 की समस्त टीम ने त्वरित और समय पर कार्रवाई करते हुए अहम भूमिका निभाई।
            उल्लेखनीय है कि राज्य आपातकालीन प्रतिक्रिया केंद्र, पंचकूला में वीडियो कॉल और मैसेजिंग ऐप सुविधा से लैस मूक-बधिर लोगों के लिए एक विशेष प्रकोष्ठ स्थापित किया गया है। ऐसी कॉलों से निपटने के लिए चैबीसों घंटे सांकेतिक भाषा के विशेषज्ञों को तैनात किया गया है। डीजीपी हरियाणा श्री प्रशांत कुमार अग्रवाल ने कहा कि ईआरएसएस (हरियाणा -112) ने एक अनूठी पहल की है जो संकट की स्थिति में सुनने और बोलने में असमर्थ पीड़ितों के साथ संवाद स्थापित करने में सहायक है। इससे पीड़ित को अपराध की रिपोर्ट करने के साथ-साथ पुलिस को ऐसे दरिंदों पर कडी कार्रवाई करते हुए नकेल कसने में भी मदद मिले