गौ ग्रास सेवा समिति के पंद्रहवे गौ ग्राम रथ का हुआ शुभारंभ
गौ ग्रास सेवा समिति के पंद्रहवे गौ ग्राम रथ का हुआ शुभारंभ

गौ ग्रास सेवा समिति के पंद्रहवे गौ ग्राम रथ का हुआ शुभारंभ

गौ ग्रास सेवा समिति के पंद्रहवे गौ ग्राम रथ का हुआ शुभारंभ

गौ ग्रास सेवा समिति  ने मां दुर्गा मंदिर व सैक्टर-६८ के सहयोग से एक दिवसीय गौ कथा का आयोजन

मोहाली। गौ ग्रास सेवा समिति  ने मां दुर्गा मंदिर, सैक्टर-६८, के सहयोग से एक दिवसीय गौ कथा का आयोजन किया । इस शुभ अवसर पर कथा करने पहुंचे पंजाब के गौ सेवा प्रमुख चन्द्रकांत  ने अपने करकमलों द्वारा गौ ग्रास सेवा समिति के पंद्रहवे गौ ग्राम रथ का भी शुभारंम किया। यह रथ प्रतिदिन सैक्टर-६८ के प्रत्येक घर में से गौ ग्रास के रूप में पहली रोटी, फलों व सब्जियों का बचा हुआ हिस्सा, गुड़, चोकर, छान-बूरा आदि एकत्र कर सरकारी गौशाला, फेज़-१, इंडस्ट्रियल एरिया, मोहाली में पहुंचाएगा।  चन्द्रकांत जी ने गौ कथा के माध्यम से उपस्थित सभी भगतजनों को भारतीय देसी गौ माता के धार्मिक एवं वैज्ञानिक महत्व के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि गौ माता के शरीर में ३३-कोटि देवी-देवताओं का वास है। इसलिए आपके द्वारा गौ ग्रास के रूप में निकाली गई पहली रोटी ३३-कोटि देवी-देवताओं के भोग के लिए है। उन्होंने गौ माता को चलते-फिरते औषधालय की संज्ञा देते हुऐ बताया कि गौ माता के पास सभी प्रकार की बीमारियों का निदान करने की क्षमता है तथा गौ माता का पंचगव्य दूध, दही, घी, गोबर, गोमूत्र मानव कल्याण के लिए सर्वश्रेष्ठ है। आज आधुनिक विज्ञान भी गौ माता के गुणों का लोहा मान चूका है। यहां तक की कैंसर जैसी भयानक बीमारी का भी इलाज गौ माता के पंचगव्य से सम्भव है।  अमेरिका जैसे विकसित देश ने भारतीय देसी गौ माता के गौमूत्र पर शोध कर अलग-अलग चार प्रकार के पेटेंट भी ले रखे हैं। गौ कथा के अंत में पूज्य चन्द्रकांत जी ने सभी से प्रतिदिन गौ ग्रास निकालने तथा गौ माता की सेवा, रक्षा एवं संवर्धन करने की अपील की। इस अवसर पर माँ दुर्गा मंदिर के प्रधान मनोज अग्रवाल, वेद प्रकाश कम्बोज, सुमेश बधवार, सुरिंदर सूद, मुरली मनोहर, लाभ सिंह, सतपाल गुप्ता, पुष्पा वर्मा, गौ ग्रास सेवा समिति के प्रधान शीशपाल, कर्म चंद शर्मा, सुधीर गोयल, प्रवीण शर्मा, ब्रिज मोहन जोशी, रोहित शर्मा, ईश्वर चंद तथा उपस्थित सभी ने एकजुट होकर गौमाता की सेवा के लिए संकल्प लिया।