In the Dana Mandis of Punjab, there was fraud in the tenders of labor and transportation.
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In the Dana Mandis of Punjab, there was fraud in the tenders of labor and transportation.

पंजाब की दाना मंडियों में भी मज़दूरी और ढुलाई के टैंडरों में घपलेबाज़ी आई सामने

चर्चित ठेकेदारों के खि़लाफ़ मुकदमा दर्ज, अन्य टैंडरकारों और सरकारी अधिकारियों की भूमिका संबंधी जांच जारी

चंडीगढ़। पंजाब विजीलैंस ब्यूरो की तरफ से अनाज मंडियों के लेबर कारटेज़ और ढुलाई ( ट्रांसपोर्ट) के टैंडरों और कामों में घपला करने सम्बन्धी की पड़ताल के दौरान विभाग ख़ाद्य और सिविल सप्लाई और उपभोक्ता मामले शहीद भगत सिंह नगर के सम्बन्धित अधिकारियों/ कर्मचारियों और खरीद एजेंसियों के सम्बन्धित अधिकारियों/ कर्मचारियों की ठेकेदारों के साथ आपसी मिलीभुगत के द्वारा घपलेबाज़ी सामने आने और सरकारी खजाने को चूना लगाने के दोषों के अंतर्गत आज तीन ठेकेदारों के विरुद्ध थाना विजीलैंस ब्यूरो, जालंधर में मुकदमा दर्ज किया गया। इस बारे शिकायत में दर्ज बाकी दोषों और जिले के अन्य टैंडरकारों और सरकारी अधिकारियों/ कर्मचारियों की भूमिका को मुकदमे की जाँच के दौरान विचारा जायेगा।

आज इस बारे जानकारी देते हुए विजीलैस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि ब्यूरो की तरफ से शहीद भगत सिंह नगर जिले की दाना मंडियों में मज़दूरी और ढुलाई के टैंडरों और कामों में मिलीभुगत के द्वारा हुई घपलेबाज़ी सम्बन्धी पड़ताल की उपरांत दोष साबित होने के बाद ठेकेदार तेलू राम, ठेकेदार यशपाल और ठेकेदार अजैपाल,  सबी वासी गाँव ऊधणवाल, तहसील बलाचौर के खि़लाफ़ मुकदमा नंबर: 18 तारीख़ 22- 09-2022 को आई.पी.सी. की धारा 420, 409, 467, 468, 471, 120- बी और भ्रष्टाचार रोकथाम कानून की धारा 7, 8 12, 13 (2) के अंतर्गत थाना विजीलैंस ब्यूरो, जालंधर में दर्ज किया गया।

बताने योग्य है कि उपरोक्त मुकदमे के मुलजिम तेलू राम, यशपाल और अजैपाल की तरफ से इस तरह की घपलेबाजिय़ां करके अपने और अपने परिवार के नाम पर काफ़ी जायदादें बनाईं हुई हैं जिनके बारे जाँच के दौरान गहराई से जाँच की जायेगी। यह भी वर्णनयोग्य है कि उपरोक्त दोषी ठेकेदार तेलू राम को पहले ही विजीलैंस ब्यूरो रेंज लुधियाना की तरफ से दर्ज मुकदमे में गिरफ्तार होने के कारण जेल में बंद है। बाकी रहते दो दोषियों ठेकेदार यशपाल और ठेकेदार अजैपाल को ग्रिफतार करने के लिए ब्यूरो की तरफ से टीमें बना कर छापेमारी की जा रही है, जिनको जल्द ही गिरफ्तार किया जायेगा और उनकी गिरफ्तारी के बाद कई और अहम सुराग मिलने की संभावना है।

इस सम्बन्धी और जानकारी देते हुए प्रवक्ता ने बताया कि ख़ाद्य विभाव की तरफ से गेहूं/धान/ स्टाक आरटीकलज़ के लिए अनाज मंडियों में लेबर कारटेज़ और ट्रांसपोर्ट के टैंडरों के मौके आर. एस. को-आपरेटिव श्रम और निर्माण सभा नवांशहर के प्रधान हनी कुमार की सभा की तरफ से साल 2020- 2021 में नवांशहर और राहो कलस्टर और पी. जी. गौदाम नवांशहर में केवल लेबर के टैंडर बेसिक रेट पर डाले गए थे परंतु विभाग की तरफ से बिना किसी आधार पर रद्द कर दिए गए और नवांशहर कलस्टर के यह टैंडर ठेकेदार तेलू राम को 71 फ़ीसद अधिक और अन्य रांहों कलस्टर के 72 फ़ीसद अधिक रेट पर दे दिए गए। 

उपरांत साल 2022-23 के माँगे गए टैंडरों में हनी कुमार ने अपनी उक्त सभा की तरफ से लेबर के काम के लिए रांहों कलस्टर और नवांशहर कलस्टर में बेसक रेट पर टैंडर डाले थे परन्तु जि़ला अलाटमैंट समिति की तरफ से उन टैंडरों को रद्द करके ठेकेदार अजैपाल को नवांशहर कलस्टर में लेबर के कामों के लिए 73 फ़ीसद अधिक और रांहो कलस्टर में 72 फ़ीसद अधिक पर टैंडर दे दिया गया।

प्रवक्ता ने बताया कि साल 2020-21 के टैंडर भरते समय ठेकेदार तेलू राम और ठेकेदार यशपाल जबकि साल 2020-21 और 2022- 23 के दौरान ठेकेदार अजैपाल की तरफ से उपज की ढुलाई के लिए व्हीकलों सम्बन्धी पेश की आनलाइन सूचियों का रिकार्ड सम्बन्धित जि़ला ट्रांसपोर्ट अथोरिटी से तस्दीक करवाया गया जिसमें व्हीकलों के काफ़ी नंबर स्कूटर, मोटर साइकिल, कार, पिकअप्प, ट्रैक्टर ट्रेलर, क्लोज बॉडी ट्रक, एल. पी. जी. टेंकर और हारवैस्टरों आदि के शामिल थे जबकि इन व्हीकलों पर फसल की ढुलाई नहीं की जा सकती। इस प्रकार इन गेट पासों में फज़ऱ्ी व्हीकलों के नंबरों साथ-साथ फसल की मात्रा का दिया विवरण पहली नजऱ में फज़ऱ्ी रिपोर्टिंग का मामला दिखाई देता है और इन गेट पासों में दिखाई फसल के गबन होने का मामला भी उजागर होता है। उन्होंने बताया कि विभाग के सम्बन्धित अधिकारियों/ कर्मचारियों की तरफ से इन गेट पासों को बिना जांच किये ही उक्त ठेकेदारों को किये गए कामों के बदले अदायगी भी कर दी गई है।

उन्होंने यह भी खुलासा किया कि इसके इलावा टैंडर भरते समय उक्त ठेकेदारों की तरफ से मज़दूरी के काम सम्बन्धी मुहैया करवाए गए मज़दूरों के आधार कार्डों की फोटो कापियों को जांचने से पाया गया कि इनमें से कई आधार कार्ड नाबालिग मज़दूरों के, कई आधार कार्ड 60 साल से अधिक उम्र वाले लोगों के और कई आधार कार्ड पढऩे योग्य ही नहीं। इस कारण तथ्यों के मुताबिक जि़ला टैंडर समिति की तरफ से सम्बन्धित ठेकेदारों की तकनीकी बिड्ड ही ख़ारिज करनी बनती थी, जो कि नहीं की गई जिससे साबित हुआ है कि उक्त ठेकेदारों की तरफ से ख़ाद्य एवं सिविल सप्लाई और उपभोक्ता मामले विभाग, शहीद भगत सिंह नगर के सम्बन्धित अधिकारियों/ कर्मचारियों और सम्बन्धित खरीद एजेंसियों के सम्बन्धित अधिकारियों/ कर्मचारियों के साथ मिलीभुगत करके अनाज मंडियों में अनाज की ढुलाई के लिए हुए लेबर कारटेज़ और ट्रांसपोर्ट के टैंडरों में घपलेबाज़ी की गई है जिसके आधार पर यह मुकदमा दर्ज किया गया है।