बिहार में उच्च शिक्षा को मिलेगी नई दिशा, शोध को बढ़ावा देने और 211 कॉलेजों में नियुक्तियों पर बनी सहमति

बिहार में उच्च शिक्षा को मिलेगी नई दिशा, शोध को बढ़ावा देने और 211 कॉलेजों में नियुक्तियों पर बनी सहमति

Higher education in Bihar set for a new direction

Higher education in Bihar set for a new direction

 पटना। Higher education in Bihar set for a new direction, पटना स्थित बिहार लोक भवन में शुक्रवार को राज्यपाल की अध्यक्षता में उच्च शिक्षा को लेकर अहम बैठक हुई। बैठक में राज्य के विश्वविद्यालयों और नवसृजित सरकारी डिग्री कॉलेजों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर सहमति बनी। इसमें उच्च शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और शोध कार्यों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया।

शोध को बढ़ावा देने के लिए तीन बड़ी योजनाएं

बैठक में शोध एवं अनुसंधान को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कुलाधिपति पोस्ट-डाक्टोरल फेलोशिप, मुख्यमंत्री शोध अनुदान योजना और मुख्यमंत्री शोध छात्रवृत्ति योजना लागू करने पर सहमति बनी।

इन योजनाओं का उद्देश्य शोधार्थियों और युवा शिक्षाविदों को आर्थिक सहायता देकर विश्वविद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान को बढ़ावा देना है।

211 नए कॉलेजों में होगी शिक्षकों की नियुक्ति

बैठक में नवसृजित 211 राजकीय डिग्री महाविद्यालयों के लिए संविदा आधारित सहायक प्राध्यापकों की केंद्रीकृत नियुक्ति प्रक्रिया अपनाने का निर्णय लिया गया।

इससे नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और नए कॉलेजों में शिक्षकों की कमी दूर होने की उम्मीद है।

जुलाई के पहले सप्ताह तक मिलेगा पाठ्यक्रम का अनुमोदन

स्नातकोत्तर स्तर के 43 विषयों के नए पाठ्यक्रमों को जुलाई के प्रथम सप्ताह तक मंजूरी देने पर भी सहमति बनी।

इससे नए शैक्षणिक सत्र में विद्यार्थियों को अद्यतन पाठ्यक्रम के अनुसार पढ़ाई का लाभ मिलेगा और विश्वविद्यालयों में अकादमिक गतिविधियों को गति मिलेगी।

बैठक में कई अहम हस्तियां रहीं मौजूद

उच्च शिक्षा से जुड़ी इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह टाइगर समेत शिक्षा विभाग और राजभवन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में लिए गए फैसलों को बिहार की उच्च शिक्षा व्यवस्था में सुधार और शोध संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।