राजस्थान की सियासत में गरमाहट: शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के बयान पर मचा विवाद, कांग्रेस का तीखा पलटवार

राजस्थान की सियासत में गरमाहट: शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के बयान पर मचा विवाद, कांग्रेस का तीखा पलटवार

Controversy erupts over Education Minister Madan Dilawar

Heating up of Rajasthan politics, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के बयान के बाद राजस्थान की सियासत गरमा गई है. शिक्षा मंत्री के बयान पर विवाद के बाद कांग्रेस ने दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए निंदा की. जबकि दिलावर अपने बयान पर कायम हैं और उन्होने इसे दोहराया. मंत्री ने कहा कि ऐसी बात कोई महामूर्ख ही कर सकता है. जिस समझदार आदमी में दो कौड़ी की भी समझ होगी, वो ऐसी बात नहीं कर सकता. जबकि किरोड़ी लाल मीणा पर लग रहे आरोपों के बीच कृषि मंत्री का समर्थन किया.

बयान पर विवाद, बोले- कोई गलत बात नहीं कही थी

दिलावर ने 'वैश्या और पतिव्रता वाले बयान' पर कहा कि ये कहावत है. कोई इस प्रकार की चर्चा करता है तो मैं समझता हूं कि इसमें कोई गलत बात नहीं है. क्योंकि कोई वैश्या पतिव्रता नारी पर आरोप लगाए तो इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या होगा. 

गहलोत ने किरोड़ीलाल मीणा पर साधा था निशाना

पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा था, "किरोड़ीलाल मीणा सरकार बनने से पूर्व एवं अब मंत्री रहते हुए भी हम सब पर लगातार आरोप लगाते घूम रहे हैं पर इनका एक भी आरोप किसी पर सिद्ध नहीं हुआ है. भाजपा सरकार आने के ढाई साल में इनके सब आरोप हवा में उड़ चुके हैं. अब इन पर खुद पर आरोप लग गए तो ये तिलमिला गए हैं और बयान दे रहे हैं कि मुख्यमंत्री के दबाव में एसीबी उन्हें फंसा रही है. अब वे जनता के सामने पूरी तरह एक्सपोज हो गए हैं. जनता सब देख रही है, इस झूठ की राजनीति का अंत निश्चित है."

डोटासरा ने कसा था तंज

हालांकि, इस मामले में डोटासरा भी प्रतिक्रिया दे चुके हैं. उन्होंने कहा कि स्कूली शिक्षा मंत्री ऐसा बनाया है, जो शिक्षा का 'श' नहीं जानता और उच्च शिक्षा मंत्री ऐसा है, जिसको 'उच्च' लिखना नहीं आता. सुना था दिल्ली जाते हो, लेकिन दिल्ली जाने से पर्यटन मंत्री थोड़ी हो जाते हो. जबकि कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता स्वर्णिम चतुर्वेदी ने भी पलटवार करते हुए कहा कि राजस्थान के शिक्षा मंत्री अपनी असंसदीय, अशोभनीय बयानबाजी के लिए पहचाने जाते हैं. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ उन्होंने निम्न स्तरीय भाषा का प्रयोग किया है, वह उनके पद की गरिमा को शोभा नहीं देता.