आईएएस अशोक खेमका के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों पर एफआईआर दर्ज होने के बाद पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से मिली राह
आईएएस अशोक खेमका के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों पर एफआईआर दर्ज होने के बाद पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से मिली राह

आईएएस अशोक खेमका के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों पर एफआईआर दर्ज होने के बाद पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से

आईएएस अशोक खेमका के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों पर एफआईआर दर्ज होने के बाद पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से मिली राह

चंडीगढ़, 17 मई। भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले आईएएस अशोक खेमका के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों पर एफआईआर दर्ज होने के बाद पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से राह मिली है। हाईकोर्ट ने खेमका की गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए हरियाणा सरकार तथा आईएएस संजीव वर्मा को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने खेमका को मामले की जांच में सहयोग करने का भी आदेश दिया है। 

हरियाणा के आईएएस अधिकारी संजीव वर्मा तथा अशोक खेमका के बीच पिछले कई दिनों से खींचतान चल रही है। दोनों अधिकारी एक-दूसरे के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा चुके हैं। हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज दोनों अधिकारियों के बीच सुलह करवाने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन अभी तक सफल नहीं हुए हैं। 

खेमका के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों में पंचकूला के सेक्टर पांच थाने में एफआइआर दर्ज की गई थी। अशोक खेमका पर आरोप है कि वर्ष 2010 में हरियाणा वेयर हाउसिंग कारपोरेशन के एमडी पद पर रहते हुए प्रथम श्रेणी के दो अधिकारियों की गलत ढंग से नियुक्तियां की गईं। यह दोनों अधिकारी मैनेजर रैंक के हैं। 

हरियाणा वेयर हाउस कार्पोरेशन के एमडी संजीव वर्मा की शिकायत पर यह एफआइआर दर्ज की गई थी। अशोक खेमका वर्तमान में हरियाणा के विज्ञान एवं तकनीक विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव हैं।

अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को खारिज किए जाने की मांग को लेकर खेमका हाईकोर्ट की शरण में चले गए।  खेमका ने दलील दी की वह प्रथम श्रेणी अधिकारी हैं और उनके विरुद्ध सीधे एफआइआर कराना सर्विस रूल्स के खिलाफ है। मंगलवार को हाईकोर्ट के जस्टिस अविनाश झींगन ने खेमका की गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए हरियाणा सरकार व संजीव वर्मा को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 20 जुलाई को होगी।