For the first time in the history of Punjab, more than 61,000 youth got पंजाब के इतिहास में पहली बार चार सालों में 61,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली -
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पंजाब लोक भवन में नवकार महामंत्र महाजाप संपन्न, राज्यपाल कटारिया ने बताया गुणों की उपासना का मंत्र CM मान ने 606 उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र सौंपे; पंजाब के इतिहास में पहली बार चार सालों में 61,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी न्यूज़ीलैंड वनडे सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान; शुभमन गिल की कप्तानी में खेलेंगे विराट कोहली और रोहित, सभी खिलाड़ियों की लिस्ट 'अर्धनग्न, हाथ में शराब की बोतल और सड़क पर डांस'; हिमाचल में ये कैसा उपद्रव मचा रहे पर्यटक, बर्फबारी के मजे में शर्मनाक हरकत 'किसी को बिकनी पहना रहा तो किसी की न्यूड फोटो बना रहा'; X AI टूल Grok पर भारत सरकार का मूड ठनका, ले लिया यह एक्शन

पंजाब के इतिहास में पहली बार चार सालों में 61,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली - भगवंत सिंह मान

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For the first time in the history of Punjab, more than 61,000 youth got

‘मिशन रोज़गार’ के तहत आज मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की ओर से शिक्षा विभाग के 606 उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र देने के साथ पंजाब में पहली बार चार सालों में युवाओं को 61,000 से अधिक सरकारी नौकरियां मिलने का नया रिकॉर्ड स्थापित हुआ है।  
नव-नियुक्त उम्मीदवारों में 385 स्पेशल एजूकेटर टीचर, 157 प्राइमरी टीचर, 8 प्रिंसिपल तथा तरस के आधार पर भर्ती हुए 56 कर्मचारी शामिल हैं।  

आज यहां टैगोर थिएटर में शिक्षा विभाग के 606 उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र सौंपने के अवसर पर नए साल की बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हम सभी के लिए गर्व की बात है कि सभी नौकरियां पूरी तरह मेरिट और पारदर्शी तरीके से दी गई हैं तथा कभी भी किसी नियुक्ति को अदालती चुनौती का सामना नहीं करना पड़ा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने अप्रैल 2022 से सरकारी नौकरियां देने के लिए भर्ती अभियान शुरू कर दिया था और अब तक 61,281 सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाबियों को आज भी वह समय याद है जब युवा नियुक्ति पत्र की आस में सालों-साल डाकिए का इंतज़ार करते रहते थे, लेकिन अब वह दौर खत्म हो गया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार युवाओं को खुद नियुक्ति पत्र बांटकर सम्मान दे रही है।  

भगवंत सिंह मान ने कहा, “पिछली सरकारों ने योग्यता और क्षमता की कद्र नहीं की, बल्कि इन सरकारों ने अपने पुत्र-भतीजों और चहेतों को रेवड़ियों की तरह नौकरियां बांटीं। इन सरकारों ने योग्यता होने के बावजूद नौकरी की प्रतीक्षा में भटकते युवाओं का दुःख-दर्द नहीं समझा। हमने चार सालों में पंजाब के हर गांव, शहर और कस्बे के युवाओं को योग्यता और क्षमता के आधार पर नौकरी दी ताकि साधारण घरों के युवाओं को आगे आने का मौका मिल सके। पारंपरिक पार्टियों के राजनेता अपने परिवार, रिश्तेदारों और चहेतों को ही पंजाब समझते थे, लेकिन मेरे लिए पूरा पंजाब ही मेरा परिवार है।”  

मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब भर के सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए स्पेशल एजूकेटर शिक्षकों का अलग कैडर बनाया गया है, जिसके तहत आज 385 स्पेशल एजूकेटर शिक्षकों को नियुक्ति पत्र जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्राइमरी और सेकेंडरी स्तर पर विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को नए कौशल सीखने में बड़ा लाभ होगा। सरकारी स्कूलों में इस समय विशेष आवश्यकता वाले लगभग 48,000 बच्चे पढ़ रहे हैं।  

स्पेशल एजूकेटर शिक्षकों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “आपकी ड्यूटी केवल विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को पढ़ाना ही नहीं, बल्कि मानवता की सेवा के प्रति ज़िम्मेदारी है। आपको इन बच्चों के भविष्य के लिए माता-पिता से भी बड़ी भूमिका निभानी है। मुझे आपसे उम्मीद है कि आप इस नेक कार्य के लिए समर्पित होकर काम करेंगे।”  

नव-नियुक्त शिक्षकों और प्रिंसिपलों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के उज्ज्वल भविष्य की डोर शिक्षक के हाथ में होती है और एक शिक्षक का फ़र्ज़ अपने विद्यार्थियों के मन को ज्ञान की रोशनी से आलोकित करना होता है। उन्होंने कहा कि एक शिक्षक ही विद्यार्थी के दिमाग को डॉक्टर, इंजीनियर और कलाकार के लिए उसी तरह ढालता है जैसे एक मूर्तिकार अपनी कृतियों को आकार देता है। भगवंत सिंह मान ने कहा, “शिक्षक का बच्चे के जीवन में बहुत बड़ा रोल होता है। निर्मल मन पर कुछ भी उकेर दो, सारी ज़िंदगी मिटता नहीं।”  

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें खुशी है कि आज पंजाब के सरकारी स्कूलों के शिक्षक विश्व स्तर की ट्रेनिंग प्राप्त शिक्षक हैं। उन्होंने कहा कि 234 प्रिंसिपलों और शिक्षा अधिकारियों ने सिंगापुर में विश्व स्तर की ट्रेनिंग प्राप्त की है, 249 हेड टीचर्स ने आई.आई.एम. अहमदाबाद में एडवांस्ड कोचिंग प्राप्त की है तथा 216 प्राइमरी शिक्षकों ने फिनलैंड की तुर्कू यूनिवर्सिटी में विशेष ट्रेनिंग प्राप्त की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम उठाए हैं, जिनकी चर्चा अब पूरे देश में हो रही है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि प्रदेश में 118 स्कूल ऑफ़ एमिनेंस स्थापित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन स्कूलों को गरीब बच्चों के सुनहरे भविष्य की शानदार शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूली विद्यार्थियों को मुफ़्त यूनिफॉर्म प्रदान की जा रही हैं तथा विशेष रूप से लड़कियों के लिए मुफ़्त स्कूल बस सेवा शुरू की गई है ताकि कोई भी लड़की शिक्षा से वंचित न रहे।  

इस अवसर पर शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने प्रदेश में शिक्षा क्रांति की शुरुआत करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का धन्यवाद करते हुए कहा कि प्रदेश के हर स्कूल में अब शिक्षा क्रांति का साफ़ असर देखा जा सकता है। इसकी मिसाल देते हुए उन्होंने कहा कि आज पंजाब का एक भी सरकारी स्कूल ऐसा नहीं है जहाँ कोई बच्चा ज़मीन पर बैठकर शिक्षा प्राप्त करता हो। साल 2022 में सरकारी स्कूलों के 28 लाख बच्चों में से चार लाख बच्चे ज़मीन पर बैठकर पढ़ते थे। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों की लड़कियों के लिए बसों की सुविधा प्रदान की गई और 10,000 विद्यार्थियां इससे यात्रा कर रही हैं। शिक्षा मंत्री ने कहा कि पहली बार सरकारी स्कूलों की सुरक्षा के लिए पूर्व सैनिकों को सिक्योरिटी गार्ड के रूप में भर्ती किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी सरकारी कॉलेजों में प्रिंसिपल नियुक्त किए जा चुके हैं। श्री बैंस ने मुख्यमंत्री द्वारा नौवें पातशाह श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के ऐतिहासिक अवसर को व्यापक स्तर पर मनाने तथा शहीदी सभा के अवसर पर विशेष प्रबंध करने का भी ज़िक्र किया।  

इस अवसर पर नव-नियुक्त युवाओं ने मुख्यमंत्री के साथ दिल की बातें साझा कीं। मलोट से युवा नितिन ने बताया कि आज उसका जीवन का सपना साकार हुआ है क्योंकि वह साल 2025 में पंजाब पुलिस में कांस्टेबल भर्ती हुआ था लेकिन उसने जॉइन नहीं किया और शिक्षक बनने के लिए मेहनत की। उसने आज शिक्षक की नौकरी का मौका देने के लिए मुख्यमंत्री का विशेष रूप से धन्यवाद किया।  

गुरदासपुर से नव-नियुक्त शिक्षिका नवप्रीत कौर ने कहा कि वह भले ही प्राइवेट स्कूल में स्पेशल एजूकेटर थी और अब पंजाब सरकार में स्पेशल एजूकेटर नियुक्त होकर सरकार की टीम का हिस्सा बनकर उनका सपना पूरा हुआ है। उन्होंने मेरिट के आधार पर नौकरी देने के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया।  

फाज़िल्का की नव-नियुक्त महिला शिक्षिका ने बताया कि वह 12 सालों से सरकारी नौकरी की प्रतीक्षा कर रही थी और अब सरकारी नौकरी मिलने से उनकी प्रतीक्षा खत्म हुई है, जिसके लिए वह सरकार की शुक्रगुज़ार हैं। पटियाला से नव-नियुक्त शिक्षिका शिल्पा ने भी अपने विचार साझा किए।  

इस अवसर पर सचिव स्कूल शिक्षा अनिंदिता मित्रा, निदेशक उच्च शिक्षा एच.एस. बराड़, निदेशक सेकेंडरी शिक्षा गुरिंदर सिंह सोढ़ी तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।