धोती-कुर्ते में क्रिकेट, संस्कृत में कमेंट्री… काशी में खेला गया अनोखा मैच, Video वायरल, PM मोदी भी कर चुके हैं तारीफ
Unique Cricket Match In Varanasi
वाराणसी : Unique Cricket Match In Varanasi: आमतौर पर संस्कृत भाषा का इस्तेमाल पूजा-पाठ और धार्मिक संस्कारों में किया जाता है. लेकिन वाराणसी में अनोखे अंदाज में खेले जाने वाला क्रिकेट मैच का रोमांच ही अलग है. इस अनोखे क्रिकेट मैच की शुरुआत शास्त्रार्थ महाविद्यालय ने की है, जिसमें काशी के बटुक खेलते हैं. आम तौर पर क्रिकेट एक कोड ड्रेस होता है, लेकिन यहां पर बटुक धोती-कुर्ता पहनकर क्रिकेट खेलते हैं. माथे पर त्रिपुंड और कंधे पर जनेऊ होता है. इस क्रिकेट मैच की प्रशंसा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में भी की थी. इस खेल की चर्चा आज काशी से लेकर पूरे देश में होती है. यह खेल काशी की ज्ञान परंपरा को भी प्रस्तुत करता है.
बटुक कहते हैं, हम लोग प्राचीनता को साथ लेकर चल रहे हैं. साथ ही, क्रिकेट भी खेल रहे हैं. क्रिकेट को संस्कृत में ‘दंड कंदुक क्रीडा’ कहते हैं.’ यही काशी की खूबसूरती भी है. बटुकों द्वारा क्रिकेट खेला जाना अपने आप में अलग इसलिए भी है कि इसमें खेलने वाले खिलाड़ी माथे पर तिलक, सिर पर चोटी और धोती-कुर्ता या भगवा टीशर्ट में रहते हैं. इस खेल की कमेंट्री भी संस्कृत में की जाती है.
बटुक केवल पूजा-पाठ या कथा कराने तक सीमित नहीं : आयोजक पवन शुक्ला बताते हैं, बटुकों को केवल वेद पाठ, पूजा-पाठ, कथा तक सीमित न समझा जाए, बल्कि अगर खेल के क्षेत्र में भी इनका उत्साहवर्धन किया जाए, तो ये अपना लोहा मनवा सकते हैं. यहां आयोजित हो रहे क्रिकेट मैच की कमेंट्री संस्कृत भाषा में हो रही है. संस्कृत हमारी देव वाणी कही गई है. देवभाषा के सम्मान में इस तरह का आयोजन हर साल किया जा रहा है.
लगभग 15 साल से अधिक समय से हो रहा आयोजन : उन्होंने बताया, इस बार चार टीमें इस खेल में प्रतिभाग कर रही हैं. शास्त्रार्थ महाविद्यालय, स्वामी वेदांती वेद विद्यापीठ, इंटरनेशनल चंद्रमौलि चैरिटेबल ट्रस्ट और चिदानंद संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय. 10 ओवर के तीन मैच होंगे. फाइनल में जो विजेता और उप विजेता होगा 30 जनवरी को शास्त्रार्थ महाविद्यालय के सभागार में पुरस्कृत किया जाएगा. इस प्रतियोगिता का आयोजन लगभग 15 साल से अधिक समय से हो रहा है. खिलाड़ियों की बात करें, तो इनमें मध्य प्रदेश, उड़ीसा, छत्तीसगढ़ जैसे 17 प्रांतों के बच्चे हैं. आयोजन में सभी व्यवस्थाएं नि:शुल्क रहती हैं. ये बच्चे अच्छा खेलते हैं और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में भी भाग लेते हैं.
‘जयतु भारतम्-जयतु संस्कृतम्’ : आयुष द्विवेदी बताते हैं, हम लोग धोती-कुर्ता में क्रिकेट खेलते हैं और कमेंट्री भी संस्कृत में की जाती है. सभी लोग ये सोचते हैं कि हम लोग सिर्फ कथा करा सकते हैं. वेद पाठ ही कर सकते हैं, लेकिन हम लोग खेल भी खेल सकते हैं. हमें इस तरह से क्रिकेट खेलना बहुत अच्छा लगता है. हमारे टीशर्ट पर ‘जयतु भारतम्-जयतु संस्कृतम्’ लिखा हुआ है. इसका अर्थ है कि भारत की भी जय हो और हमारे संस्कृत की भी जय हो.
प्राचीनता के साथ आधुनिकता भी : बटुक बताते हैं, हम लोग संस्कृत में ही बातचीत करते हुए, संस्कृत में ही कमेंट्री करते हुए क्रिकेट खेलते हैं. शास्त्रार्थ महाविद्यालय के वार्षिकोत्सव के अवसर पर हम लोग एकसाथ खेलते हैं. हम लोगों के इस खेल का प्रचार-प्रसार पूरे भारत में होता है, क्योंकि हम लोग तिलक, शिखा और धोती में रहकर यह खेल खेलते हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रशंसा मिलने पर हम लोगों के खेल के बारे में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोगों को जानकारी मिली है. प्राचीनता के साथ-साथ आधुनिकता को लेकर चलना बहुत भी अनिवार्य होता है.
क्रिकेट से जुड़े शब्दों को संस्कृत में जानें
- क्रिकेट - कन्दुकक्रीडा
- पिच - क्षिप्या
- बैट - फलकम्
- बॉल - कन्दुकम्वि
- विकेट कीपर - स्तोभरक्षकः
- शॉर्ट पिच - अवक्षिप्तम्
- कैच आउट - गृहीतः
- स्टंप आउट - स्तोभितः
- रन आउट - धाविन्नष्टम्
- बोल्ड - गेन्दितः
- एलबीडब्ल्यू - पादवाधा
- वाइड बॉल - अपकन्दुकम्
- नो बॉल - नोकन्दुकम्
- हिट - वेधः
- चौका - चतुष्कम्
- सिक्स - षठकम्
- रन - धावनम्
- अंपायर- निर्णायकः
- बेट्समैन - वल्लकः
- बॉलर - गेन्दकः
- स्पिनर - चक्रगेन्दकः
- विकेट - स्तोभः
- ओवर - पर्यासः
- बाउंसर - घातगेन्दु
- टारगेट - वेध्यम्