चंडीगढ़ में मेयर चुनाव से पहले प्रेम गर्ग की आप और कांग्रेस पार्षदों से एकजुटता की अपील
Ahead of the Mayoral Elections in Chandigarh
चंडीगढ़, 28 जनवरी। Ahead of the Mayoral Elections in Chandigarh: चंडीगढ़ में आगामी मेयर चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता और संगठन के संरक्षक प्रेम गर्ग ने आप और कांग्रेस के सभी पार्षदों से एकजुट होकर गठबंधन को मज़बूत करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह समय व्यक्तिगत मतभेदों से ऊपर उठकर शहर के भविष्य के लिए एक साथ खड़े होने का है।
प्रेम गर्ग ने स्पष्ट किया कि वह यह अपील किसी पद या औपचारिक हैसियत से नहीं, बल्कि एक ऐसे व्यक्ति के रूप में कर रहे हैं जो वर्षों से चंडीगढ़ के राजनीतिक और संगठनात्मक उतार-चढ़ाव का साक्षी रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले पाँच वर्षों में तीन बार मेयर पद हाथ से निकलना गठबंधन के लिए एक चेतावनी रहा है और इस बार अंतिम वास्तविक अवसर है।
उन्होंने कहा कि यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति की नहीं है, चाहे वह योगेश ढींगरा हों या सौरभ जोशी। दोनों को उन्होंने योग्य और सम्मानित नेता बताया और ज़ोर देकर कहा कि असली जीत आप–कांग्रेस गठबंधन, सांसद मनीष तिवारी और चंडीगढ़ की जनता की होनी चाहिए।
आप के पार्षदों को संबोधित करते हुए प्रेम गर्ग ने कहा कि यदि किसी को पार्टी या नेतृत्व को लेकर असंतोष है, तो भी उन्हें उस संघर्ष और यात्रा को याद रखना चाहिए जिसने उन्हें जनता के बीच पहचान दिलाई। उन्होंने कहा कि पार्टी का साथ देना किसी पर उपकार नहीं, बल्कि अपने राजनीतिक भविष्य और सम्मान में निवेश है।
कांग्रेस पार्षदों, चंडीगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष एच.एस. लकी और सांसद मनीष तिवारी से भी उन्होंने सहयोग बनाए रखने की अपील की। प्रेम गर्ग ने कहा कि मनीष तिवारी देश के ऐसे एकमात्र सांसद हैं जो कांग्रेस और आप दोनों की साझा उम्मीदों का प्रतिनिधित्व करते हैं और गठबंधन को एक बार फिर उनके मार्गदर्शन की आवश्यकता है।
उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे एक पार्षद से भी अपील की कि वे नाम वापस लेकर गठबंधन की एकता को प्राथमिकता दें और किसी भी प्रकार के विद्रोही रुख से बचें।
अपने संबोधन में प्रेम गर्ग ने आप चंडीगढ़ की राजनीतिक यात्रा को याद करते हुए कहा कि पार्टी ने सीमित संसाधनों और सपनों के साथ शुरुआत कर 14 सीटें जीतकर भाजपा को हराया था। उन्होंने इस जीत का श्रेय पार्टी कार्यकर्ताओं, उम्मीदवारों, विधायक जरनैल सिंह, संगठन की टीम और अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व को दिया।
अंत में उन्होंने 29 जनवरी को एक ऐतिहासिक दिन बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि यह वह दिन होना चाहिए जब सभी मतभेद, अहंकार और शंकाओं से ऊपर उठकर चंडीगढ़ के हित में एकजुट हों।