राजस्थान में सड़क हादसों पर सख्ती, लग्जरी बसों और स्कूल वाहनों की जांच के लिए विशेष अभियान शुरू

राजस्थान में सड़क हादसों पर सख्ती, लग्जरी बसों और स्कूल वाहनों की जांच के लिए विशेष अभियान शुरू

1000031589

Crackdown on road accidents in Rajasthan

Crackdown on road accidents in Rajasthan, राजस्थान में पिछले कुछ समय से सड़क हादसों को लेकर लगातार चिंता जताई जा रही है. राज्य में अक्सर बसों से लेकर अन्य वाहनों की दुर्घटनाओं की खबरें सुनाई देती रहती हैं. दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर दुर्घटनाओं की स्थिति इतनी गंभीर स्थिति में पहुंच गई है कि खुद केंद्रीय सड़क और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी कार से एक्सप्रेसवे का निरीक्षण कर रहे हैं. वहीं हादसों को नियंत्रित करने के उद्देश्य से राजस्थान के जजों और मजिस्ट्रेटों ने भी कमर कर कस ली है. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (रालसा) ने प्रदेश में बढ़ते बस हादसों को देखते हुए आज से एक विशेष अभियान शुरू किया है. इस अभियान के तहत न्यायिक अधिकारियों ने परिवहन विभाग के साथ मिलकर लग्जरी बसों की संयुक्त जांच शुरू की है.

राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव हरिओम शर्मा अत्री ने बताया कि अभियान के तहत जयपुर सहित प्रदेश के प्रमुख 12 शहर जहां से बसें विभिन्न राज्यों में संचालित होती है, वहां के जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव (जज) बसों की जांच कर रहे हैं. 

लग्जरी बसों की जांच के साथ साथ रालसा की ओर से बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बाल वाहिनियों और स्कूल बसों को लेकर भी अभियान चलाया जा रहा है. बसों की जांच के साथ न्यायिक अधिकारियों ने बाल वाहिनियों की जांच भी की.

स्कूल बसों की भी चेकिंग की जा रही है

स्कूल बसों की भी चेकिंग की जा रही है

बसों को किया जा रहा जब्त, कट रहे चालान

ये अभियान ऐसे 12 जिलों में चलाया जा रहा है जहां से अन्य राज्यों के लिए अंतरराज्यीय बसें चलती हैं. इनमें जयपुर, उदयपुर, कोटा, जोधपुर, भरतपुर, बीकानेर, अजमेर, श्रीगंगानगर, अलवर, भीलवाड़ा, राजसमंद और सीकर शामिल हैं. जयपुर के चौमूं पुलिया और वीकेआई क्षेत्र में औचक निरीक्षण किया जा रहा है. डीएलएसए-2 की सचिव पल्लवी शर्मा खुद मौके पर बसों की जांच कर रही हैं.

अभियान के तहत आज सुबह से ही जज सड़कों पर पहुंच कर बसों की जांच कर रहे हैं. इसके पहले चरण में जज लंबी दूरी की लग्जरी बसों की जांच कर रहे हैं. जांच के दौरान बसों में नियमों की अनदेखी मिलने पर बसों के चालान और जब्ती की कार्रवाई की जा रही है. इस दौरान परिवहन अधिकारियों की टीम और पुलिस भी मौजूद है.

अब तक 9 बसों और बालवाहिनियों को जब्त किया गया है, जबकि 31 वाहनों के चालान काटे गए हैं. बसों में फायर सेफ्टी उपकरण और आपातकालीन निकास की कमी, साथ ही अन्य सुरक्षा उपकरण नहीं मिलने पर भी कार्रवाई की जा रही है.