हिमाचल विधानसभा: स्वास्थ्य सेवाओं पर घमासान; सीएम का वादा— "6 महीने में हर PHC में होगा डॉक्टर"
CM Pledges—"Every PHC Will Have a Doctor Within 6 Months
शिमला। CM Pledges—"Every PHC Will Have a Doctor Within 6 Months, हिमाचल प्रदेश विधानसभा में वीरवार को डॉक्टर भर्ती का मामला जोर शोर से गूंजा। इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू व नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई, जिससे कुछ देर के लिए सदन का माहौल गरमा गया। इस दौरान मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने घोषणा की कि प्रदेश में अगले छह महीने में कोई भी पीएचसी बिना डॉक्टर के नहीं रहेगी। इसके लिए सरकार ने 162 डाक्टरों की भर्ती कर ली है, जबकि 236 डॉक्टरों की भर्ती प्रक्रिया जारी है।
सीएम ने बताया कितने पद खाली
विधायक राकेश जम्वाल के मूल प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में चिकित्सकों के 2337 और विशेषज्ञ चिकित्सकों के 683 पद स्वीकृत हैं। इसमें से चिकित्सकों के 2159 पद और विशेषज्ञ चिकित्सकों के 447 पद भरे हुए हैं। उन्होंने कहा कि विभाग में विभिन्न श्रेणियों के खाली पड़े पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है।
जरूरत से ज्यादा मेडिकल कॉलेज खुल गए
उन्होंने कहा कि प्रदेश में जरूरत से ज्यादा मेडिकल कॉलेज खुल गए हैं जबकि यहां तीन से चार मेडिकल कालेज होने चाहिए थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कारण हर साल पास आउट होने वाले सभी 870 एमबीबीएस और 247 पीजी डॉक्टरों को सरकारी क्षेत्र में नौकरी देना संभव नहीं है।
पीजी सीटें बढ़ाएंगे
उन्होंने कहा कि सरकार सीमित संसाधनों में पहले चरण में राज्य के विभिन्न मेडिकल कॉलेज में अगले एक साल में कुछ प्रमुख विभागों को मजबूत करने पर काम करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार स्वास्थ्य विभाग में युक्तीकरण कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विशेषज्ञ डाक्टरों की कमी को दूर करने के लिए सरकार चंबा, नाहन और हमीरपुर मेडिकल कालेजों में पीजी की कक्षाएं शुरू करने जा रही है।
इसके लिए सरकार मेडिकल कालेजों में असिस्टेंट व एसोसिएट प्रोफेसरों के भर्ती एवं पदोन्नति नियम बदलने जा रही है। पीजी की सीटों को भी बढ़ाया गया है।
सीएम के आंकड़े तथ्यों पर आधारित नहीं
इसी मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री ने सदन में जो आकंड़े रखे हैं वह तथ्यों पर आधारित नहीं हैं और हकीकत इसके विपरीत है। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार ने डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए 500 पद स्वीकृत किए थे, जिनमें से 300 डॉक्टरों की भर्ती कर दी गई थी लेकिन मौजूदा सरकार ने शेष 200 डाक्टरों की भर्ती करने के लिए ढाई वर्ष का समय लगा दिया।
बेरोजगार डॉक्टरों का आंकड़ा न होना आश्चर्यजनक
उन्होंने कहा कि सरकार के पास बेरोजगार डाक्टरों का आंकड़ा न होना आश्चर्यजनक है। इसी सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल ने कहा कि प्रदेश में हर साल जितने डॉक्टर अपनी पढ़ाई पूरी कर रहे हैं उन सभी को सरकार फिलहाल नौकरी नहीं दे पा रही है।
वाक इन इंटरव्यू बंद किए
विधायक केवल सिंह पठानिया के एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने डॉक्टरों की भर्ती के लिए वाक इन इंटरव्यू इसलिए बंद किए, ताकि काबिल डाक्टर भर्ती किए जा सके। उन्होंने कहा कि लिखित परीक्षा में पहले 30 व 35 अंक पास होने के लिए लेने पड़ते थे। सरकार ने इसे भी बढ़ाकर 40 व 45 किया है। उन्होंने कहा कि राज्य में गुणात्मक स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा दे रही है।
मशीन खरीद के दस्तावेज सदन में रखे सरकार
सीएम ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में नई मशीनरी खरीदने पर 3 हजार करोड़ खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अस्पतालों में उन्हीं मशीनों की खरीद कर रही है जो मशीनें एम्स दिल्ली में खरीदी जा रही है। रोबोटिक सर्जरी के लिए खरीदी मशीन एम्स दिल्ली से 1 करोड़ कम दाम पर सरकार ने खरीदी है। भाजपा विधायक विपिन सिंह परमार ने मशीन खरीद के लिए टेंडर व अन्य दस्तावेजों को सदन के पटल पर रखने की मांग की। मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व की जो सबसे अच्छी कंपनी है उसी से उपकरण खरीदा है। टेंडर की प्रक्रिया से ही मशीनों की खरीद की गई है।
एनसीटीई की मंजूरी के बाद शुरू होगी बीएड की कक्षाएं
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि राजा वीरभद्र सिंह स्नातकोत्तर महाविद्यालय सीमा रोहड़ू में बीएड की कक्षाएं आरंभ करने का मामला सरकार के पास विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश के कई कालेजों में बीएड डिग्री कोर्स शुरू करने जा रही है। एनसीटीई से स्वीकृति मिलना बाकी है। एनसीटीई से मंजूरी मिलने के बाद ही बीएड कोर्स शुरू होंगे। विधायक मोहन लाल ब्राक्टा के प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी दी।