Chief Minister appeals to parents to enroll their children in 'School of Eminence' by March 15
BREAKING
जोशी ने गांव बड़ी करौर में रेत माफिया के हमले में घायल लोगों का कुशल-क्षेम जाना एमटीवी स्प्लिट्सविला एक्स 5 - एक्सयूज़ मी प्लीज़ के प्रतियोगी लक्ष्य, उन्नति और दिग्विजय राठी चंडीगढ़ में अपने फैन्स से मिले!* चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा गांव रायपुर खुर्द में चलाई जा रही अवैध निर्माण पर कार्रवाई का स्थानीय लोगों द्वारा जबरदस्त विरोध केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद का यूपी में एक्सीडेंट; अपने संसदीय क्षेत्र के दौरे पर निकले थे, तेज रफ्तार गाड़ी ने पीछे से मारी कार में टक्कर गुजरात के स्कूल में खौफनाक हादसा; क्लासरूम में लंच कर रहे थे बच्चे, अचानक गिर पड़ी दीवार, वीडियो में कैद पूरा मंजर देखिए

मुख्यमंत्री द्वारा अभिभावकों को 15 मार्च तक अपने बच्चों को ‘स्कूल आफ एमिनेंस’ में दाखि़ल करवाने की अपील

Chief Minister appeals to parents to enroll their children in 'School of Eminence' by March 15

Chief Minister appeals to parents to enroll their children in 'School of Eminence' by March 15

Chief Minister appeals to parents to enroll their children in 'School of Eminence' by March 15- चंडीगढ़I पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज स्कूली विद्यार्थियों के अभिभावकों को राज्य सरकार द्वारा स्थापित किये ‘स्कूल आफ एमिनेंस’ में अपने बच्चों को दाखि़ल करवा कर राज्य की शिक्षा क्रांति का हिस्सा बनने की अपील की। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि अभिभावक https://schoolofeminence.pseb.ac.in लिंक पर क्लिक करके अपने बच्चों को इन विश्व स्तरीय सहूलतों से लैस स्कूलों में 9वीं और 11वीं कक्षा में दाखि़ल करवा सकते हैं। उन्होंने कहा कि दाखि़ले के लिये रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू हो गई है और 15 मार्च तक चलेगी। भगवंत सिंह मान ने कहा कि अभिभावकों के लिए यह सुनहरी मौका है कि वह इन स्कूलों में अपने बच्चों को दाखि़ला करवा कर उनके लिए मानक शिक्षा यकीनी बनाएं। 

मुख्यमंत्री ने बताया कि बच्चों को मानक शिक्षा प्रदान करने के लिए राज्य के 23 जिलों में 117 ‘स्कूल आफ एमिनेंस’ स्थापित किये गए हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इससे विद्यार्थियों को भावी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि इन स्कूलों में 9वीं से 11वीं कक्षा के विद्यार्थियों को मानक शिक्षा प्रदान की जाती है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह स्कूल सहायता और क्षमता के पाँच स्तम्भों जैसे बुनियादी ढांचा, अकादमिक, मानवीय संसाधन प्रबंधन, खेल और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों और भाईचारक शमूलियत पर स्थापित किये गए हैं जिससे उच्च शिक्षा, रोज़गार और प्रशिक्षण के लिए विद्यार्थियों की व्यक्तिगत योग्यता और हुनर को निखारा जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जायेगी और वह दिन दूर नहीं जब पंजाब की पुरातन शान बहाल हो जायेगी। भगवंत सिंह मान ने उम्मीद जतायी कि वह समय बहुत दूर नहीं जब इन स्कूलों से शिक्षा हासिल करने वाले विद्यार्थी देश भर में हर क्षेत्र में उपलब्धियां हासिल करेंगे।