चंडीगढ़ के लिए निराशाजनक बजट
A Disappointing Budget for Chandigarh
A Disappointing Budget for Chandigarh: केंद्रीय बजट 2026–27 चंडीगढ़ के लिए पूरी तरह निराशाजनक साबित हुआ है। पिछले दो दशकों में यह पहला अवसर है जब केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के बजट में पिछले वर्ष की तुलना में 7.55 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।

आज घोषित बजट के अनुसार, चंडीगढ़ का शुद्ध बजट (रिकवरी घटाकर) मात्र 5,720.17 करोड़ रुपये है, जबकि सकल बजट 6,545.52 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है। यह कटौती साफ तौर पर दर्शाती है कि केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं में चंडीगढ़ का महत्व कम हुआ है।

यह नकारात्मक वृद्धि प्रशासनिक स्तर पर गंभीर समन्वय की कमी को भी उजागर करती है। इससे संकेत मिलता है कि स्थानीय कार्यपालिका का नेतृत्व करने वाले यूटी प्रशासक न तो केंद्रीय गृह मंत्रालय पर प्रभाव बना पाए और न ही स्थानीय सांसद के साथ तालमेल स्थापित कर सके, जिसके चलते चंडीगढ़ के हितों की प्रभावी पैरवी नहीं हो सकी।

ऐसे समय में जब शहर बुनियादी ढांचे पर बढ़ते दबाव, नागरिक सुविधाओं की मांग और संचालन लागत में निरंतर वृद्धि से जूझ रहा है, बजट में यह कमी विकास कार्यों और जनसेवाओं पर प्रतिकूल असर डालना तय है।
— विनोद वशिष्ठ
संयोजक, सिटी फोरम ऑफ रेजिडेंट्स वेलफेयर ऑर्गनाइजेशंस (CFORWO)