यूटी पुलिस ने सीटीयू कैश ब्रांच में हुई चोरी के मामले को सुलझाया
UT Police have Solved the Theft Case
सीटीयू कैश ब्रांच से लाखों रुपए की चोरी करने वाला आरोपी सीटीयू का सब इंस्पेक्टर और कार में सवार भतीजा भी काबू।
आरोपी के कब्जे से चोरी की गई 13 लाख 08 हजार 900 रुपए की नकदी, पुलिस की यूनिफॉर्म,एक जैकेट और जूतों का एक जोड़ा और अपराध में इस्तेमाल की गई चंडीगढ़ नंबर की कार को भी अपने कब्जे में लिया।
रंजीत शम्मी चंडीगढ़। UT Police have Solved the Theft Case: यूटी पुलिस ने बीते दिन आईएसबीटी सैक्टर 17 स्थित सीटीयू कैश ब्रांच से पुलिस की यूनिफार्म डालकर और सुरक्षा गार्ड को रिकॉर्ड रूम में बंद कर सीटीयू लॉकर से लाखों रुपए का कैश चोरी करने वाले आरोपी सीटीयू के सब इंस्पेक्टर और वारदात के समय कार में सवार बैंक के फाइनेंसर आरोपी भतीजे को भी गिरफ्तार किया है।पकड़े गए दोनों आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने लाखों रुपए की नकदी बरामद कर ली है।
क्या था मामला।
जानकारी के अनुसार पता चला कि पकड़ा गया आरोपी 27 जनवरी की देर रात को आईएसबीटी सैक्टर 17 स्थित सीटीयू कैश/बॉक्स ब्रांच में चोरी की बड़ी नकदी की वारदात को अंजाम देने के लिए पुलिस यूनिफॉर्म और मंकी कैप पहनकर ड्यूटी पर मौजूद सुरक्षा गार्ड को गुमराह किया।और सुरक्षा गार्ड को रिकॉर्ड रूम में बंद कर दिया।फिर आरोपी कैश रूम में पहुंचा, लॉकर खोला और लाखों रुपए की नकदी भरा बैग लेकर फरार हो गया था। मामले के शिकायत थाना 17 पुलिस को दी गई थी। पुलिस ने मामले में कारवाई करते हुए अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।पुलिस जांच के दौरान, 28 जनवरी 2026 को शक और टेक्निकल पूछताछ के आधार पर वेद पाल सिंह (49 साल निवासी सेक्टर-27/C,चंडीगढ़ को हिरासत में लिया गया। उसकी पूछताछ से पुलिस को अहम सुराग मिले। जिसके बाद उसके भतीजे प्रशांत (30 साल) निवासी गांव मंडोरा जिला सोनीपत हरियाणा को पकड़ा गया। दोनों आरोपियों को 29 जनवरी 2026 को औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया और आगे की जांच के दौरान उनकी निशानदेही पर निम्नलिखित चीजें बरामद की गईं। जिसमें 13 लाख 08 हजार 900 रुपए की नकदी,एक जैकेट,जूतो का एक जोड़ा,पहचान छिपाने के लिए इस्तेमाल की गई पुलिस यूनिफॉर्म,दो लॉकर की चाबियां और अपराध में इस्तेमाल की गई चंडीगढ़ नंबर की एक कार को भी अपने कब्जे में लिया।
काम करने का तरीका
पुलिस जांच में पता चला कि पकड़ा गया आरोपी वेद पाल सिंह जो पहले सीटीयू कैश ब्रांच, आईएसबीटी-17 में कंडक्टर के पद पर तैनात था। (जुलाई 2022 – अक्टूबर 2024),जिसे ब्रांच के कैश हैंडलिंग सिस्टम,लॉकर की चाबियों और स्टाफ की आवाजाही की पूरी अंदरूनी जानकारी थी।इस अंदरूनी जानकारी का इस्तेमाल करके उसने एक पुलिस अधिकारी होने का नाटक करने के लिए पुलिस की वर्दी का इंतजाम किया।27 जनवरी 2026 को सुबह करीब 3:00 बजे,वह कैश ब्रांच में घुसा जबकि उसका भतीजा प्रशांत कार में इंतजार कर रहा था। पुलिस ने पकड़े गए आरोपी सैक्टर 27 निवासी सीटीयू के सब इंस्पेक्टर वेद पाल सिंह के कब्जे से 1005800 रुपए,यूनिफार्म और और गाड़ी पुलिस हिरासत में।और हरियाणा के जिला सोनीपत निवासी 30 वर्षीय भतीजा प्रशांत के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी भतीजे के कब्जे से 3 लाख 3 हजार 100 रुपए बरामद किए पकड़ा गया आरोपी पुलिस हिरासत में। पकड़े गए आरोपी सब इंस्पेक्टर ने सिक्योरिटी गार्ड को धोखा दिया गया और गलत तरीके से कैद किया गया।लॉकर से कैश चुराया।और बाद में दोनों ने चोरी कि लाखों रुपए की नकदी बीच बांट ली। आरोपी भतीजा प्रशांत ग्रेजुएट है।और सोनीपत के एक बैंक में फाइनेंसर के तौर पर काम कर रहा है।