अमेजन का बड़ा एक्शन: 1.5 करोड़ नकली प्रोडक्ट जब्त, करोड़ों फर्जी रिव्यू ब्लॉक

अमेजन का बड़ा एक्शन: 1.5 करोड़ नकली प्रोडक्ट जब्त, करोड़ों फर्जी रिव्यू ब्लॉक

Amazon Counterfeit Seizure 2025

Amazon Counterfeit Seizure 2025

नई दिल्ली: Amazon Counterfeit Seizure 2025: ई-कॉमर्स क्षेत्र की दिग्गज कंपनी अमेज़न (Amazon) ने वैश्विक स्तर पर जालसाजों और नकली सामान बेचने वालों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है. अपनी पहली 'ट्रस्टवर्दी शॉपिंग एक्सपीरियंस रिपोर्ट' में कंपनी ने खुलासा किया कि साल 2025 में उसने दुनिया भर में 1.5 करोड़ (15 मिलियन) से अधिक नकली उत्पादों को ज़ब्त कर उन्हें नष्ट किया है.

AI और मशीन लर्निंग का कमाल

अमेज़न की इस सफलता के पीछे सबसे बड़ी भूमिका आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग की रही है. रिपोर्ट के अनुसार, अमेज़न अब इन तकनीकों का उपयोग केवल प्रतिक्रिया देने के लिए नहीं, बल्कि भविष्य की चुनौतियों का पूर्वानुमान लगाने के लिए कर रहा है. कंपनी के 'वर्ल्डवाइड कस्टमर एंड पार्टनर ट्रस्ट' के उपाध्यक्ष रोहन ओम्मन ने कहा कि AI की मदद से अरबों संकेतों का एक साथ विश्लेषण किया जा रहा है, जिससे ग्राहकों तक पहुँचने से पहले ही संदिग्ध गतिविधियों को पकड़ा जा रहा है.

नकली रिव्यू और वेबसाइटों पर नकेल

नकली उत्पादों के अलावा, अमेज़न ने करोड़ों संदिग्ध फेक रिव्यूज (नकली समीक्षाओं) को भी ब्लॉक किया है. कंपनी ने कानूनी कार्रवाई करते हुए ऐसी 100 से अधिक वेबसाइटों को बंद करवाया है, जो अमेज़न के प्लेटफॉर्म पर धोखाधड़ी और फेक रिव्यू को बढ़ावा देने का काम कर रही थीं.

32,000 अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई

अमेज़न की 'काउंटरफीट क्राइम्स यूनिट' (CCU), जिसे 2020 में लॉन्च किया गया था, अब तक 14 देशों में 32,000 से अधिक अपराधियों के खिलाफ कानूनी और आपराधिक मामले दर्ज करवा चुकी है. पिछले साल चीन में स्थानीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर 70 से अधिक छापे मारे गए, जिनमें नकली सामान बनाने वाले बड़े कारखानों और वितरकों को निशाना बनाया गया.

भारत में विस्तार

भारतीय बाजार की महत्ता को देखते हुए, अमेज़न ने हाल ही में अपनी काउंटरफीट क्राइम्स यूनिट का विस्तार भारत में भी किया है. यह यूनिट भारतीय ब्रांडों, विक्रेताओं और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर काम करेगी ताकि देश के तेजी से बढ़ते ई-कॉमर्स क्षेत्र में बौद्धिक संपदा अधिकारों (IP Rights) की रक्षा की जा सके और नकली सामानों के नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जा सके.