Administrator's office implemented e-office module

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E-office module: सलाहकार आफिस ने लागू किया ई-ऑफिस मॉड्यूल

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Administrator's office implemented e-office module

 सलाहकार के दफ्तर से जो फाइलें ई-ऑफिस मॉड्यूल में नहीं भेजी गई, उन्हें संंबधित विभागों के सचिवों को लौटा दिया गया

आगामी 1 दिसंबर के बाद फाइलें मेनुअल मोड से नहीं बल्कि ई आफिस मॉड्यूल से ही भेजने के हैं आदेश

ई ऑफिस माड्यूल से फाइलें भेजने को लेकर हुई थी कर्मियों की ट्रेनिंग


अर्थ प्रकाश/साजन शर्मा

चंडीगढ़। E-office module: ई ऑफिस मॉड्यूल लागू करने के मामले में नजीर तय करते हुए प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल (Dharampal) ने 21 नवंबर से फिजिकल फाइलों को ई-ऑफिस मॉड्यूल में भेजने का काम शुरू कर दिया। यानि नेतृत्व कर रहे अफसर ने सबसे पहले अपने ऑफिस से यह प्रक्रिया शुरू की। प्रशासक के दफ्तर से जो फाइलें ई-ऑफिस मॉड्यूल (E-office module) में नहीं भेजी गई, उन्हें संंबधित विभागों के सचिवों को लौटा दिया गया है। इन्हें अब ई-ऑफिस मॉड्यूल में ही स्वीकार किया जाएगा।
 

हालांकि ई-ऑफिस मॉड्यूल में फाइल भेजने की मियाद 30 नवंबर तय की गई है लेकिन बावजूद इसके बहुत से विभाग इस नई प्रक्रिया पर शिफ्ट कर चुके हैं। अभी तक इसको लेकर एडवाइजर धर्मपाल के आदेश पर सभी अफसरों के पर्सनल स्टाफ के लिए यूटी सचिवालय में दो बार स्पेशल ट्रेनिंग सेशन आयोजित किया गया। 

ई ऑफिस माड्यूल (E-office module)) के सिस्टम में एंट्री के बारे बताया
एनआईसी, (NIC) यूटी के कर्मियों ने इन कर्मचारियों को ई ऑफिस माड्यूल (E-office module) के सिस्टम में एंट्री के बारे बताया। 25 नवंबर 2022 को भी काउंसलिंग कर्मियों को दी जाएगी। इस संदर्भ में प्रशासक के सलाहकार व चीफ विजिलेंस (vigilance) अफसर धर्मपाल के आदेश पर विजिलेंस (vigilance) सचिव यशपाल गर्ग की ओर से बुधवार को भी आदेश जारी किये गए कि सीनियर अफसरों के पास जो भी पैंडिंग फाइलें हैं उनका 30 नवंबर 2022 तक पूरी तरह निपटान कर लिया जाए। अगर जरूरत हो शनिवार व रविवार को भी इस काम को पूरा करने के लिए आफिस खोला जाए।

1 दिसंबर 2022 के बाद आफिस के चैंबर, पर्सनल ब्रांचों व कैंप आफिस इत्यादि में ई-ऑफिस मॉड्यूल (E-office module) में न चढ़ी कोई भी फिजिकल फाइल पैंडिंग न हो। जानकारी के मुताबिक अगर किसी खास मामले में फाइल फिजिकल मोड पर ही भेजनी पड़े तो इसका उचित कारण भी फाइल के साथ जरूर बताया जाए। 1 दिसंबर 2022 (1 December 2022) के बाद भी अफसर या कर्मचारियों को फाइल ई- ऑफिस मॉड्यूल (E-office module) से ही भेजनी होगी। इसके बावजूद भी अगर कोई फाइल फिजिकल मोड में भेजी जाती है और उस पर फाइल में देरी का आरोप लगता है तो विजिलेंस विभाग इस पर उचित कार्रवाई करेगा।

गौरतलब है कि चंडीगढ़ विजिलेंस (vigilance) विभाग के हैड व प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल (Advisor Dharmapala) की ओर से सभी विभागों, कारपोरेशन व बोर्डों के अफसरों व मुलाजिमों को हिदायत दी गई थी कि वह विभाग की किसी भी फाइल को 21 नवंबर 2022 से मेनुअल मोड में न भेजें बल्कि इसे ई -ऑफिस माड्यूल के जरिये से ही भेजें।

 
कई अफसरों के पास पैंडिंग हैं महीनों से फाइलें (Many officers have pending files for months)

विजिलेंस (vigilance) विभाग के सचिव की ओर से जारी ऑर्डर में कहा गया है कि कई अफसरों ने अपने पास बीते काफी समय से अपने आफिस चैंबर या कैंप आफिस में फाइलें रखी हुई हैं। इन फाइलों को क्लीयर (clearance) करने या पैंडिंग हुए महीनों का समय लग गया है। 

इन फाइलों में से छांट छांट कर क्लीयरेंस की जा रही (These files are being sorted out and cleared.)
इन फाइलों में से छांट छांट कर क्लीयरेंस (clearance) की जा रही है। इस पर विजिलेंस विभाग पूरी तरह नजर रखे है। इन शिकायतों को वेरीफाई (verify) भी किया जा रहा है। किसी फाइल में अगर कोई कमी है तो तुरंत ही आवेदक को इस कमी के बारे जानकारी दी जानी चाहिए। अगर कोई कर्मचारी या अधिकारी कई कई बार में इन फाइलों में कमी निकालता है तो यह समझा जाएगा कि जानबूझकर ऐसा किया जा रहा है और आवेदक को परेशान करने की मंशा है।

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