बघौला में श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर का महापुण्य: प्राण प्रतिष्ठा के साथ मूर्तियों की स्थापना

बघौला में श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर का महापुण्य: प्राण प्रतिष्ठा के साथ मूर्तियों की स्थापना

Shri Lakshmi Narayan Temple in Baghaula

Shri Lakshmi Narayan Temple in Baghaula

पुर्ननिर्माण के बाद आज विराजे मंदिर में श्री लक्ष्मी नारायण, गणेश व मां दुर्गा

बघौला गांव का नजारा वृंदावन से कम नहीं
मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा के बाद भंडारे का चला आयोजन

पलवल। दयाराम वशिष्ठ: Shri Lakshmi Narayan Temple in Baghaula: पलवल के गांव बघौला में धार्मिक आस्था का एक नया अध्याय जुड़ गया है। श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर के पुर्ननिर्माण कर धार्मिक अनुष्ठानों और वैदिक मंत्रोच्चार से किए यज्ञों के बीच आज गणेश और मां दुर्गा की भव्य मूर्तियों की स्थापना की गई। पूरे गांव में परिक्रमा लगाकर निकाली गई कलश यात्रा के दौरान पूरा माहौल भक्तिमय बना रहा। प्राण प्रतिष्ठा के बाद गांव का वातावरण वृंदावनमय हो गया है। भक्तों ने आनंद और श्रद्धा के साथ आयोजित भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया।

Shri Lakshmi Narayan Temple in Baghaula

तीन दिन चले धार्मिक अनुष्ठान में 21 विद्वान पंडितों ने किए तीन जगह किए सवा सवा लाख जप

गांव के सहयोग से श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर का पुर्ननिर्माण करवाया गया, इसमें एक मुख्य भवन में श्री लक्ष्मी  नारायण जी, दूसरे में गणेश जी, तीसरे भवन में मां दुर्गा जी की भव्य मूर्ति की स्थापना की गई। इस धार्मिक अनुष्ठान में आचार्य रविकांत जी महाराज के नेतृत्व में आए 21 विद्वान पंडितों ने तीनों मूर्तियों के लिए सवा सवा लाख मंत्रों का जाप किया। समारोह के दौरान भक्तों ने श्रीमद भागवत कथा के दौरान व पारंपरिक भजन-कीर्तन का आनंद लिया। परिक्रमा के दौरान रूपचंद ने बनैटी (लाठियों को घुमाकर दिए जाने वाला करतब) दिखाकर सभी को हैरत में डाल दिया। महिलाओं ने जमकर नृत्य किया। इस उत्सव पर बुजुर्ग गिर्राज बघेल भी थिरकने से पीछे नहीं रहे।

Shri Lakshmi Narayan Temple in Baghaula

दानदाताओं ने की मिशाल कायम

बघौला गांव में श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर निर्माण में दानदाताओं ने मिशाल कायम की है। यह मंदिर पहले से जीर्ण-शीर्ण हो चुका था, जिसे अब नए स्वरूप में तैयार किया गया है। मंदिर निर्माण में 70 लाख से नकद और लगभग 20 लाख से अधिक की निर्माण सामग्री दान दी है। इसके बाद यह भव्य मंदिर बनकर तैयार हो गया है। श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर के प्रागंण में श्री राम मंदिर, श्री गणेश जी, मां दुर्गा जी, भगवान परशुराम मंदिर, ऋषि मुनि वशिष्ठ जी, श्री हनुमान जी, शनि देव मंदिर समेत कई भव्य मंदिर बने हुए हैं। इससे यहां का नजारा किसी वृंदावन से कम नहीं है।

आचार्य पंडित रविकांत जी महाराज ने कहा, "शुभ मुहूर्त में वैदिक मंत्रोच्चारण ने इस समारोह को और भी पवित्र बना दिया। हमारी प्राचीन परंपराओं को जीवित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।" " मंदिर दर्शनों को आए श्रद्धालुओं का कहना है कि जैसे ही भक्तजन इन मूर्तियों को देखते हैं, उनकी आंखों में आंसू आ जाते हैं, और वे भक्ति भाव से उभरते हैं। गांव के लोगों का कहना है कि "हमारा गांव अब वृंदावन की तरह बन गया है। यह मंदिर हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सांस्कृतिक धरोहर बनेगा।"