झारखंड भाजपा का कायाकल्प: मिशन 2029 के लिए दिल्ली में बुनी जा रही है 'महा-रणनीति'
Jharkhand BJP's Transformation
रांची। Jharkhand BJP's Transformation, झारखंड भाजपा को सांगठनिक तौर पर सक्रिय करने और तीन साल बाद होने वाले चुनावों के लिए तैयार करने पर केंद्रीय नेतृत्व ने गंभीरता दिखाई है। भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल के बंगाल चुनाव में शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें झारखंड की जिम्मेदारी दी जा सकती है।
भाजपा के सांगठनिक ढांचे में राष्ट्रीय महासचिवों के जिम्मे एक या एक से अधिक राज्यों की जिम्मेदारी रहती है। सुनील बंसल बंगाल विजय से पहले उत्तर प्रदेश में भाजपा के लिए सफल रणनीति बना चुके हैं। इसके साथ ही प्रदेश भाजपा को नया संगठन प्रभारी भी केंद्रीय नेतृत्व की तरफ से मिल सकता है।
पार्टी नेताओं का कहना है कि जून में केंद्रीय नेतृत्व की तरफ से इसकी घोषणा संभावित है। राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल अगले साल होने वाले उत्तर प्रदेश चुनाव के बाद झारखंड में सक्रिय होंगे। बता दें कि राज्य में 2029 में लोकसभा और विधानसभा के चुनाव होने हैं।
पूर्वोत्तर में सिर्फ झारखंड में ही भाजपा विपक्ष में
बंगाल में सरकार बनने और बिहार में सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद भाजपा नेताओं ने अंग- बंग-कलिंग में भाजपा शासन की तस्वीरें लगाईं। लेकिन उत्तर प्रदेश से असम के बीच झारखंड ही अकेला राज्य है जहां भाजपा विपक्ष में है। ऐसे में केंद्रीय नेतृत्व की तरफ से झारखंड में तीन साल बाद होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए अभी से रणनीति की शुरुआत हो गई है।
2014 की रणनीति दोहराने की तैयारी में भाजपा
भाजपा ने 2014 में झारखंड विधानसभा चुनावों में सफलता हासिल कर सरकार बनाई थी। इस चुनाव से छह महीने पहले केंद्रीय नेतृत्व की तरफ से तत्कालीन महामंत्री भूपेंद्र यादव को झारखंड में चुनाव प्रभारी बनाया गया था। इसके अलावा उत्तराखंड के वरिष्ठ भाजपा नेता त्रिवेंद्र सिंह रावत को संगठन प्रभारी बनाया गया था।
राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री सौदान सिंह के जिम्मे झारखंड का पूर्णकालिक काम था। ऐसे ही वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं की टीम इसबार भी झारखंड में काम में लगाने की योजना बनाई गई है।
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