4 out of 5 Indians diagnosed with diabetes after facing complications
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5 में से 4 भारतीयों को जटिलताओं का सामना करने के बाद मधुमेह का पता चलता है : शोध

4 out of 5 Indians diagnosed with diabetes after facing complications

4 out of 5 Indians diagnosed with diabetes after facing complications

4 out of 5 Indians diagnosed with diabetes after facing complications- नई दिल्ली। विश्व मधुमेह दिवस पर इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन (आईडीएफ) द्वारा किए गए एक वैश्विक शोध से यह पता चला है कि मधुमेह से पीड़ित पांच में से चार (87 प्रतिशत) लोगों को इस स्थिति से जुड़ी जटिलताओं के विकसित होने के बाद पता चलता है कि वे मधुमेह से पीड़ित हैं।

विश्व मधुमेह दिवस (डब्ल्यूडीडी) 1991 में आईडीएफ और विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा मधुमेह से उत्पन्न बढ़ते स्वास्थ्य खतरे के बारे में बढ़ती चिंताओं के जवाब में बनाया गया था।

इस स्थिति के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए इसे हर साल 14 नवंबर को मनाया जाता है। इस वर्ष की थीम 'अपने जोखिम को जानें' और 'अपनी प्रतिक्रिया जानें' है।

वैश्विक शोध में भारत, स्पेन, ब्राजील, मैक्सिको, पाकिस्तान, चीन और नाइजीरिया में मधुमेह से पीड़ित 700 वयस्कों को शामिल किया गया, जिससे पता चला कि सर्वेक्षण में शामिल 97 प्रतिशत भारतीयों ने मधुमेह के साथ अपने जीवन के दौरान एक या अधिक मधुमेह जटिलताओं का अनुभव किया।

मधुमेह से संबंधित जटिलताएं गंभीर हो सकती हैं और कुछ मामलों में जीवन के लिए खतरा भी हो सकती हैं। इनमें हृदय, आंखें, गुर्दे और पैरों को होने वाली क्षति शामिल है।

भारत में सर्वेक्षण उत्तरदाताओं के बीच अनुभव की जाने वाली सबसे आम जटिलताएं नेत्र समस्याएं (64 प्रतिशत), अवसाद (52 प्रतिशत), और ओरल हेल्‍थ (42 प्रतिशत) समस्याएं थीं।

आधे से अधिक (59 प्रतिशत) उत्तरदाताओं ने कहा कि वे अधिकांश दिनों में मधुमेह से संबंधित जटिलताओं के विकसित होने को लेकर चिंतित रहते हैं।

मधुमेह विशेषज्ञ और अहमदाबाद में मधुमेह देखभाल और हार्मोन क्लिनिक के अध्यक्ष डॉ. बंशी साबू ने कहा, ''भारत में मधुमेह से पीड़ित लगभग हर व्यक्ति ने कम से कम एक जटिलता का अनुभव किया है जो इस स्थिति का प्रबंधन करने के बारे में ज्ञान की कमी को उजागर करता है।''

विश्व स्तर पर मधुमेह से पीड़ित दस में से 7 लोगों (72 प्रतिशत) को इस स्थिति से जुड़ी जटिलताओं के विकसित होने के बाद ही पता चला कि उन्हें मधुमेह है।

विश्व स्तर पर अनुभव की जाने वाली सबसे आम जटिलताएं आंख (46 प्रतिशत), पैर (38 प्रतिशत), और ओरल हेेेेल्‍थ की (37 प्रतिशत) समस्याएं थीं।

टाइप 2 मधुमेह, जो सभी मधुमेह के 90 प्रतिशत से अधिक के लिए जिम्मेदार है, अक्सर लक्षणों के साथ चुपचाप विकसित होता है जिन पर किसी का ध्यान नहीं जाता है। परिणामस्वरूप, कुछ देशों में 50 प्रतिशत से अधिक इस स्थिति वाले कई लोगों का निदान नहीं किया जाता है और जैसा कि शोध से पता चलता है कि जटिलताएं पहले से ही मौजूद हैं।

शोधकर्ताओं ने कहा कि शुरुआती जांच, समय पर उपचार और सूचित आत्म-देखभाल के माध्यम से जटिलताओं के जोखिम को काफी कम किया जा सकता है।