20 हजार लीटर मुफ्त पानी का वादा कहां गया? जनता को जवाब दें मनीष तिवारी: संजीव राणा

20 हजार लीटर मुफ्त पानी का वादा कहां गया? जनता को जवाब दें मनीष तिवारी: संजीव राणा

What happened to the promise of 20

What happened to the promise of 20,000 liters of free water?

चंडीगढ़। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री संजीव राणा ने कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भाजपा पर आरोप लगाने से पहले उन्हें लोकसभा चुनाव के दौरान चंडीगढ़ की जनता से किए गए अपने वादों का हिसाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय 20 हजार लीटर मुफ्त पानी देने का वादा कांग्रेस और मनीष तिवारी ने किया था, लेकिन आज तक वह वादा पूरा नहीं हुआ।


संजीव राणा ने कहा कि उस समय नगर निगम में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी की सत्ता थी तथा मेयर भी उनके गठबंधन का था। यदि वास्तव में जनता को राहत देने की नीयत होती, तो 20 हजार लीटर मुफ्त पानी की योजना उसी समय लागू कर दी जाती। आखिर उस समय किसने रोका था? आज अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करने के बजाय भाजपा पर आरोप लगाना जनता को गुमराह करने का प्रयास है।


उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ की जनता अब केवल घोषणाओं से संतुष्ट नहीं होगी, बल्कि चुनावी वादों का पूरा हिसाब मांगेगी। उन्होंने यह भी कहा कि शहर के जिन क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के दावे किए गए, वहां के लोग आज भी सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं। जनता चाहती है कि घोषणाओं के बजाय धरातल पर परिणाम दिखाई दें।


संजीव राणा ने कहा कि यही सवाल पंजाब के लुधियाना और श्री आनंदपुर साहिब के लोग भी कांग्रेस से पूछ रहे हैं कि चुनावों के दौरान किए गए वादों का क्या हुआ। कांग्रेस की राजनीति केवल चुनावी घोषणाओं तक सीमित नहीं रह सकती। जनता अब जवाब मांग रही है और नेताओं को अपने वादों का सार्वजनिक हिसाब देना होगा।


उन्होंने कहा कि भाजपा विकास, पारदर्शिता और जवाबदेही की राजनीति में विश्वास रखती है। "चुनावी वादे करके भूल जाना और बाद में अपनी नाकामी का ठीकरा दूसरों पर फोड़ना कांग्रेस की पुरानी कार्यशैली रही है। अब जनता सब देख रही है और समय आने पर इसका जवाब भी देगी।"