पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: बंगाल में 'दीदी' का किला ध्वस्त, 200+ सीटों के साथ भाजपा की ऐतिहासिक जीत

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: बंगाल में 'दीदी' का किला ध्वस्त, 200+ सीटों के साथ भाजपा की ऐतिहासिक जीत

West Bengal Elections 2026: Didi fort in Bengal collapses

West Bengal Elections 2026: Didi's fort in Bengal collapses

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए वोटों की काउंटिंग जारी है। अब तक के रुझानों के मुताबिक बीजेपी ऐतिहासिक जीत हासिल करते हुए सूबे में सरकार बनाती हुई नजर आ रही है। बंगाल में 294 विधानसभा सीटें हैं, लेकिन वोटिंग 293 सीटों पर ही हुई। राज्य में इस बार दो चरणों में वोट डाले गए। पहले चरण में 23 और दूसरे चरण में 29 अप्रैल को वोट डाले गए। इस बार पश्चिम बंगाल में रिकॉर्ड मतदान भी हुआ।

ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) पिछले 15 सालों से राज्य की सत्ता पर काबिज हैं। हालांकि, इस बार बीजेपी ने बंगाल में 'खेला' करते हुए बड़ा उलटफेर कर दिया है। आखिर बीजेपी की इस शानदार प्रदर्शन के पीछे वो कौन से वादे रहे, जिसकी काट मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी नहीं निकाल सकीं।

बंगाल में UCC लागू करने का वादा

पश्चिम बंगाल में बीजेपी के शानदार प्रदर्शन के पीछे कई फैक्टर सामने आ रहे हैं। इनमें एक फैक्टर UCC लागू करने का वादा भी है। बीजेपी ने पहली कैबिनेट बैठक में नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA)लागू करने का वादा किया था और इसका पार्टी को जमकर फायदा देखने को मिला है।

महिलाओं के लिए किए बड़े वादे

बंगाल में बीजेपी की बढ़त के पीछे संकल्प पत्र में महिलाओं के लिए की गई बड़ी घोषणाएं भी हैं। बीजेपी ने अपने संकल्प पत्र में केजी से पीजी तक लड़कियों की शिक्षा मुफ्त करने और सरकारी नौकरियों में 33 प्रतिशत आरक्षण देने का वादा किया गया था। साथ ही, हर महिला के बैंक खाते में हर महीने 3,000 रुपये देने की भी बात कही थी, जिसका असर रिजल्ट के दौरान देखने को मिल रहा है।

घुसपैठ को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति लागू करने का वादा

बंगाल में घुसपैठ की समस्या काफी लंबे समय से चली आ रही है और राज्य में चुनाव के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने अपने संबोधन के दौरान कई बार मंच से कहा कि बीजेपी सरकार घुसपैठ को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति पर आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा, 'हम घुसपैठियों को बाहर निकाल देश और बंगाल को सुरक्षित बनाने का काम करेंगे।' जिसका बीजेपी को जमकर फायदा हुआ है और बीजेपी पहली बार राज्य में सरकार बनाने के तरफ अग्रसर है।

राजनीतिक हिंसा की जांच के लिए SIT और मुआवजे का एलान

पश्चिम बंगाल चुनाव के बीजेपी ने पार्टी के सत्ता में आने पर राजनीतिक हिंसा की जांच के लिए SIT गठित करने और दोषियों को सजा दिलाने की बात कही थी। साथ ही, हिंसा के पीड़ितों के लिए विशेष मुआवजा योजना शुरू करने का आश्वासन दिया था, जिसकी काट ममता बनर्जी नहीं निकाल सकीं और इस वजह से बीजेपी को फायदा हुआ।

45 दिनों के भीतर 7वां वेतन आयोग लागू करना

बीजेपी के इस भारी जनादेश के पीछे, 45 दिनों के भीतर 7वां वेतन आयोग और आयुष्मान भारत समेत सभी केंद्रीय योजनाएं बंगाल में लागू करने का वादा भी है। भारतीय जनता पार्टी के इन 5 बड़े फैक्टर का जवाब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नहीं निकाल पाईं और यही कारण है कि पश्चिम बंगाल में टीएमसी सत्ता से बाहर होती नजर आ रही है।